ठंडी पड़ती मिड-डे मील की रसोई

ठंडी पड़ती मिड-डे मील की रसोईgaonconnection

फतेहपुर। गर्मी की छुट्टियों के दौरान स्कूली बच्चों को पका-पकाया भोजन देने की योजना जनपद में औंधे मुंह गिरती हुई नजर आ रही है। इन छुट्टियों के दौरान करीब 2689 परिषदीय मध्यमिक स्कूलों में शासनादेश के मुताबिक, एमडीएम वितरित होना निश्चित हुआ था।

जिलाधिकारी द्वारा 17 मई से छात्रों का ग्रीष्मावकाश घोषित कर दिया गया था, लेकिन छुट्टियों के बावजूद भी एमडीएम वितरित करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद 21 मई को शासन स्तर से जारी आदेश के अंतर्गत सूबे के सभी सूखाग्रस्त जनपदों में एमडीएम वितरण पर मोहर लगा दी गई है। इन्हीं जनपदों में से फतेहपुर जनपद एक है। 

पहले दिन से ही जिले के स्कूली बच्चों में एमडीएम के प्रति खास रूचि नहीं दिखई दी। दिन बीतने के साथ ही लाभान्वित होने वाले बच्चों की संख्या घटती ही जा रही है। बताते चलें कि शहर के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में गुरुजी तो बैठे मिलते हैं लेकिन बच्चों का टोटा रहता है। जिससे एमडीएम की रसोई नहीं चल पा रही है। तमाम जगहों पर ताला बन्दी रहती है तो अनेक जगहों पर गुरुजी तो आ रहे हैं, लेकिन एमडीएम नहीं बन पा रहा है। मलवा ब्लॉक के शिवराजपुर और साई के प्राथमिक विद्यालय सहित बहुवा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय रसूलपुर में बच्चों को हलुवा परोसा गया।

वहीं चैडगरा सहित गाजीपुर प्राथमिक विद्यालय में गुरुजी पहुंचे, लेकिन बच्चों का टोटा रहा। वहीं प्राथमिक विद्यालय हरबंसपुर, मौहार, सहितखजुहा ब्लॉक के कई स्कूलों में ताला बन्द रहा। खागा और बिन्दकी तहसील के प्राथमिक विद्यालय हथगाम तृतीय, खैराई प्रथमिक विद्यालय, कन्या विद्यालय सहजादपुर गांधी प्राथमिक स्कूल, कटरा प्राथमिक स्कूल, जहानपुर प्राथमिक स्कूल सहित कई स्कूलों में शिक्षक और शिक्षकाएं आयीं, लेकिन खाना नहीं बन पाया। बच्चों के न आने से एमडीएम समन्वयक आशीष दीक्षित के मुताबिक, ब्लॉकों से आई रिपोर्ट के आधार पर पिछले कई दिनों में मात्र 1.5 प्रतिशत स्कूली बच्चों को ही एमडीएम के तहत भोजन दिया जा सका है। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट संकलित कर उच्चाधिकारियों को दी जा रही है।

बीएसए विनय कुमार ने बताया, “एमडीएम बनवा कर परोसे जाने पर लापरवाही बरती जा रही है। संकलित रिपोर्ट जिला अधिकारी को दी गई है। इसके बाद अब लापरवाही करने वाले शिक्षक और शिक्षिकाओं को कार्रवाई की जद में लिया जायेगा जो लापरवाह पाए जाएंगे। जो बच्चे एमडीएम में नहीं आ रहे हैं उन्हें बुलाना पड़ेगा और इसको सभी बच्चों तक पहुंचाने के लिये प्रयास करने होंगे।” वहीं बहुआ ब्लॉक इकाइ ने बीएसए से मिल कर एमडीएम वितरण में इकाई ने विरोध दर्ज कराया है और विरोध जताया है। उक्त प्रथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष धीरेन्द्र सिंह ने बताया, “ब्लॉक इकाई मौजूदा व्यवस्था का पुरजोर विरोध करती है।”

एमडीएम की हकीकत देखेगी कमेटी

सहायक शिक्षा निर्देशक (बेसिक) ने स्कूलों में एमडीएम की जांच के लिये छह सदस्यीय कमेटी गठित की है। एक समिति प्रतापगढ़, कैसाम्बी, फतेहपुर और इलाहाबाद में भ्रमण करके एमडीएम की हकीकत देखेगी।

रिपोर्टर - आशुतोष शुक्ला

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