वित्त मंत्री अरुण जेटली के आम बजट की अहम बातें, पढ़िए किसे क्या मिला

वित्त मंत्री अरुण जेटली के आम बजट की अहम बातें, पढ़िए किसे क्या मिलावित्त मंत्री अरुण जेटली।

नई दिल्ली (आईएएनएस)। वसंत पंचमी के अवसर पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज देश का आम बजट 2017-18 संसद में पेश किया। वित्त मंत्री अरुण जेटली रेल बजट भी पेश किया। आम बजट में विलय के बाद पेश होने वाला यह प्रथम रेल बजट होगा।

बजट में मध्यम वर्ग, छोटे कारोबारी को कर में राहत, कालेधन पर शिकंजा और कसा

नोटबंदी की मार से जूझ रहे वेतनभोगी मध्यवर्ग और छोटे कारोबारियों को राहत देते हुए वित्त मंत्री अरूण जेटली ने आज ढाई से पांच लाख रुपए तक की सालाना व्यक्तिगत आय वालों पर कर की मौजूदा 10 प्रतिशत दर को घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया। इसके साथ ही 50 करोड़ रुपए तक का वार्षिक कारोबार करने वाली छोटी इकाइयों के लिए कर की दर घटाकर 25 प्रतिशत कर दी।

केन्द्रीय बजट की प्रतियों की जांच करता कुत्ता।

वित्त मंत्री ने हालांकि, 50 लाख से लेकर एक करोड़ रुपए की सालाना कमाई करने वालों पर 10 प्रतिशत अधिभार लगाने का प्रस्ताव किया है तथा एक करोड़ रुपए से अधिक सालाना व्यक्तिगत कमाई करने वालों पर 15 प्रतिशत अधिभार को बरकरार रखा है।

बजट में सिगरेट, तंबाकू पान मसाला पर शुल्क भी बढ़ा दिया गया है।

जेटली ने आज लोकसभा में 2017-18 का आम बजट पेश करते हुए कालेधन पर नियंत्रण के नए उपाय के तहत तीन लाख रुपए से अधिक के लेनदेन पर पाबंदी लगाने और राजनीतिक दलों पर किसी एक व्यक्ति से 2000 से अधिक नकद चंदा प्राप्त करने पर रोक लगाने की घाषणा की। बजट में डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने की भी घोषणा की गयी है।

बजट में आवास क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन के कई प्रस्ताव किए गए हैं।

वित्त मंत्री ने बजट में कृषि, डेयरी, शिक्षा, कौशल विकास, रेलवे और अन्य बुनियादी ढांचा क्षेत्रों के लिए आवंटन बढ़ाने का प्रस्ताव किया है तथा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की व्यवस्था में सुधार तथा सार्वजनिक उपक्रमों के शेयरों को बाजार में लाने की नई पहल जैसे कई सुधारवादी कदमों की घोषणा की है।

इस बार के आम बजट में रेलवे बजट को भी मिलाया गया है। इस लिहाज से यह एेतिहासिक बजट है, इसके साथ ही आमतौर पर फरवरी के अंत में बजट पेश किया जाता है लेकिन इस बार इसे फरवरी माह के शुरू में ही पेश किया गया।

केन्द्रीय बजट 2017-18।

करदाताओं को लाभ

जेटली ने कहा कि 2.5-5.0 लाख रुपए के आयवर्ग में पर कर की दर घटाने से इस दायरे में आने वाले सभी करदाताओं को लाभ होगा। इससे छूट सहित उनकी कर देनदारी शून्य रह जाएगी या उसमें 50 प्रतिशत तक कमी आएगी। प्रत्यक्ष करों में छूट से 15,500 करोड़ रुपए का राजस्व-त्याग होने का अनुमान हेै जबकि 50 लाख से एक करोड़ रुपए की सालाना आय पर 10 प्रतिशत अधिभार से 2,700 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।

पांच लाख रुपए से ऊपर वालों को मिलेगा समान लाभ

वित्त मंत्री ने कहा कि कर लाभ के दोहराव को रोकने के लिए निम्नतम आयवर्ग (2.5-5.0 लाख रुपए) में 3.5 लाख रुपए तक की आय वालों को मिलने वाली छूट को कम करके 2,500 रुपए किया जा रहा है, इससे 3 लाख रुपए तक की आयवालों की कर देनदारी शून्य और तीन से 3.5 लाख रुपए सालाना आयवालों की कर देनदारी मात्र 2500 रुपए रहेगी। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर पांच लाख रुपए सालाना आय पर कर देनदारी घटकर आधी होने से पांच लाख से ऊपर के अन्य सभी आय वर्ग में आने वाले लोगों को भी 12,500 रुपए का समान लाभ मिलेगा।

साठ वर्ष अथवा इससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के मामले में तीन लाख रुपए तक की आय पर कोई कर नहीं है जबकि 80 वर्ष अथवा इससे अधिक उम्र के बुजुर्गों की पांच लाख रुपए तक की सालाना आय कर मुक्त है। नई कर श्रेणियों के मुताबिक 2.5 लाख से पांच लाख रुपए तक की आय पर पांच प्रतिशत, पांच लाख से 10 लाख रुपए तक की आय पर 20 प्रतिशत और 10 लाख रुपए से अधिक की आय पर 30 प्रतिशत की दर से कर लगेगा।

तीन लाख रुपए या अधिक के नकद लेनदेन पर रोक

वित्त मंत्री ने कालेधन के खिलाफ अपने अभियान को आगे बढ़ाते हुए तीन लाख रुपए अथवा इससे अधिक के नकद लेनदेन पर रोक लगा दी है। इसी प्रकार राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे में पारदर्शिता लाने के लिए 2,000 रुपए से अधिक का कोई भी चंदा केवल चेक अथवा ऑनलाइन लेनदेन के जरिए ही लिया जा सकेगा। राजनीतिक दल अब किसी व्यक्ति से केवल 2,000 रुपए ही नकद चंद ले सकेंगे।

बजट भाषण सुनते केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी।

बजट को गाँवों, किसानों और गरीबों के हित में बताया है। उन्होंने कहा कहा कि बजट में भ्रष्टाचार और कालाधन समाप्त करने के लिए प्रतिबद्धता झलकती है।
नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री

वित्त मंत्री ने कहा कि अर्थव्यवस्था में नए नोट डालने का काम तेज हुआ है और जल्दी ही यह संतोषजनक स्तर पर पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा कि नोटबंदी का असर अगले साल पर पड़ने की आशंका नहीं है।

शेयर बाजार ने भी बजट का स्वागत किया है और बंबई शेयर बाजार का संवेदी सूचकांक आज 480 अंक से अधिक चढ़कर 28,000 अंक से ऊपर निकल गया।

वित्त मंत्री ने इस बात को ध्यान में रखते हुए की अप्रत्यक्ष करों के क्षेत्र में नई व्यवस्था वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) जल्द ही लागू होने वाली है, इसलिए उन्होंने बजट में अप्रत्यक्ष करों में कोई छेड़छाड़ नहीं की। केवल कुछ बदलाव उन्होंने किए हैं जिनमें तंबाकू उत्पादों, सोलर पैनल और मोबाइल फोन के सर्किट पर उत्पाद एवं सीमा शुल्क में वृद्धि की गई है। पान मसाला पर उत्पाद शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत और गैर-विनिर्मित तंबाकू पर 4.2 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.3 प्रतिशत कर दिया गया। सिगरेट पर भी उत्पाद शुल्क में वृद्धि की गई है।

मोबाइल फोन महंगा हो सकता है। बजट में मोबाइल फोन में काम आने वाले प्रिटेड सर्किट बोर्ड (पीसीबी) के आयात पर दो प्रतिशत विशेष शुल्क का प्रस्ताव किया गया है।

वित्त मंत्री ने न्यूनतम वैकल्पिक कर (मैट) को समाप्त करने की संभावना से इनकार किया है लेकिन उन्होंने मैट क्रेडिट की सुविधा को अगले 10 साल के बजाय 15 साल तक जारी रखने की अनुमति दे दी है।

फसली ऋण सीमा के लिए 10 लाख करोड़ रुपए का नया लक्ष्य तय

नोटबंदी के प्रभाव को कम करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में फसली ऋण सीमा के लिए 10 लाख करोड़ रुपए का नया लक्ष्य तय किया है जबकि फसल बीमा योजना के लिए 9,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है. उन्होंने 5,000 करोड़ रुपए के शुरआती कोष के साथ नाबार्ड के तहत एक सूक्ष्म-सिंचाई परियोजनाओं के लिए प्रतिबद्ध कोष स्थापित किया है।

मनरेगा का आवंटन बढ़ा

बजट में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के लिए आवंटन को चालू वित्त वर्ष के 38,500 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 2017-18 में 48,000 करोड़ रुपए कर दिया गया है। इसके साथ ही ग्रामीण सड़क कार्यक्रम के लिए 19,000 करोड़ रुपए दिए गए हैं।

ग्रामीण, कृषि और सहायक क्षेत्रों के लिए कुल 1,87,223 करोड़ रुपए के आवंटन का प्रावधान है जो कि पिछले साल के मुकाबले 24 प्रतिशत अधिक है। बुनियादी ढांचागत क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए रेलवे के पूंजीगत व्यय और विकास कार्यों के लिए 1,31,000 करोड़ रुपए रखे गए हैं जिसमें 55,000 करोड़ रुपए केंद्रीय बजट से दिए जाएंगे। रेलवे यात्री सुरक्षा, पूंजी और विकास कार्यों, साफ सफाई और वित्त एवे लेखा सुधारों पर गौर करेगी। पांच साल में एक लाख करोड़ रुपए के कोष से एक यात्री सुरक्षा कोष बनाया जाएगा। इसके अलावा पहचान किए गए मार्गों का आधुनिकीकरण और उन्नयन किया जाएगा।

3,500 किलोमीटर रेलवे लाइन बनाने का लक्ष्य

अगले वित्त वर्ष में 3,500 किलोमीटर रेलवे लाइन बनाई जाएगी जबकि चालू वित्त वर्ष में 2,800 किलोमीटर रेल लाइन का निर्माण किया गया। पर्यटन और तीर्थाटन के लिए विशेष गाड़ियां चलाई जाएंगी। सड़क क्षेत्र में राजमार्गों के लिए आवंटन 2016-17 के 57,976 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 64,900 करोड़ रुपए किया गया है।

रेल, सड़क और जहाजरानी समूचे क्षेत्र के लिए अगले वित्त वर्ष में कुल मिलाकर 2,41,387 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है।

जेटली ने कहा, ‘‘इतनी राशि का निवेश होने से आर्थिक गतिविधियों में काफी तेजी आएगी और अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे।'' वित्तीय क्षेत्र में सुधारों को बढ़ाते हुए बजट में विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) को समाप्त करने का भी प्रस्ताव किया गया है।

मोदी सरकार के इस चौथे बजट में कुल व्यय 21.47 लाख करोड़ रुपए रखा गया है। रक्षा कर्मियों के पेंशन भुगतान को छोड़कर रक्षा व्यय के लिए 2,74,114 करोड़ रुपए रखे गए हैं। इसमें 86,488 करोड़ रुपए पूंजी व्यय होगा।

जेटली ने कहा की बजट में योजना और गैर-योजना व्यय के वर्गीकरण को समाप्त कर दिया गया है और अब ध्यान पूंजी और राजस्व व्यय पर होगा। उन्होंने कहा ‘‘मैंने पूंजी खर्च को पिछले साल के मुकाबले 25.4 प्रतिशत बढा दिया है, इसका बहुआयामी प्रभाव होगा और इससे वृद्धि दर तेज होगी।''

उन्होंने कहा, ‘‘राज्यों और विधानसभा वाले संघ शासित प्रदेशों को इस बजट से कुल 4.11 लाख करोड़ रुपए के वित्तीय संसाधन हस्तांतरित होंगे जबकि पिछले बजट में 3.60 लाख करोड़ रुपए के वित्तीय संसाधन हस्तांतरित होने का अनुमान है।''

वित्तीय जवाबदेही एवं बजट प्रबंधन (एफआरबीएम) समिति की राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का तीन प्रतिशत रखने की कार्ययोजना के बारे में वित्त मंत्री ने कहा कि 2017-18 में यह 3.2 प्रतिशत रहेगा और उसके बाद के वर्ष में तीन प्रतिशत का लक्ष्य हासिल करने के लिए वह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इस कार्ययोजना के साथ मैंने सार्वजनिक निवेश के साथ समझौता किए बिना राजकोषीय सुदृढीकरण का अनुपालन किया है।''

भारतीय रुपए कहां जाता है कहां से आता है।

बजट में आगामी वित्त वर्ष के दौरान बाजार से शुद्ध उधारी 3.48 लाख करोड़ रुपए तक सीमित रहने का अनुमान लगाया गया है जो कि चालू वित्त वर्ष के दौरान 4.25 लाख करोड़ रुपए रही। ‘‘इससे भी महत्वपूर्ण यह है कि वर्ष 2016-17 के बजट में राजस्व घाटा 2.3 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था, संशोधित अनुमान में यह कम होकर 2.1 प्रतिशत रह गया और अगले वित्त वर्ष में इसके 1.9 प्रतिशत रहने का अनुमान रखा गया है. खास बात यह है कि एफआरबीएम कानून में इसके 2017-18 तक 2 प्रतिशत रहने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन बजट में यह इससे भी कम रहने का अनुमान है।''

ये हैं मुख्य बिन्दु

  1. सरकार आर्थिक वृद्धि का लाभ किसानों और कमजोर वर्गों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध।
  2. विश्व के चुनौतीपूर्ण आर्थिक परिदृश्य में भारत चमकता सितारा : जेटली
  3. हम विवेकाधीन प्रशासन से नीति आधारित प्रशासन की ओर मुड चुके हैं : जेटली
  4. दोहरे अंक की मुद्रास्फीति नियंत्रण में, सुस्त वृद्धि तेज वृद्धि में बदली, कालेधन के खिलाफ लडाई छेड़ी : जेटली
  5. नोटबंदी साहसिक और निर्णायक फैसला : जेटली
  6. नोटबंदी अर्थव्यवस्था को साफसुथरा और स्वच्छ बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों में से एक। इसके दीर्घकालिक फायदे मिलना तय : जेटली
  7. गांधी जी ने कहा था कि सही दिशा में उठाया गया कदम कभी असफल नहीं होता : वित्त मंत्री
  8. बैंकों में बढ़ी जमा से ब्याज दरों को नीचे लाने में मदद मिलेगी : जेटली
  9. बजट में ग्रामीण इलाकों, गरीबी उन्मूलन व बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ाने पर जोर :जेटली
  10. रेल बजट को आम बजट में मिलाना ऐतिहासिक कदम। इससे रेलवे सरकार की राजकोषीय नीति के केंद्र में आ गई है : जेटली
  11. बजट में कृषि ऋण के लिए 10 लाख करोड़ रुपए का लक्ष्य : जेटली
  12. किसानों की आय दोगुनी करने, युवाओं को रोजगार के लिए सक्षम बनाने और डिजिटल अर्थव्यवस्था सहित बजट में 10 बिंदुओं पर जोर।
  13. फसल बीमा योजना के लिए 2017-18 में 9,000 करोड़ रुपए का प्रावधान। इस योजना का कवरेज 2016-17 के 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 2017-18 में 40 प्रतिशत तथा 2018-19 में 50 प्रतिशत करने का लक्ष्य : जेटली
  14. अनुबंधित खेती के लिए एक आदर्श कानून बनाया जाएगा।
  15. कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में 4.1 प्रतिशत रहने का अनुमान : जेटली
  16. वर्ष 2017-18 में मनरेगा के लिए 48,000 करोड़ रुपए का प्रावधान। 2016-17 में इसके लिए 38,500 करोड़ रुपए रखे गए थे।
  17. 50,000 ग्राम पंचायतों को भी गरीबी मुक्त किया जाएगा : जेटली
  18. ग्रामीण एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए 2017-18 में 1,87,223 करोड़ रुपए का प्रावधान : जेटली
  19. विश्व बैंक का अनुमान 2017-18 में वृद्धि दर 7.6 प्रतिशत तथा 2018-19 में 7.8 प्रतिशत रहेगी।
  20. हम गरीबों की भलाई के लिए आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाते रहेंगे : जेटली
  21. चालू खाता घाटा मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही में घटकर 0.3 प्रतिशत रहा। पिछले वित्त वर्ष में यह एक प्रतिशत था।
  22. 2019 तक एक करोड़ परिवारों को गरीबी से बाहर निकाला जाएगा।
  23. मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ऋण से जुड़ी सब्सिडी योजना की अवधि 15 से बढ़ाकर 20 साल की।
  24. बेघरों के लिए 2019 तक एक करोड़ मकान बनाने का लक्ष्य : जेटली
  25. दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना के लिए 2017-18 में 2,814 करोड़ रुपए : जेटली
  26. यूजीसी में सुधार करेगी सरकार : जेटली
  27. संरक्षणवाद बढ़ रहा है : जेटली
  28. सभी 648 कृषि विज्ञान केंद्रों में योग्य स्थानीय उद्यमियों द्वारा सूक्ष्म मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं बनाई जाएंगी : जेटली
  29. नोटबंदी का असर अगले वित्त वर्ष में जाने की आशंका नहीं : जेटली
  30. प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रवाह में 36 प्रतिशत वृद्धि, जनवरी में विदेशी मुद्रा भंडार 361 अरब डॉलर जो 12 महीनों की जरुरत के लिए पर्याप्त : जेटली
  31. उच्च शिक्षा की सभी परीक्षाओं के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी बनाई जाएगी, सीबीएसई और अन्य एजेंसियों को मुक्त किया जाएगा : जेटली
  32. हमें वैश्विक वृद्धि के इंजन के तौर पर देखा जा रहा है, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष भारत को बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज वृद्धि करने वाली अर्थव्यवस्था के तौर पर देखता है : वित्त मंत्री
  33. 14 लाख आंगनवाडी केंद्रों में महिला शक्ति केंदों के लिए 500 करोड़ रुपए दिए जाएंगे : जेटली
  34. 350 ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के साथ स्वयंम प्लेटफार्म का प्रस्ताव : जेटली
  35. सरकार ने दो विवर्तनिक नीतिगत फैसले लिए हैं, एक जीएसटी विधेयक और दूसरा नोटबंदी : जेटली
  36. झारखंड, गुजरात में दो नए एम्स का प्रस्ताव : जेटली
  37. वर्ष 2025 तक टीबी समाप्त करने का लक्ष्य : जेटली
  38. ड्रग्स एवं कॉस्मेटिक नियमों में बदलाव का प्रस्ताव : जेटली
  39. अनुसूचित जाति, जनजाति, अल्पसंख्यक समुदाय के लिए 2017-18 में आवंटन 35 प्रतिशत बढ़ाकर 52,393 करोड़ रुपए का प्रावधान : जेटली
  40. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में प्रतिदिन 133 किलोमीटर सड़क निर्माण। 2011-14 के दौरान औसत सड़क निर्माण 73 किलोमीटर प्रतिदिन था।
  41. वरिष्ठ नागरिकों के लिए आधार कार्ड आधारित स्मार्ट स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जाएंगे : जेटली
  42. मई 2018 तक 100 प्रतिशत गाँवों का विद्युतीकरण हो जाएगा : जेटली
  43. रेलवे को केंद्रीय बजट से 2017-18 में 55,000 करोड़ रुपए की सहायता मिलेगी। रेलवे का कुल पूंजीगत निवेश 1.31 लाख करोड़ रुपए रखने का प्रस्ताव।
  44. बजट में रेल रक्षा एवं संरक्षा कोष के लिए एक लाख करोड़ रुपए का प्रावधान।
  45. वर्ष 2017-18 में 25 रेलवे स्टेशनों का पुन: विकास किया जाएगा। 500 स्टेशनों को दिव्यांगों के लिए सुविधाजनक बनाया जाएगा। 7,000 स्टेशनों पर सौर ऊर्जा की व्यवस्था होगी : जेटली
  46. नई मेट्रो रेल नीति की घोषणा करेगी सरकार।
  47. आईसीआरटीसी के जरिए ई टिकट बुकिंग पर सेवा कर समाप्त होगा : जेटली
  48. रेल कोच से संबंधित शिकायतों को दूर करने के लिए सरकार का ‘कोच मित्र' सुविधा का प्रस्ताव।
  49. रेल के किराये-भाड़े का निर्धारण लागत, सामाजिक जिम्मेदारी तथा प्रतिस्पर्धा के आधार पर किया जाएगा।
  50. सडकों, हवाई अड्डों तथा अन्य बुनियादी क्षेत्रों के लिए 2017-18 में 2,41,387 करोड़ रुपए का आबंटन : जेटली
  51. मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग 2020 तक समाप्त की जाएंगी।
  52. 2017-18 में 3,500 किलोमीटर नई रेल लाइनों को चालू करने का लक्ष्य। 2016-17 में 2,800 किलोमीटर की लाइनें शुरू की जा रही हैं।
  53. बजट में फ्लूयोरॉइड और आर्सेनिक प्रभावित 28,000 रिहायशों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का प्रस्ताव। गाँवों में अक्तूबर 2016 तक स्वच्छता का कवरेज 60 प्रतिशत। पहले यह 42 प्रतिशत था, इस प्रकार कुल 18 प्रतिशत की वृद्धि : जेटली
  54. प्रधानमंत्री कौशल केंद्रों का 600 जिलों तक विस्तार होगा। 100 अंतरराष्ट्रीय कौशल केंद्र खोले जाएंगे, जिससे लोगों को विदेशों में नौकरी में मदद मिलेगी : जेटली
  55. 1.5 लाख स्वास्थ्य उपकेन्द्रों को स्वास्थ्य वेलनेस केंद्रों में बदला जाएगा : जेटली
  56. इलेक्ट्रानिक विनिर्माण इलेक्ट्रानिक विनिर्माण क्षेत्र में प्रोत्साहन के लिए 2017-18 में 745 करोड़ रुपए का आबंटन : जेटली
  57. राष्ट्रीय आवास बैंक वित्त वर्ष 2017-18 में 20,000 करोड़ रुपए के व्यक्तिगत आवास ऋणों केे लिए पुनर्वित्त सुविधा उपलब्ध कराएगा।
  58. राजमार्गों के लिए 2017-18 में 64,900 करोड़ रुपए का प्रावधान : जेटली
  59. स्वास्थ्य उपकरणों की लागत कम करने के लिए नए नियम तैयार किए जाएंगे : जेटली
  60. इंद्रधनुष योजना के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को 2017-18 10,000 करोड़ रुपए की शेयर पूंजी उपलब्ध कराई जाएगी ।
  61. आदर्श दुकान एवं प्रतिष्ठान विधेयक महिलाओं को रोजगार के अतिरिक्त अवसर देगा : जेटली
  62. वरिष्ठ नागरिकों को आठ प्रतिशत गारंटीशुदा रिटर्न के लिए एक योजना : जेटली
  63. आरबीआई में भुगतान नियामकीय बोर्ड बनाने का प्रस्ताव।
  64. डिजिटल भुगतान को बढावा देने के लिए रेफरल बोनस योजना, कैश बैक योजना शुरू की जाएगी। आधारयुक्त भुगतान प्रणाली भी जल्द शुरू होगी : जेटली
  65. दूसरी श्रेणी के शहरों में चुनिंदा हवाई अड्डों पर परिचालन शुरु होगा। इनका विकास पीपीपी माडल के तहत होगा : वित्त मंत्री
  66. वर्ष 2017-18 में कुल 21,47,000 करोड़ रुपए के व्यय का बजट : जेटली
  67. दिल्ली और जयपुर में ठोस कचरा प्रबंधन संयंत्र होंगे और पांच अन्य को बाद में स्थापित किया जाएगा।
  68. रक्षा क्षेत्र के लिए 86,484 करोड़ रुपए के पूंजी व्यय सहित कुल 2,74,114 करोड़ रुपए का आबंटन। इसमें पेंशन राशि शामिल नहीं : वित्त मंत्री
  69. वर्ष 2017-18 के लिए राजकोषीय घाटा जीडीपी का 3.2 प्रतिशत तथा 2018-19 में तीन प्रतिशत रखने का लक्ष्य ।
  70. राज्यों और संघ शासित प्रदेशों को 4.11 लाख करोड़ रुपए के संसाधनों का अंतरण : जेटली
  71. ओडिशा और राजस्थान में कच्चे तेल के रणनीतिक भंडार स्थापित किए जाएंगे। यह पहले से निर्मित ऐसे तीन भंडारों से अलग होेंगे : वित्त मंत्री
  72. अगले वित्त वर्ष में राजस्व घाटा जीडीपी का 1.9 प्रतिशत रहने का अनुमान।
  73. देश से धन लेकर विदेश भाग जाने वाले लोगों की संपत्ति जब्त करने के लिए कानून बनाएगी सरकार।
  74. अब 90 प्रतिशत से अधिक एफडीआई प्रस्तावों को स्वत: मार्ग से मंजूरी दी जा रही है।
  75. सार्वजनिक निजी भागीदारी में बनायी जाने वाली बुनियादी ढांचा योजनाओं से जुड़े विवाद संस्थागत तरीके से हल किए जाएंगे : वित्त मंत्री
  76. सरकार गरीब और निर्दोष निवेशकों के संरक्षण के लिए बहु राज्य सहकारी कानून में संशोधन करेगी : वित्त मंत्री
  77. विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड (एफआईपीबी) समाप्त होगा।
  78. चालू वित्त वर्ष की तीन तिमाहियों में अग्रिम व्यक्तिगत आयकर भुगतान में 34.8 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि हुई है।
  79. हमारा समाज काफी हद तक कर अनुपालन नहीं करता है : जेटली
  80. वित्तीय क्षेत्र की साइबर सुरक्षा के लिए कंप्यूटर आपातकाल रिस्पांस टीम बनायी जाएगी।
  81. पिछले साल आठ नवंबर को नोटबंदी के बाद 30 दिसंबर तक 1.09 करोड़ बैंक खातों में दो लाख रुपए से लेकर 80 लाख रुपए तक की राशि जमा कराई गई। प्रत्येक बैंक खाते में औसतन 5.03 लाख रुपए जमा किए गए।
  82. 1.48 लाख बैंक खातों में 80 लाख रुपए से अधिक की राशि जमा की गई। औसतन प्रत्येक खाते में 3.31 करोड़ रुपए जमा हुए : वित्त मंत्री
  83. 50 करोड़ रुपए सालाना तक का कारोबार करने वाली कंपनियों पर कंपनी आयकर की दर घटाकर 25 प्रतिशत की गई।
  84. बजट में आवास क्षेत्र के लिए कर में कई रियायतें।
  85. मुद्रा योजना के तहत वित्त वर्ष 2017-18 में 2.44 लाख करोड़ रुपए वितरण का लक्ष्य ।
  86. एलएनजी पर मूल सीमा शुल्क पांच से घटाकर ढाई प्रतिशत किया गया।
  87. सरकार ने तीन लाख रुपए से अधिक के लेनदेन में नकदी के प्रयोग पर पाबंदी की कालेधन पर एसआईटी की सिफारिश को स्वीकार किया। आयकर कानून में इसके लिए संशोधन किया जाएगा : वित्त मंत्री
  88. इलेक्ट्रॉनिक भुगतान के विनियमन के लिए भारतीय रिजर्व बैंक के तहत ही भुगतान विनियामक बोर्ड का गठन किया जाएगा। यह भुगतान एवं निपटान प्रणाली में नियमन एवं निगरानी बोर्ड का स्थान लेगा।
  89. राजनीतिक दल किसी व्यक्ति से 2,000 रुपए से अधिक नकद चंदा नहीं ले सकेंगे।
  90. अचल संपत्ति पर दीर्घावधि के पूंजीगत लाभ कर की तीन साल की अवधि को घटाकर दो साल किया गया। आधार वर्ष एक अप्रैल 1981 से एक अप्रैल 2001 किया गया।
  91. छोटी कंपनियों पर कर में कटौती से 7,200 करोड़ रुपए का राजस्व नुकसान होगा।
  92. छोटे कारोबारियों के लिए अनुमानित कर देनदारी के लिए कारोबारी सीमा एक करोड़ रुपए से बढ़ाकर दो करोड़ रुपए की गई।
  93. 2,50,000 रुपए 5,00,000 रुपए तक की सालाना आय पर कर की दर 10 से घटाकर पांच प्रतिशत की गई।
  94. 50,00,000 से एक करोड़ रुपए तक की सालाना आय पर 10 प्रतिशत की दर से अधिभार लगाया जाएगा, इससे सरकार को 2,700 करोड़ रुपए प्राप्त होंगे : जेटली
  95. प्रत्यक्ष कर क्षेत्र में दी गई रियायतों से सरकार को 20,000 करोड़ रुपए के राजस्व का शुद्ध नुकसान : जेटली
  96. एक करोड़ रुपए से अधिक की आय पर 15 प्रतिशत का अधिभार बना रहेगा।
  97. वर्ष 2017-18 के बजट में खर्च के योजना, गैर-योजना वर्गीकरण को समाप्त किया गया ताकि बेहतर तस्वीर पेश की जा सके।
  98. गन्ना बकाया के भुगतान के लिए 9,000 करोड़ रुपए अधिक आवंटन।
  99. वर्ष 2018 में उच्च-गति का ब्रांडबैंक उपलब्ध कराने के वास्ते भारत नेट प्रोजैक्ट के लिए 10,000 करोड़ रुपए का आवंटन।
  100. कच्चे तेल के रणनीतिक आरक्षित भंडार पहले से तैयार तीन स्थानों के अलावा ओडिशा और राजस्थान में भी बनाए जाएंगे।
  101. सौर ऊर्जा विकास के दूसरे चरण की होगी शुरुआत, 20,000 मेगावाट विद्युत उत्पादन का लक्ष्य।
  102. सार्वजनिक क्षेत्र में एक बड़ी एकीकृत तेल कंपनी खड़ी की जाएगी जो कि दुनिया की दूसरी वैश्विक तेल कंपनियों के मुकाबले की होगी: जेटली
  103. पांच लाख रुपए से अधिक सालाना आय बताने वाले कुल 76 लाख लोगों में 56 लाख लोग वेतनभोगी तबके से।
  104. एक सीमा से अधिक के सभी सरकारी भुगतान इलेक्ट्रानिक तरीकों से प्राप्त करने के प्रस्ताव पर विचार।
  105. प्रधान डाकघरों से भी जारी किए जाएंगे पासपोर्ट।
  106. डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहन देने के लिए विभिन्न प्रकार की पीओएस और आयरिश रीडर मशीनों पर शुल्कों में छूट।
  107. एफपीआई को अप्रत्यक्ष हस्तांतरण प्रावधानों से मिलेगी छूट।
  108. वित्त वर्ष 2015-16 में आयकर रिटर्न दाखिल करने वाले 3.7 करोड़ लोगों में से 99 लाख लोगों ने अपनी आय छूट सीमा से कम दिखाई।
  109. संगठित क्षेत्र में काम करने वाले 4.2 करोड़ लोगोें में से केवल 1.74 करोड़ लोगों ने ही आयकर रिटर्न दाखिल की।
  110. वर्ष 2016-17 में लगातार दूसरे साल प्रत्यक्ष कर राजस्व में 17 प्रतिशत वृद्धि हासिल।
  111. स्टार्ट अप के लिए कर रियायतें लेने के नियमों में राहत।

अमृतसर में बजट भाषण सुनतीं जनता।

इससे पूर्व केंद्रीय मंत्री ई. अहमद के निधन के कारण संसद की कार्यवाही स्थगित की जाएगी या नहीं, इसे लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को बजट पेश किए जाने की पुष्टि की। वित्त मंत्री ने अपने ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट कर कहा, "मुझे लोकसभा टीवी पर पूर्वाह्न् 11 बजे केंद्रीय आम बजट पेश करते देखें।"

इससे पहले केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने बुधवार को कहा था कि पूर्व केंद्रीय मंत्री ई. अहमद के निधन के बाद संसद की कार्यवाही स्थगित की जाएगी या नहीं, इसका अंतिम फैसला लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन लेंगी। उन्होंने यह भी कहा था कि आमतौर पर किसी सांसद के निधन के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित करने की परंपरा रही है।

अहमद को मंगलवार को दिल का दौरा पड़ा था। वह संसद के केंद्रीय सभागार में राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान गिर पड़े थे। इसके बाद उन्हें शहर के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां कई घंटों के इलाज के बाद भी उन्हें नहीं बचाया जा सका और देर रात उनका निधन हो गया।

अहमद (79 वर्ष ) संप्रग संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में विदेश राज्य मंत्री थे। वह 1991 से केरल के मलप्पुरम से लोकसभा सांसद थे। वह केरल से लंबे समय तक आईयूएमएल सांसद रहे थे।

Share it
Top