पीयूष गोयल की चेतावनी, यूपी ने पारदर्शिता नहीं दिखाई तो बंद कर देंगे केंद्रीय मदद

पीयूष गोयल की चेतावनी, यूपी ने पारदर्शिता नहीं दिखाई तो बंद कर देंगे केंद्रीय मददप्रतीकात्मक फोटो

बलिया (भाषा)। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को अखिलेश सरकार को आगाह किया कि केंद्र की योजनाओं के मामले में पारदर्शी प्रणाली नहीं बनाए जाने पर केंद्र इस राज्य को दी जा रही सहायता रोक देगा।

गोयल ने बलिया में इंटीग्रेटेड पॉवर डेवलपमेंट स्कीम तथा दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना का शुभारंभ करने के बाद एक समारोह को सम्बोधित करते हुए गरीबों के घर में बिजली पहुंचाने और ग्रामीण एवं शहरी विद्युतीकरण योजना को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखे हमले किये।

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने प्रदेश की तरफ से उपलब्ध कराये गए आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि विद्युतीकरण योजना में प्रदेश की स्थिति काफी खराब है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र की बिजली परियोजनाओं के मामले में कार्यस्थल पर योजना के विवरण से सम्बंधित बोर्ड नहीं लगाया तथा योजनाओं में पारदर्शिता नहीं लायी तो केंद्र प्रदेश को दी जा रही सहायता राशि रोक देगा।

उन्होंने कहा कि 11वीं योजना में सूबे को 10 लाख से अधिक गरीबों के घर में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य दिया गया था लेकिन इसके सापेक्ष वह केवल पांच लाख नौ हजार 875 गरीबों के घर में ही बिजली पहुंचा सकी। गोयल ने कहा कि 12वीं पंचवर्षीय योजना में विद्युतीकरण योजना में लक्ष्य 32 लाख 33 हजार 913 गरीबों के घर में बिजली पहुंचाने का है लेकिन पिछले अगस्त माह तक प्रदेश में मात्र एक लाख 25 हजार 532 घरों में बिजली पहुंची है, जबकि राज्य सरकार का कहना है कि इस योजना में चार लाख 97 हजार गरीबो के घर में बिजली पहुँचा दी गई है।

उन्होंने अटल ज्योति योजना में भी राज्य सरकार की प्रगति पर नाराजगी जतायी और कहा कि प्रदेश की तरफ से इस योजना को लेकर अब तक एक भी पत्र नहीं प्राप्त हुआ है। मोदी सरकार से पहले से ही प्रदेश में ग्रामीण व शहरी विद्युतीकरण योजना में 12 हजार 707 करोड़ रुपये पड़े हैं। राज्य सरकार इस धनराशि का उपयोग नहीं कर सकी है।

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