बड़े नोट बंद होने से बेनकाब हुए सियासी दल: शाह

बड़े नोट बंद होने से बेनकाब हुए सियासी दल: शाहभाजपा अध्यक्ष अमित शाह। 

नई दिल्ली (भाषा)। बड़े नोटों का प्रचलन रोकने के मोदी सरकार के कदम की आलोचना करने पर कांग्रेस, सपा, बसपा, आप जैसे विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार करते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने आज कहा कि केंद्र के कदम की आलोचना करने से इन विपक्षी दलों का पर्दाफाश हो गया है एवं उनका असली चेहरा सामने आ गया है। इससे खासतौर पर कालाधन और फर्जी नोटों से जुड़े लोग ज्यादा परेशान हैं।

शाह ने कहा कि केंद्र सरकार के इस कदम से कुछ राजनीतिक दल भी गरीब हो गए हैं। प्रतिद्वन्द्वियों पर चुटकी लेते हुए भाजपा अध्यक्ष ने संवाददाताओं से कहा कि वे कांग्रेस, सपा, बसपा और आप से पूछना चाहते हैं कि उन्हें इतनी पीड़ा क्यों है। हम समझ सकते हैं कि इस कदम से कालाधन, फर्जी नोट, हवाला और मादक पदार्थों से जुड़े डीलरों को परेशानी हुई है लेकिन यह समझ में नहीं आ रहा है कि मुलायम सिंह, मायावती, अरविंद केजरीवाल जैसे नेता ऐसे लोगों के सुर में सुर क्यों शामिल रहे हैं।

मैं सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव, बसपा प्रमुख मायावती और अरविंद केजरीवाल से पूछना चाहता हूं कि आप क्यों परेशान हैं ? अगर राजनीति स्वच्छ होगी और चुनावी राजनीति से कालाधन बाहर निकल जायेगा तो राजनीतिक दलों को परेशानी क्यों होगी ?
अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष

नोट बंद करने का चुनाव से लेना-देना नहीं

शाह ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार के इस कदम से आसन्न विधानसभा चुनाव का कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया को देखें तो भाजपा को इससे राजनीतिक फायदा मिलेगा। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर शाह ने सपा, बसपा और कांग्रेस पर निशाना साधा जो प्रदेश में उसकी प्रतिद्वन्द्वी है, साथ ही आप को भी आड़े हाथों लिया जो पंजाब में भाजपा को चुनौती दे रही है। शाह ने हालांकि तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी का इस बारे में उल्लेख नहीं किया जिन्होंने इस कदम को लेकर केंद्र सरकार पर सबसे पहले निशाना साधा था।

शाह ने कहा, ‘‘मैं इस निर्णय के कारण उन लोगों की पीड़ा समझ सकता हूं जिनके पास कालाधन, फर्जी नोट है और जो आतंकवादी, हवाला आपरेटर, नक्सली और मादक पदार्थों के कारोबारी हैं। लेकिन जिस तरह से कुछ दल परेशान हो रहे हैं, उस पर मुझे आर्श्चय हो रहा है।''

बसपा में पैदा हुआ आर्थिक आपातकाल

अमित शाह ने कहा, ‘‘जिस प्रकार का माहौल ये राजनीतिक दल बना रहे हैं, उनसे मैं पूछना चाहता हूं कि क्या आप कालाधन, हवाला आपरेटरों, आतंकवाद, फर्जी नोट के डीलरों के समर्थन में हैं... सपा, बसपा, अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस को इसका जवाब देना चाहिए। इन चार दलों को क्या समस्या है ? उन्होंने अपना पर्दाफाश कर लिया है और अपना असली चेहरा दिखाया है। '

यह पूछे जाने पर कि बसपा प्रमुख मायावती ने केंद्र सरकार के इस कदम को ‘‘आर्थिक आपातकाल' बताया है, अमित शाह ने कहा कि आर्थिक आपातकाल उनकी पार्टी बसपा में पैदा हुआ है।’

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