ठेकेदारों की मनमानी, छह महीने में ही उखड़ गई सड़क

ठेकेदारों की मनमानी, छह महीने में ही उखड़ गई सड़क

अमेठी। गाँवों में विकास और यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी जनेश्वर मिश्र व लोहिया समग्र ग्राम योजना चला रही है। लेकिन अमेठी जिले में इन योजनाओं के तहत गाँवों में बनवाए जा रहे मार्गों की हालत नहीं सुधर रही है।

अमेठी जिला मुख्यालय से 19 किमी पूर्व दिशा में संग्रामपुर ब्लॉक के खरेथू गाँव में जनेश्वर मिश्र योजना के तहत बनी सड़क जर्जर हालत में है। गाँव के निवासी रामू सिंह 42 बताते हैं, ''गाँव में छह महीने पहले नई सड़क बनी थी। अभी एक साल भी नहीं हुआ है और यह जगह-जगह से उखड़ गई है। इससे आवाजाही में परेशानी हो  रही है।"

जनेश्वर मिश्र योजना के तहत गाँवों में एक किलोमीटर के मार्ग बनाने में 35 से 40 लाख रुपए की लागत आती है। लेकिन सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में ठेकेदारों का ही बोलबाला चलता है। अमेठी में एक वर्ष मेंं 20 से ज़्यादा इन योजनाओं में गाँवों की सड़कों का निर्माण कराया गया है, जिनमें संग्रामपुर, बहादुरपुर, भादर विकास खण्डों के कई गाँवों में बनाई गई सड़क बनने के बाद उखडऩा शुरू हो गई है।

भेंटवा ब्लॉक के भादव गाँव में दो महीने पहले सड़क बनवाई जा रही थी पर काम बीच में रुक जाने से सड़क अधूरी ही बन पाई। खऱाब सड़क की ओर इशारा करते हुए गाँव के सत्रोहन यादव 44 वर्ष बताते हैं, ''बीच में निर्माण कार्य रुक जाने से सड़क आधी ही बन पाई है। जो बनी भी है वो अब धीरे-धीरे खराब हो रही है। काम रुक जाने से सड़क पर गिट्टी ही गिट्टी हैं, जिससे कई लोग गिर भी चुके हैं। इससे तो अच्छा था की सड़क बनती ही ना।"

जिले के बेनीपुर व संग्रामपुर ब्लॉकों में 10 से ज़्यादा गाँवों में सड़क बनवा चुके ठेकेदार ने नाम ना बताने की शर्त पर बताया, ''सड़क का काम उठाने में ही हमारा बहुत पैसा खर्च हो जाता है। इसमें 10 परसेंट काम के भुगतान के लिए बीस गुना तक विभाग को चुकाना पड़ता है। इसके बाद अगर आप की किस्मत अच्छी है तो तीन-चार महीनों बाद पेमेंट मिलती है। नहीं तो कई महीनों तक पेंमेंन्ट के लिए चक्कर लगाना पड़ता है।"

जहां एक ओर सरकार गाँवों में आवागमन सुधारने के लिए सरकार योजनाओ की मदद से गाँवों में सड़क मार्ग बनवा रही है वहीं दूसरी ओर ठेकेदारों की मनमानी और विभागी अनियमित्तओं के कारण ग्रामीण संपर्क मार्ग बदहाली का शिकार हो रहे हैं। 

गाँवों में खऱाब पड़ी सड़कों की दशा सुधारने के लिए जिलाआधिकारी अमेठी, जगत राज बताते हैं, ''सड़क निर्माण में हो रही लापरवाही के सभी मामलों की जांच कराई जा रही है। अगर अनियमितता मिलती है तो सम्बंधित ठेकेदारों का परमानेंट लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।"

कई गाँवों में बनाई गई थी सड़क

अमेठी में एक वर्ष मेंं 20 से ज़्यादा योजनाओं में गाँवों की सड़कों का निर्माण कराया गया है, जिनमें संग्रामपुर, बहादुरपुर, भादर विकास खण्डों के कई गाँवों में बनाई गई सड़क बनने के बाद उखडऩा शुरू हो गई है।

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