बिना सीएम फेस के खरमास बाद यूपी में टिकट बाटेगी बीजेपी 

Rishi MishraRishi Mishra   4 Jan 2017 3:39 PM GMT

बिना सीएम फेस के खरमास बाद यूपी में टिकट बाटेगी बीजेपी नरेंद्र मोदी नाम का ही बीजेपी को सहारा।

लखनऊ। ये तय हो चुका है कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी मुख्यमंत्री पद के लिए दावेदार चुनाव से पहले सामने नहीं लाएगी। बीजेपी की ओर से स्पष्ट कर दिया गया है कि बीजेपी और नरेंद्र मोदी के नाम पर ही चुनाव लड़ा जाएगा। अगर भाजपा को जीत हासिल होगी तब चुनाव बाद एक सर्वमान्य चेहरे को मुख्यमंत्री पद के लिए विधायकों के सामने प्रस्तुत कर दिया जाएगा। असोम में सीएम पद का उम्मीदवार घोषित कर के भाजपा को चुनाव में पूर्ण बहुमत मिला था। जबकि बिहार में बिना उम्मीदवार के उतरी भाजपा बुरी तरह से हार गई थी। इसके बावजूद यूपी की परिस्थितियों को अलग मानते हुए महाराष्ट्र की तर्ज पर भगवा खेमा “मोदी मोदी” जपते हुए ही चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में लगा हुआ है। जबकि टिकट वितरण को लेकर भाजपा खरमास खत्म होने का इंतजार कर रही है। जिसके बाद मकर संक्रांति पर 14 या 15 जनवरी को टिकटों की पहली सूची बीजेपी जारी कर देगी। भाजपा को दिल्ली में किरण बेदी को सीएम फेस घोषित करने पर करारी हार मिली थी। बिहार में कोई चेहरा नहीं था, तब भी हार हुई थी। महाराष्ट्र में बिना चेहरे के लड़े थे, जबरदस्त जीत मिली थी। जबकि असोम में चेहरे के साथ लड़े थे तब जीत मिली थी। ऐसे में कयास लगाए जा रहे थे कि यूपी में बीजेपी किसी फेस के साथ ही चुनाव लड़ेगी। मगर अब ऐसा होता नहीं नजर आ रहा है। बीजेपी के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक किसी भी गुट में किसी तरह के मतभेद चुनाव से ठीक पहले न हों इसको देखते हुए भाजपा ने सीएम प्रत्याशी घोषित न करने की तैयारी की है। दो जनवरी को लखनऊ में हुई नरेंद्र मोदी की रैली में मोदी ने कहा था कि यूपी में चुनाव जीतने का मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि हमारी सीएम बने। जबकि प्रदेश केशव प्रसाद मौर्य भी पहले बोल चुके हैं सीएम उम्मीदवार की यूपी इलेक्शन में जरूरत नहीं है। हमारी पार्टी का नाम ही बहुत है। इसलिए चुनाव बिना चेहरे के ही लड़ा जाएगा।

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भाजपा को बुरे दिन यानी खरमास की चिंता

भाजपा में अच्छे बुरे दिनों का बहुत ख्याल रखा जाता है।14 जनवरी तक तक हिंदू पंचाग के मुताबिक खरमास जारी है। इस दौरान कोई भी अच्छा काम नहीं किया जाता है। या नई शुरुआत भी नहीं होती है। इसलिए भाजपा चुनाव में टिकटों का वितरण 14 और 15 मार्च से शुरू करेगी। फिलहाल परिवर्तन यात्रा और इसके बाद में एक निजी एजेंसी के सर्वे को आधार मानते हुए भाजपा ने टिकटों को लेकर मंथन को अंतिम रूप दे दिया है। टिकट लगभग फाइनल होने की स्थिति में हैं। मगर इनकी घोषणा 14 से पहले नहीं की जाएगी। प्रत्याशियों को एक महीने का समय पूरी तैयारी के लिए दिया जाएगा।

भाजपा को चेहरा मान कर और नरेंद्र मोदी की नीतियों के आधार पर हम चुनाव लड़ेंगे। सीएम फेस की आवश्यकता बीजेपी को नहीं है। जबकि टिकटों का वितरण 14 जनवरी के बाद किया जाएगा।
हरीशचंद्र श्रीवास्तव, प्रदेश प्रवक्ता, उप्र भाजपा

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