उड़ता पंजाब उड़ता यूपी, जाती है अफ़ीम, आती है हेरोइन

उड़ता पंजाब उड़ता यूपी, जाती है अफ़ीम, आती है हेरोइनgaonconnection

टिकरा उसमा गाँव (बाराबंकी)/लुधियाना। ‘उड़ता पंजाब’ नामक फिल्म की रिलीज़ से पहले मादक पदार्थों का विषय चर्चा में है, लेकिन सीमा के इस पार ‘उड़ता यूपी’ भी पीछे नहीं है। उत्तर प्रदेश से अफीम पंजाब भेजी जाती है, और पंजाब से बदले में हेरोइन वापस आती है।

नशे के कारोबार के निशान ढूंढ़ने जब गाँव कनेक्शन रिपोर्टर अफीम की खेती के लिए कभी मशहूर रहे बाराबंकी जिले के टिकरा उसमा गाँव पहुंचा तो गाँव में सन्नाटा फैला था। सिर्फ कुछ बच्चे खेल रहे थे। ग्राम प्रधान गाँव में नहीं थे, फ़ोन करने पर बोले, ‘अब तो यहां अफीम की खेती नहीं होती। बचपन में होती थी, पुलिस ने कार्रवाई की तो बंद कर दी गई।’ लेकिन गाँव के बाहर गाय-भैंसों को चरा रहे एक ग्रामीण ने नाम न बताने की शर्त पर बताया “यहीं गाँव में ही बनता है मारफीन, दिन में कोई नहीं दिखता, पूरी रात मारफीन बनती है। यहीं नहीं आस-पास गाँव के लोगों के अलावा लखनऊ, हरदोई, रायबरेली जि़लों के लोग भी यहीं बाग में आए दिन आते हैं और मारफीन पीते हैं।”

अफ़ीम इसी नाम के पौधे के ‘दूध’ को सुखा कर बनाया गया पदार्थ है, जिसका सेवन नशे के रूप में किया जाता है। अफीम में 12% तक मार्फीन पायी जाती है जिसको प्रसंस्कृत (प्रॉसेस) करके हेरोइन नामक खतरनाक ड्रग बनता है। उत्तर प्रदेश में नशे का व्यापार इतनी तेज़ी से बढ़ रहा है कि अब नशे के खिलाफ लड़ने वाले अधिकारी यह तक कहने लगे हैं कि नशाखोरी के लिए देश में सबसे ज़्यादा बदनाम पंजाब के बाद, उत्तर प्रदेश अब दूसरे स्थान पर पहुंच रहा है।

बाराबंकी से सैकड़ों किलोमीटर दूर पंजाब के लुधियाना जिले में गाँव कनेक्शन रिपोर्टर को एक युवक मिला जिसने अपना नाम दीपेंद्र उर्फ पठान उर्फ छोटा बताया। ‘हेरोइन को पंजाब में चिट्टा यानि के सफेद माल कहा जाता है कुछ कूरियर (ड्रग्स के वाहक) ऐसे भी हैं जो यूपी से अफीम पंजाब लाते हैं और बदले में पंजाब से हेरोइन यूपी में ले जाते हैं।’ पठान ने गाँव कनेक्शन को बताया ‘अधिकतर कूरियर वो होते हैं जो खुद इसका नशा करते हैं और उसे पूरा करने के लिए कूरिअर का काम करते हैं।’ 

पंजाब पुलिस के अधिकारियों का दावा है कि नशे के खिलाफ मुहिम बदस्तूर जारी है। “आप पंजाब के लिए नशे से बर्बाद वाली बात न कहें... यूपी से पंजाब में अफीम और पोस्ता डोडा आता है। पंजाब पुलिस नारकोटिक्स विंग के आईजी ईश्वर सिंह ने गाँव कनेक्शन को बताया “इसको (ड्रग्स) हम लगातार पकड़ रहे हैं। पिछले महीने पंजाब के अटारी बॉर्डर पर पकिस्तान से आते हुए उत्तर प्रदेश के शामली जिले के चार लोग पकड़े भी गए थे जिन में दो महिलाएं भी शामिल थीं। इन से हथियार भी बरामद हुए थे जो पकिस्तान से लाये गए थे।”  

पठान’ के माध्यम से हमें लुधियाना के देहात कुलगहना उर्फ कुल्ला गाँव से तीन हज़ार रुपए में दस ग्राम हेरोइन, दीप नगर से सोलह सौ रुपए प्रति दस ग्राम स्मैक, ट्रांसपोर्ट नगर से 600 रुपए की सौ ग्राम भुक्की (पोस्त डोडा) खुल्ले आम बिकता मिला हालांकि किसी भी नए खरीदार को नशे के सौदागर आसानी से माल देने से कतराते भी देखे। ‘जी अफीम को यहां काला माल कहते हैं और ये अधिकतर उत्तर प्रदेश से आती है’ लुधियाना रेलवे स्टेशन पर मिले अफीम के सौदागर राजेश चाचा ने कहा। आगे बताते हैं ‘इस के साथ पोस्त डोडा भी यूपी से ही आता है जिसे पंजाब में भुक्की कहते है। वो अफीम 800 रुपए की दस ग्राम के हिसाब से बेचता है।’ पंजाब के अधिकारी ईश्वर सिंह ने बताया ‘पहले के मुकाबले इन पर काफी कंट्रोल हुआ है। अब हम ये हिसाब तो रख नहीं सकते कि किस प्रदेश से कब और कितना माल पंजाब में आया, या जो पकड़ा गया वो कहां भेजा जा रहा था हमारा काम तो इस नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने का है।’

रिपोर्टर - सुनील तनेजा

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