इलेक्शन वॉच: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के चौथे चरण में 40 फीसदी दागी उम्मीदवार

इलेक्शन वॉच: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के चौथे चरण में 40 फीसदी दागी उम्मीदवारविधानसभा चुनाव

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के चौथे चरण में भी बड़े पैमाने पर दागी उम्मीदवार मैदान में उतरे हैं। चौथे चरण में जिन 11 जिलों की 53 सीटों पर 23 फरवरी को मतदान होना है वहां 18 फीसदी आपराधिक पृष्ठभूमि वाले प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।

दागियों को जिताऊ मानते हुए उन पर दांव लगाने के मामले में भारतीय जनता पार्टी सबसे आगे है। भाजपा ने इस चरण में जिन उम्मीदवारों को टिकट दिया है उनमें 40 फीसदी पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इस चरण के चुनाव में भी बड़ी तादाद में करीब 28 फीसदी करोड़पति उम्मीदवार मैदान में उतरे हैं। सबसे ज्यादा भाजपा ने 85 फीसदी करोड़पति उम्मीदवारों को टिकट दिया है, हालांकि इस चरण में सबसे ज्यादा 54 फीसदी उम्मीदवार स्नातक हैं।

चुनाव सुधारों के लिए काम कर रही संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म (एडीआर), यूपी इलेक्शन वॉच ने चौथे चरण के चुनाव मैदान में उतरे 680 उम्मीदवारों के शपथपत्रों के आधार पर जो रिपोर्ट तैयार की है उसके मुताबिक 680 में से 116 ने अपने उपर आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी दी है। जिनमें से 14 फीसदी यानी कि 95 पर हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण व महिलाओं पर अत्याचार जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। गंभीर आपराधिक मामले वाले उम्मीदवारों में समाजवादी पार्टी 30 फीसदी के साथ सबसे आगे व भाजपा २९ फीसदी के साथ दूसरे स्थान पर है।

एडीआर यूपी के मुख्य समन्वयक संजय सिंह ने बताया कि चौथे चरण में उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड के सातों जिलों सहित जिन 11 जिलों में चुनाव होने हैं उनमें से 21 संवेदनशील निर्वाचन क्षेत्र एसे हैं जहां कम से कम तीन उम्मीदवारों के ऊपर आपराधिक मामले दर्ज हैं। सबसे ज्यादा संवेदनशील चार चुनाव क्षेत्रों में तीन बुंदेलखंड के चित्रकूट, ललितपुर और हमीरपुर हैं। भाजपा के नंदी और बसपा के अरिदमन सिंह पर सात-सात आपराधिक मामले तो चित्रकूट से सपा के वीर सिंह पर 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं जबकि हमीरपुर से भाजपा के अशोक चंदेल पर 9 मामले दर्ज हैं।

अगर अमीर प्रत्याशियों की बात करें तो सबसे ज्यादा संपत्ति 70 करोड़ रुपये कौशांबी जिले की चायल विधानसभा क्षेत्र के निर्दलीय प्रत्याशी सुभाष चंद्र ने घोषित की है जबकि इलाहाबाद के भाजपा प्रत्याशी नंदगोपाल गुप्ता नंदी 57 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर हैं। इलाहाबाद के फूलपुर विधानसभा से बसपा प्रत्याशी मोहम्मद मसरुर शैख की कुल संपत्ति 32 करोड़ रुपये है। हालांकि इन दोनो प्रत्याशियों पर कर्ज भी उनकी कुल संपत्ति के बराबर ही है। इलाहाबाद के भाजपा प्रत्याशी सिद्धार्थनाथ सिंह पर भी कुल कर्ज 22 करोड़ रुपये है।

महिलाओं की उपेक्षा लगातार चौथे चरण में भी देखी जा रही है। चौथे चरण के कुल 680 उम्मीदवारों में केवल 9 फीसदी ही महिलाएं हैं। उत्तर प्रदेश के जिन चरणों के उम्मीदवारों का अब तक एडीआर ने विश्लेषण किया है उनमें से केवल 10 फीसदी ही महिला उम्मीदवार हैं। इस चरण में सबसे ज्यादा 74.5 फीसदी नौजवानों को टिकट दिए गए हैं जिनकी आयु 25 साल से 50 साल के बीच है।

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