बीएसपी को एग्जिट पोल पर नहीं भरोसा, ‘त्रिशंकु विधानसभा होने पर भी सत्ता की चाबी बहनजी के पास’

बीएसपी को एग्जिट पोल पर नहीं भरोसा, ‘त्रिशंकु विधानसभा होने पर भी सत्ता की चाबी बहनजी के पास’बहुजन समाज पार्टी ने एग्जिट पोल को नकारा।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश एग्जिट पोल के बाद माहौल गर्मा गया है। एजेंसियां यूपी में बीजेपी के सबसे आगे होने का दावा कर रही हैं, और बीएसपी को पीछे होने का। लेकिन बीएसपी ने एग्जिट पोल को नकारते हुए कहा कि उनकी पार्टी ही सरकार बनाएगी। मतगणना से कुछ घंटे पहले बीएसपी के वरिष्ठ नेता अरुण द्विवेदी से परिणाम और सियासी संभावनाओं को लेकर गांव कनेक्शऩ से उनसे बात की।

प्रश्न-एग्जिट पोल में अधिकांश अखबार और चैनल बीएसपी को तीसरे नंबर की पार्टी बता रहे हैं।

उत्तर- 4 लाख के वोटरों वाली विधान सभा में अगर 4 सौ ,5 सौ लोगो पर सर्वे के आधार पर कोई एग्जिट पोल है तो वह यथार्थ से काफी दूर है। बीएसपी ने बहनजी नेतत्व में जमीनी स्तर पर चुनाव लड़ा है। 2007 से 2012 की बहनजी की सरकार को लोग आज भी याद करते हैं। बहनजी की करनी और कथनी में कोई अंतर नहीं है। सर्वसमाज के लोगों ने विधान सभा चुनाव में बहनजी को भरपूर समर्थन दिया है। कल (शनिवार) 1 बजे तक फैसला आ जायेगा। बीएसपी की पूर्ण बहुमत की सरकार उत्तर प्रदेश में बनने जा रही है।

प्रश्न2- क्या पूर्ण बहुमत न होने की स्तिथि में जैसे की अखिलेश यादव ने कहा कि जरुरत पड़ी तो बीएसपी का सहयोग लेंगे ?

उत्तर- बहनजी बीएसपी पार्टी की एकमात्र सर्वमान्य नेता है साथ ही प्रदेश और राष्ट्र हित में सर्वसमाज के विकास उनकी प्रार्थमिकता है साम्प्रदायिक ताकतों से लड़ने के लिए प्रदेश की आवाम के हित को देखते हुए इस पर भी बहनजी विचार कर सकती हैं कल चुनाव परिणाम आने के बाद नए समीकरण और नई संभावनाएं दिखने लगेंगी। बहन मायावती जी का जो भी निर्णय होगा वह प्रदेश व देश के हित को ध्यान में रखते हुए होगा।

प्रश्न3-अगर त्रिशंकु विधान सभा हुई तो क्या होगा ?

उत्तर-पिछले आकड़ों पर अगर गौर करें तो त्रिशंकु स्तिथि में बीएसपी हमेशा 1 नंबर की स्तिथि में रही है साम्प्रादायिक ताकतों से निपटने के लिए साझा फ्रंट पर भी विचार हो सकता है, हलांकि इसकी जरुरत शायद हमें न पड़े, बहनजी नेतत्व में हम पूर्ण बहुमत की सरकार बना रहे हैं।

प्रश्न 4-भाजपा के साथ आपने कई बार सरकार बनायी है क्या उधर भी जाने का विकल्प खुला है?

उत्तर-गठबंधन के नाम पर चाहे वो भाजपा से रहा हो या भाजपा से हमारे अनुभव बहुत कड़वे रहे हैं, दूसरा भाजपा की कथनी और करनी में बहुत अंतर है इस पर अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी, अभी हम परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। भाजपा के साथ पार्टी जायेगी या नहीं ये चुनाव परिणाम आने के जो समीकरण बनेंगे उस पर बहनजी विचार कर सकती हैं हलाकि भाजपा व सपा दोनों का बीएसपी के साथ मिलकर सरकार बनाने की बात कर रही हैं इससे ये साफ है कि उत्तर प्रदेश में हमारी ताकत बढ़ी है।

प्रश्न 5-अगर एग्जिट पोल पर भरोसा करे तो बीएसपी का कितना नुकसान हुआ ?

उत्तर-एग्जिट पोल पर हम विश्वास नहीं करते क्योंकि ये जो एग्जिट पोल आ रहे हैं सब कहीं न कहीं से प्रायोजित हैं बीएसपी पार्टी ने अन्य दलों की तुलना में सीमित संसाधनों और कार्यकर्ताओं के बल पर जमीन पर चुनाव लड़ा है और हमारे पास जमीनी आंकड़े मौजूद है हमारा वोट प्रतिशत काफी बढ़ा है, हम नुकसान में नहीं बल्कि फायदे में हैं।

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