उच्च प्राथमिक विद्यालयों में जल्द दूर होगी प्रधानाध्यापकों की कमी

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कानपुर। जिले के बेसिक शिक्षा परिषद के 450 उच्च प्राथमिक विद्यालयों (जूनियर हाईस्कूल) को अगस्त के अंत तक स्थाई प्रधानाध्यापक मिल जाएंगे। इन स्कूलों में प्रधानाध्यापक का पद सालों से वरिष्ठ शिक्षक शिक्षिकाओं के हवाले है।

शिक्षकों की पदोन्नति व प्रधानाध्यापकों की सीधी भर्ती में लापरवाही के चलते जिले के 575 जूनियर स्कूलों में 450 में वर्षों से प्रधानाध्यापक का पद खाली चल रहा है। उधर शिक्षकों को भी प्रोन्नति की सालों से प्रतीक्षा है।

पिछले वर्षों में जूनियर स्कूलों में गणित व विज्ञान के शिक्षकों की कमी दूर करने को प्रधानाध्यापकों के खाली पदों के सापेक्ष गणित व विज्ञान शिक्षकों की नियुक्तियां करने से स्थायी प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति पर संकट और बढ़ गया था। शासन के आदेश पर जिले में प्रधानाध्यापकों के खाली पदों को प्रोन्नति से भरने का सिलसिला शुरू हुआ है।

प्रधानाध्यापकों के पदों पर प्राथमिक विद्यालयों के वरिष्ठ प्रधानाध्यापकों व जूनियर के वरिष्ठ शिक्षकों की पदोन्नति होगी। बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय ने वरिष्ठता सूची तैयार कर ली है। आंकड़े बताते हैं कि लगभग 40 फीसद प्राथमिक के प्रधानाध्यापकों व 60 फीसद पदों पर जूनियर के शिक्षकों को पदोन्नति मिल जाएगी। पदोन्नति से खाली पदों पर प्राथमिक के वरिष्ठ शिक्षकों को पदोन्नति मिल सकती है।

प्रधानाध्यापकों के खाली पदों के सापेक्ष गणित व विज्ञान शिक्षकों की भर्ती होने सें पैदा हुआ शिक्षकों की संख्या का असंतुलन भी इस पदोन्नति मुहिम से खत्म हो जाएगा।

शिक्षा अधिकारी बताते हैं कि यदि सब कुछ ठीक रहा हो अगस्त के तीसरे या चौथे सप्ताह में पदोन्नत प्रधानाध्यापक कार्यभार ग्रहण कर लेंगे। इससे स्कूल में पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ाने में  मदद मिलेगी।

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