उन्नाव में छह सीटों में से पांच पर भाजपा की जीत

उन्नाव में छह सीटों में से पांच पर भाजपा की जीतउन्नाव में मोदी लहर, छह सीटों में से पांच सीटों पर भाजपा की जीत

उन्नाव। 2007 विधानसभा चुनाव में सात विधानसभा में से पांच और 2012 में छह विधानसभा चुनाव में से सपा को पांच सीटों पर जीत मिली थी, लेकिन इसबार सपा को जिले में एक भी सीट पर जीत नसीब नहीं हुआ।

यूपी विधानसभा चुनाव के नतीजे में भाजपा की लहर उन्नाव में भी जबदस्त दिखी। भाजपा ने जिले की छह सीटों में से पांच पर भारी अंतर से जीत दर्ज कर ली, जबकि पुरवा सीट पर बसपा जीत दर्ज करने में सफल हुई। सपा को एक भी सीट पर जीत नहीं मिली है।

2007 में सपा को सात में पांच सीटों पर जीत

बीते दो विधानसभा चुनावों में उन्नाव जनपद सपा का मजबूत गढ़ बनकर उभरा था। 2007 में हुए विधानसभा चुनाव में जिले की सात विधानसभा सीटों में से सपा ने पांच सीटों पर जीत दर्ज की थी। यह वह समय था जब प्रदेश में बसपा की लहर चल रही थी और सपा की मजबूती की वजह से बसपा जिले में मात्र दो सीटों पर जीत दर्ज कर पाई थी।

बसपा से हसनगंज सीट से राधेलाल रावत और भगवंतनगर सीट से बसपा के ही उम्मीदवार कृपाशंकर सिंह जीत दर्ज करने में सफल हुए थे। बांगरमऊ सीट से सपा के टिकट पर कुलदीप सिंह सेंगर, सफीपुर से सुधीर कुमार, सदर सीट से दीपक कुमार, हड़हा सीट से सुंदरलाल लोधी और पुरवा सीट से उदयराज यादव जीत दर्ज करने में सफल हुए थे।

2012 में भी जीत रही बरकरार

वहीं 2012 में जब प्रदेश में सपा की लहर चली तो जिले में सपा और मजबूत हुई। 2012 के चुनाव में सपा ने जिले की छह सीटों में से पांच पर जीत दर्ज की थी। इस चुनाव में बसपा के राधेलाल रावत ही ऐसे प्रत्याशी थे जो मोहान विधानसभा से जीत दर्ज कर पाए थे। वहीं बांगरमऊ से सपा के टिकट पर चुनाव लडऩे वाले बदलू खां, सफीपुर से सुधीर रावत, सदर सीट से दीपक कुमार, भगवंतनगर से कुलदीप सिंह सेंगर, पुरवा से उदयराज यादव ने जीत दर्ज कर विधानसभा तक का सफर पूरा किया था। सपा के सभी प्रत्याशियों ने भारी अंतर से जीत दर्ज की थी।

लगातार दो चुनावों में पांच-पांच सीटें जीतने वाली सपा को 17वीं विधानसभा में सपा का मजबूत दुर्ग पूरी तरह से ढह गया। सपा के सभी दिग्गजों को हार का सामना करना पड़ा। जिनमें उदयराज यादव चार बार जीत दर्ज करने के बाद तीसरे स्थान पर चले गए। राज्यमंत्री रहे सुधीर रावत को जनता ने बाहर का रास्ता दिखाया। मनीषा दीपक को भी दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। बांगरमऊ से बदलू खां भी जीत का क्रम बरकरार नहीं रख सके।

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