एक्शन, इमोशन, ड्रामा मगर फैसला नहीं

Rishi MishraRishi Mishra   25 Oct 2016 11:20 AM GMT

एक्शन, इमोशन, ड्रामा मगर फैसला नहींप्रतीकात्मक फोटो

लखनऊ। यहां पिता और पुत्र के आंसू थे। गिले शिकवे हुए। चाचा ने भतीजे की गलतियां गिनाईं। अपने संघर्ष का बखान किया। एकबारगी लगा कि सबकुछ ठीक हो गया तो अगले ही पल हंगामा हुआ। देश के सबसे बड़े राज्य के मुख्यमंत्री को भरे मंच से झूठा करार दिया गया। तो पिता मुलायम को अमर सिंह के इशारे पर चलने वाला व्यक्ति खुद बेटे अखिलेश ने बताया। पिता ने अपने बेटे को कहा कि वे सीएम बन कर सबकुछ भूल गए हैं। फिर अचानक इस नजारे में एक अंजान एमएलसी की जिक्र हुआ। बड़ा हंगामा खड़ा हो गया। मुख्यमंत्री बैठक छोड़ कर चले गए। फिर सबकुछ शांत हो गया। बात वहीं की वहीं रह गई। कोई निर्णय, कोई सुलह न हुई।

सियासी झंझावत का एक-एक पहलू हुआ नुमाया

समाजवादी पार्टी की संयुक्त बैठक को एक तरह से सुलह समझौते की पंचायत माना जा रहा था। मगर यह एक बेहतरीन फिल्म की तरह ढाई घंटे का एक शो बन कर रह गई। जिसमें एक्शन, इमोशन और ड्रामा सबकुछ था। बस नहीं मिला तो एक निष्कर्ष। यादव परिवार की सियासी रार का पटाक्षेप सोमवार को भी नहीं हुआ। मगर इस मौके पर हर किसी ने अपनी बात दिल खोल कर कही। डेढ़ महीने के सियासी झंझावत का एक-एक पहलू नुमाया हुआ। मुख्य सचिव को हटाने से लेकर मंत्रियों की बर्खास्तगी तक सब क्यों किया, किसके लिये किया, सीएम ने बता दिया। तो उनको भी पिता और चाचा से खूब पलटवार सुनने को मिले।

सबसे पहले मुख्यमंत्री बोले

इस बैठक में पार्टी के सभी विधायक, पूर्व विधायक, सांसद, पूर्व विधायक, प्रदेश और राष्ट्रीय पदाधिकारी बुलवाए गए थे। सुबह करीब 10:30 बजे से लेकर दोपहर लगभग 1:00 बजे तक ये बैठक चली। जिसमें सबसे पहले खुद मुख्यमंत्री बोले। फिर प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने अपनी बात रखी, आखिरकार राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने बोला। उन्होंने सीएम पर निशाना साधा। शिवपाल को जननायक बताया। इतने के बाद उन्होंने शिवपाल और अखिलेश को गले मिलने के लिए बुलाया। दोनों नजदीक आए। मगर इस बीच में सीएम ने एक लेख का जिक्र किया, जिसमें सीएम को औररंगजेब और पिता मुलायम को शाहजहां बताया गया था। ये लेख एमएलसी आशू मलिक के हवाले से एक अंग्रेजी दैनिक में प्रकाशित किया गया था। सीएम ने कहा कि इस लेख पर क्या कहेंगे, आशू मलिक उनको बुलाया जाए।

जबरदस्त हंगामा शुरू हुआ

इतना सुनते ही आशू मलिक मंच पर आये। वह मुख्यमंत्री से हल्का सा टकराये। समर्थकों और विधायकों को लगा कि आशू मलिक ने सीएम को धक्का दिया। जबरदस्त हंगामा शुरू हो गया। शिवपाल ने इस बीच में सीएम को झूठा कह दिया। जोरदार नारेबाजी, हंगामा होने लगा। सीएम आखिरकार मीटिंग से उठ कर चले गए। उसी के साथ मुलायम सिंह गये और थोड़ी देर में शिवपाल भी रवाना हो गए। बाहर कार्यकर्ता नारेबाजी करते रहे। अमर सिंह के साथ में अब आशू मलिक के खिलाफ भी नारेबाजी होने लगी।

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