इलाहाबाद में 40 लाख लोगों का वोट करेगा 200 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला  

इलाहाबाद में 40 लाख लोगों का वोट करेगा 200 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला  उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 के चौथे चरण के तहत इलाहाबाद जिले में पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करने के बाद सेल्फी लेतीं युवतियां। 

इलाहाबाद (भाषा)। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 के चौथे चरण के तहत इलाहाबाद जिले में सख्त सुरक्षा के बीच सभी 12 विधानसभा सीटों के लिए आज हो रहे मतदान में 40 लाख से अधिक मतदाता करीब 200 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। इन सभी सीटों पर मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और 11 बजे तक 21.22 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

शहर में मतदान करने वाली प्रमुख हस्तियों में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी, उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य और पार्टी के राष्ट्रीय सचिव सिद्घार्थ नाथ सिंह शामिल रहे। जिले में 4,327 मतदान केंद्रों में से अभी तक कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है, कानून व्यवस्था से जुड़ी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए करीब 30,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।

कुछ जगहों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों में तकनीकी गड़बड़ी दिखी, जिसे तुरंत दुरुस्त कर लिया गया। यमुना पार क्षेत्र में सुदूर शंकरगढ़ प्रखंड में एक गाँव के निवासियों को मतदान का बहिष्कार वापस लेने के लिए मनाया गया और उन्हें आश्वासन दिया गया कि उनकी शिकायतों का उचित निवारण किया जाएगा।

सत्ता विरोधी लहर से बचने के लिए राज्य की सत्तारुढ़ समाजवादी पार्टी ने अपनी बेहतर छवि पेश करने की कोशिश करते हुए चुनाव शुरू होने से ऐन पहले कांग्रेस के साथ गठबंधन किया। यह चुनाव सपा के लिए एक लिटमस टेस्ट है जहां उसने क्षेत्र के चार मौजूदा विधायकों को टिकट नहीं दिया और एक सीट सहयोगी पार्टी कांग्रेस के लिए छोड़ी है।

सावधानी पूर्वक जातीय समीकरणों की मदद से और जिताऊ चेहरों को अपने साथ लेकर इस राज्य में खुद को पुनर्जीवित करने के लिए भाजपा ने भरसक प्रयास किए हैं।पार्टी ने दो सीटें अपनी सहयोगी- अपना दल के लिए छोडी हैं जिसका कुर्मी जाति के लोगों के बीच खासा प्रभाव है।

इसके अलावा, कम से कम तीन सीटों पर भाजपा ने दूसरी पार्टियों से आए नेताओं को उम्मीदवार बनाया है। मौजूदा चुनावों में बसपा इस जिले में सभी 12 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। यहां इसके उम्मीदवारों में से तीन उम्मीदवार मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय से हैं।

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