इस बार विधानसभा चुनाव में बजेगा भाजपा का डंका, जीतेंगे 300 सीटें: केशव प्रसाद मौर्य

इस बार विधानसभा चुनाव में बजेगा भाजपा का डंका, जीतेंगे 300 सीटें:  केशव प्रसाद मौर्यकेशव प्रसाद मौर्य, प्रदेश अध्यक्ष, बीजेपी, यूपी

लखनऊ। पिछले विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 398 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें पार्टी 351 सीटों पर चुनाव हार गई थी। पार्टी को सिर्फ 15 फीसदी वोट मिले और 47 सीटें मिलीं, लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव में एनडीए ने यहां से कुल 73 सीटें जीती थीं, जिसमें से 71 बीजेपी की और 2 सीटें अपना दल की थीं, बीजेपी को करीब 42 फीसदी वोट यूपी में मिले थे। यूपी में विधानसभा चुनाव, बीजेपी का घोषणा पत्र और रणनीति को लेकर चौपाल के लिए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य से बात की पंकज कुमार ने।

प्रश्न - जनता ने कांग्रेस के अलावा मायावती को देखा है। मुलायम, अखिलेश को भी देखा है, वो सबको छोड़कर आपको वोट क्यों दे ?
उत्तर -
सबको देखा बार-बार हमको देखो अबकी बार…. सपा को देख चुके हो, बसपा को लोग देख चुके हैं और 10 वर्षों तक लोग कांग्रेस को केंद्र में देख चुके हैं। सपा-बसपा की बैसाखी पर कांग्रेस टिकी हुई है और सपा और बसपा की बैसाखी पर कांग्रेस ने 12 लाख करोड़ का घोटाला किया है, इसलिए इनको भी देख चुके हैं। बसपा की सरकार भी कई बार उत्तर प्रदेश में लोग देख चुके हैं। यहां की जनता सबको झेल चुकी है और समझ चुकी है, इसीलिए लोग भाजपा को वोट दे भी रहे हैं और लोग इस बार भी वोट दें,ऐसा मैं अपील करता हूं।

प्रश्न- भाजपा के पास मुख्यमंत्री पद का अभी तक कोई चेहरा नहीं है। आपको नहीं लगता इससे नुकसान होगा ?
उत्तर - भारतीय जनता पार्टी का हर कार्यकर्ता सीएम का चेहरा होता है, उनके पास अकाल है। भाजपा के पास कोई अकाल नहीं है। भाजपा के पास कई चेहरे हैं, उनके पास केवल एक चेहरा है, क्या अखिलेश यादव को हटाकर शिवपाल को चेहरा बनाएंगे ? नहीं बनाएंगे, मायावती को हटाकर कोई दूसरा सीएम बनेगा, ऐसा संभव है क्या ? भारतीय जनता पार्टी सच्ची लोकतांत्रिक, विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है। देश की सबसे बड़ी पार्टी है। राज्य की सबसे बड़ी पार्टी है, इसलिए यह कोई बड़ा चर्चा का विषय नहीं है।

प्रश्न - मान लीजिए भाजपा की सरकार बनती है, या बीजेपी पूर्ण बहुमत में आती है तो पार्टी आपको मुख्यमंत्री बनाएगी ?
उत्तर - मैं किसी काल्पनिक प्रश्नों का उत्तर दूं ये उचित नहीं है। ये भारतीय जनता पार्टी का केंद्रीय संसदीय बोर्ड तय करता है, किसे सीएम पद का चेहरा बनाना है या नहीं बनाना है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश का कोई नेता तय नहीं करता है कि किसको बनना है। मेरे ऊपर तो प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते जिम्मेदारी है कि 300 से अधिक सीटें बीजेपी के खाते में आएं।

प्रश्न - क्या आप जमीनी स्तर पर इतने मजबूत हैं कि आप सभी विरोधी दल मुकाबला कर पाएं?
उत्तर - प्रदेश में कांग्रेस का कोई वजूद नहीं बचा है, जहां तक मैं निष्कर्ष निकाल पाता हूं बहुत कोशिश करें तो शायद 1-2 सीट कांग्रेस की निकल जाए वरना कांग्रेस का खाता खुलने वाला नहीं है। सपा के प्रति जनता में इतना गुस्सा है कि जिस दिन वोट पड़ेगा, वोटों की गिनती होगी, जो सोच नहीं सकते समाजवादी पार्टी का उतना बुरा प्रदर्शन होगा। मैं निष्कर्ष निकालकर कहता हूं कि अगर सपा-बसपा और कांग्रेस मिलकर भी लड़ें तो ये 50 सीट से ज्यादा नहीं जीत सकते हैं।

प्रश्न- आपको नहीं लगता कि योगी आदित्यनाथ के समर्थक इन सीटों पर बीजेपी का खेल खराब कर सकते हैं ?
उत्तर- महाराज जी के नाराज होने की खबरें काल्पनिक हैं। महाराज जी टिकट बंटवारे की पूरी प्रक्रिया में शामिल थे, सब लोगों ने बैठकर सर्वे रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया है। महाराज जी पश्चिम यूपी में प्रचार कर रहे हैं और नाराज हैं। ऐसी ख़बरें मीडिया में फैलाने से क्या फायदा ? भारतीय जनता पार्टी इस मामले में बेहद भाग्यवान है कि भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता भाजपा के विजय के लिए काम कर रहा है।

प्रश्न - बीजेपी हमेशा कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर परिवारवाद का आरोप लगाती रही है। भाजपा ने नोएडा से पंकज सिंह को टिकट दिया है, वो गृह मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे हैं।लखनऊ पूर्व से आशुतोष टंडन,जो भाजपा के वरिष्ठ नेता लालजी टंडन के बेटे हैं , तो यह परिवारवाद नहीं है ?
उत्तर- मैंने पहले भी कहा है, ये परिवारवाद नहीं है। परिवारवाद ये है कि पंडित जवाहर लाल नेहरु जी प्रधानमंत्री बने उनकी बेटी थीं इंदिरा गांधी वो प्रधानमंत्री बनीं। मुलायम सिंह यादव जी मुख्यमंत्री रहे वो हटे तो उनका बेटा मुख्यमंत्री बन गया। परिवारवाद ये नहीं है कि कोई भाजपा के लिए काम कर रहा है, वो भाजपा नेता का बेटा या भाई – भतीजा है और वो चुनाव लड़ने और जीतने का मद्दा रखता हो, सर्वे रिपोर्ट में भी यही हो और उसे हम सिर्फ इसलिए टिकट नहीं दें कि वो किसी नेता का बेटा है तो यह उचित नहीं है। विधायक या सांसद को आप परिवारवाद की सीमा में मत लाइए,जब किसी बड़े पद पर बैठे व्यक्ति क बेटे को बड़े पद पर बैठाने की कोशिश हो तो वो परिवारवाद है।

प्रश्न- एक बार फिर राम मंदिर का जिक्र है, क्या भाजपा की सरकार बनती है तो इस बार राम मंदिर बन जाएगा ?
उत्तर- ये तो हमने घोषणापत्र में कहा है कि संवैधानिक दायरे में हम पूरी तरह से प्रयास करेंगे कि मंदिर निर्माण की बाधा हटाई जा सकती है वो हटाई जाए।
प्रश्न- आप किसी मुसलमान को टिकट क्यों नहीं देते हैं ?
उत्तर- जीतने लायक होते तो देते, जीतने लायक नहीं थे इसलिए नहीं दिए।
प्रश्न- मतलब पार्टी ये समझ रही है कि मुस्लिम बीजेपी से नहीं जुड़ रहे हैं ?
उत्तर- हम हिंदू – मुस्लिम की नजर से नहीं देखते हैं. हमारा कार्यकर्ता और जीतने लायक होगा तो हम देंगे।
प्रश्न - बसपा ने करीब 100 सीट पर मुस्लिम उम्मीदवार उतारे हैं। बीजेपी के पास इस गठजोड़ का क्या तोड़ है ?
उत्तर- इस बार बहन जी के लिए अंगूर बहुत खट्टे हैं, उनकी कोशिश सफल नहीं होगी. वो बहुत हताश, निराश हैं। अब उनके पास जनाधार वाले नेता नहीं हैं, लोग जानते हैं कि वो भ्रष्टाचार की बहुत बड़ी पोषक हैं और गुंडों की बहुत बड़ी संरक्षक हैं। ताजा उदाहरण मुख्तार अंसारी को पार्टी में शामिल करके दिया है, उनके परिवार को टिकट देकर उन्होंने साफ संकेत दे दिया कि गुंडों हो या कोई और उनको पैसा चाहिए। इस बार भी उनका 2017 में 2014 से बुरा हाल होगा।

प्रश्न – नोटबंदी से शहरों में तो ज्यादा नहीं लेकिन गांवों में बहुत दिक्कत हुई है, आपको नहीं लगता कि इससे पार्टी को नुकसान होगा ?
उत्तर- नोटबंदी के बाद जहां चुनाव हुए वहां हमने बहुत बड़ी जीत हासिल की, चाहें वो निकाय चुनाव ही क्यों न रहे हों और जो नोटबंदी का विरोध कर रहे थे उन्हें करारी पराजय का सामना करना पड़ा। इसलिए वो नोटबंदी का विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में भी नोटबंदी भ्रष्टाचार के खिलाफ, नकली नोटों के खिलाफ लड़ाई थी। नकली नोटों की फैक्ट्री चलाते थे, आतंकवादियों को पैदा करने की फैक्ट्री चलाते थे वो बंद हुए, नक्सलवाद जो पनप रहा था उसे रोकने में मदद मिली है। राष्ट्रहित में बहुत शानदार काम हुआ है।

प्रश्न - सर आपको क्या लगता है यूपी में आपकी लड़ाई किस पार्टी से है?
उत्तर- अधिकतम 50 सीटों पर सपा और बसपा लड़ रही हैं। कांग्रेस कहीं लड़ाई में नहीं हैं, मैं कह सकता हूं कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी एक तरफा विजय की तरफ है।

प्रश्न - क्या लगता है आप कितनी सीटें जीतेंगे?
उत्तर - 300 से 350 सीटें ।

साभार- चौपाल (Chaupal.org)

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