अखिलेश को मनाने में नाकाम रहे मुलायम के दूत

अखिलेश को मनाने में नाकाम रहे मुलायम के दूतप्रतीकात्मक फोटो

लखनऊ। समाजवादी पार्टी में चल रही उठापटक के बीच शनिवार को पार्टी के चार वरिष्ठ नेताओं ने पहले मुलायम सिंह यादव से मुलाकात की। इसके बाद चारों नेता सीएम अखिलेश से मिलें। सूत्रों ने बताया कि सीएम को मनाने में चारों नेता नाकामयाब रहे।

जारी है चाचा-भतीजे के बीच गहमा-गहमी

एक माह से भी अधिक समय से समाजवादी पार्टी में चाचा-भतीजे के बीच गहमा-गहमी जारी है। समाजवादी पार्टी में मचे घमासान को शांत करने के लिए मुलायम सिंह यादव ने शनिवार को नया दांव चला, लेकिन यह फेल होता दिख रहा है। सपा के वरिष्ठ नेता बेनी प्रसाद वर्मा, कुंवर रेवती रमण, नरेश अग्रवाल और पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमय नंदा ने मुख्यमंत्री आवास पर अखिलेश यादव से मुलाकात की।

दोषी समझा जा रहा है तो नहीं कर सकते कुछ

सूत्र ने बताया, "इन नेताओं ने अखिलेश यादव से पार्टी में चली रह गलतफहमियों और विवाद खत्म करने को कहा। इस पर मुख्यमंत्री ने इन नेताओं को टो टूक जवाब दिया कि उन्होंने कोई ऐसा काम नहीं किया है जिससे पार्टी या सरकार पर कोई संकट उत्पन्न हुआ है। परेशानी तो बाहर के लोगों के इशारों पर कुछ लोग ने पैदा की है। पार्टी के हित के लिए जो भी कुर्बानी उनसे मांगी गई, उन्होंने दिया। लेकिन इसके बाद भी अगर उन्हें दोषी समझा जा रहा है तो वह कुछ नहीं कर सकते।"

बेनतीजा रही बैठक

सूत्र ने बताया, "सपा कार्यकारिणी की बैठक में हिस्सा नहीं लेने के सवाल पर भी अखिलेश यादव ने वरिष्ठ नेताओं से अपना दर्द साझा किया। उन्होंने कहा कि कार्याकारिणी की बैठक में वह किस हैसियत से शामिल होंगे, वह तो पार्टी के विशेष आमंत्रित सदस्य तक नहीं है।" वरिष्ठ नेताओं के साथ मुख्यमंत्री की यह बैठक बेनतीजा रही।

उदयवीर पार्टी से निष्काषित

अखिलेश यादव को लेकर सपा प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव भी नरमी के मूड में नहीं हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के समर्थन में सपा प्रमुख मुलायम सिंह को पत्र लिखने वाले एमएलसी उदयवीर सिंह को पार्टी से छह साल के निष्कासित कर दिया। उदयवीर सिंह के निष्कासन पर शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि जो भी पार्टी में को तोड़ेगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। वहीं उदयवीर सिंह ने कहा, "मैं मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ हूं और और आगे भी साथ रहूंगा। पार्टी से निष्कासन पर मुझे कोई अफसोस नहीं है। मैंने नेताजी को जो चिट्टी लिखी थी उस पर अभी भी कायम हूं। मुलायम सिंह यादव सपा की कमान अखिलेश यादव को देकर पार्टी के संरक्षक बनें।"

कार्यकारिणी की बैठक में नहीं गए सीएम

शिवपाल ने अपनी नवगठित प्रांतीय कार्यकारिणी की शनिवार को पहली बैठक की और उसमें पांच नवंबर को होने वाली पार्टी के रजत जयंती समारोह की तैयारियों के बारे में चर्चा की। हालांकि सीएम अखिलेश यादव इस बैठक में नहीं गए। एक अन्य घटनाक्रम में प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने उनकी नियुक्ति के बाद अखिलेश के पक्ष में नारेबाजी करने पर बर्खास्त पार्टी के विभिन्न युवा संगठनों के अध्यक्षों के स्थान पर नये अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है, जिससे चाचा भतीजा के बीच तल्खी बढ़ सकती है।

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