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गाजीपुर रैली में मोदी ने कहा, आज गरीब चैन की नींद सो रहा है और अमीर नींद की गोलियां खा रहे हैं

Sanjay SrivastavaSanjay Srivastava   14 Nov 2016 3:24 PM GMT

गाजीपुर रैली में मोदी ने कहा, आज गरीब चैन की नींद सो रहा है और अमीर नींद की गोलियां खा रहे हैं32 माह से लगातार काम कर रहे हैं नरेंद्र मोदी

गाजीपुर (आईएएनएस)| गाजीपुर में भारतीय जनता पार्टी की परिवर्तन यात्रा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा आज गरीब चैन की नींद सो रहा है और अमीर नींद की गालियां खा रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोनभद्र से चलने वाली परिवर्तन यात्रा को आज (14 नवंबर) गाजीपुर में एक रैली को संबोधित कर रहे हैं। पांच नवंबर से भाजपा की परिवर्तन यात्रा सहारनपुर से शुरू हो चुकी है।

गाजीपुर में अपनी रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत भोजपुरी भाषा में की। नोटों को अमान्य करने के अपने फैसले को गरीबों का समर्थक बताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि भ्रष्टों की रातों की नींद उड़ गई है और गरीब आदमी चैन की नींद सो रहा है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ किया मैंने अपना वादा पूरा किया

वर्ष 2014 में जब चुनाव की तैयारियां चल रही थी तब मैं 9 मई को गाजीपुर आया था। वर्ष 2014 में मैंने आप से कहा था कि मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ काम करूंगा। मैंने 500 रुपए व 1000 रुपए के नोट बंद कर भ्रष्टाचार के खिलाफ ही काम कर रहा हूं। इस नोटबंदी से बहुत से लोगों को परेशानी हो रही है।

भ्रष्टाचारियों पर नकेल कसने का मेरे पास यही तरीका है

मोदी ने नोटबंदी के फैसले पर जनसभा में लोगों को समझाते हुए कहा कि घर में जब शादी हो और बारात आने वाली हो तो ‘‘ अपना भी दिल करता है कि घर की दीवारों पर अच्छा कलर (पुताई) लगाएं। (लेकिन) उसकी गंध दस दिन तक रहती है, हम दीवार में गंध के बावजूद अच्छे कलर लगाते हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी काम करें, थोड़ी बहुत तकलीफ होती है लेकिन इरादा नेक होना चाहिए। जो मैं कर रहा हूं, देश की भलाई के लिए कर रहा हूं। कुछ राजनीतिक दल परेशान हैं, उन्हें चिन्ता सता रही है कि अब क्या करें। नोटों की मालाएं कहां ले जाएं।'' भ्रष्टाचारियों पर नकेल कसने के लिए मेरे पास यह तरीका ही सबसे सही तरीका है।

मोदी ने एक साधारण से उदाहरण से अपनी बात समझायी कि मध्य प्रदेश में किसी सरकारी बाबू के घर में आयकर वाले गए तो बिस्तर के नीचे से तीन करोड़ रुपए निकल आए। ‘‘मैं एक एक घर में खोजने जाऊंगा तो मुझे कितने साल लगेंगे। एक जगह देखूंगा तो दूसरी जगह छिपा लेगा और दूसरी जगह देखूंगा तो तीसरी जगह छिपा देगा इसलिए मैंने तय किया कि पांच सौ और हजार के नोट कागज की रद्दी में डालो।''

अब गरीब और अमीर समान हो गए हैं, जनता को इस फैसले से जो तकलीफ हो रही है, उसकी उन्हें पीड़ा है। आपकी तकलीफ कम हो, इसके लिए जितना करना पड़े, करता रहूंगा। लेकिन कुछ लोगों को तो जरा ज्यादा तकलीफ हो रही है। मोदी बोले कि ईमानदारी के नाम पर देश की जनता को गुमराह करने वाले नेताओं से वह कहना चाहते हैं कि पांच सौ और हजार रुपए के नोट यानी काला धन जाना चाहिए और बेइमानी जानी चाहिए इसलिए इसे हटाओ।
नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री

विपक्ष को फटकारा

विपक्ष को फटकार लगाते हुए मोदी ने कहा, ‘‘ विमुद्रीकरण के बाद कुछ राजनीतिक पार्टियां परेशान हैं। उन्हें नोटों की मालाएं पहनने की आदत थी, अब उनके पास केवल एक ही विकल्प बचा है कि 500 और 1000 के नोटों को रद्दी की टोकरी में डाला दें।'' मोदी ने किसी का नाम लिए बिना कहा, ‘‘ कुछ लोगों के चेहरों पर मुस्कान है, वे यहां तक कहते हैं कि मोदीजी आपने एक अच्छा काम किया है. लेकिन वे अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को मेरे फैसले का विरोध करने को उकसाते हैं।'' उनका परोक्ष इशारा बसपा, सपा और आप की तरफ था जिन्होंने इस कदम की आलोचना की है।

इस कदम से शक्तिशाली लोगों पर पड़ेगा असर

मोदी ने कहा कि इस कदम से बहुत शक्तिशाली लोगों पर असर पड़ेगा लेकिन वह गरीबों की खातिर लड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे पता है कि मुझे बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ेगा क्योंकि जिन लोगों के पास भारी पैसा है वे बड़े ताकतवर लोग हैं लेकिन मैंने यह लड़ाई गरीब के लिए छेड़ी है।''

मोदी ने कहा कि जनता को इस समय जो तकलीफ हो रही है, उसे दूर करने के लिए जितनी उनके पास बुद्धि है, उसका इस्तेमाल कर तकलीफ को दूर करने के लिए एडी चोटी का जोर लगा देंगे।

कांग्रेस ने 19 माह तक देश को जेलखाना बनाया था

उन्होंने कहा कि कांग्रेस कहती है कि जनता को तकलीफ हो रही है। ‘‘जनता की चिन्ता करने वाली कांग्रेस ने 19 महीने आपातकाल लगाकर इस देश को जेलखाना बना दिया था। कोई बोले तो उसे जेल के दरवाजे दिखा दिए जाते थे। कांग्रेस ने गद्दी बचाने के लिए देश को जेलखाना बनाया था जबकि मैंने गरीबों की भलाई और भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए ये कदम उठाया है।''

गरीब को कडक चाय भाती है

मोदी बोले, ‘‘मेरे निर्णय कडक हैं, जब छोटा था तब गरीब लोग मुझसे कहते थे कि चाय जरा कडक बनाना। गरीब को कडक चाय ज्यादा अच्छी लगती है. मैंने निर्णय कडक लिया। अब गरीब को तो कडक चाय भाती है लेकिन अमीर को नहीं।''

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस वाले पूछते हैं कि 500 और 1000 रुपए के नोट क्यों बंद किए। साथ ही व्यंग्य किया, ‘‘मैं कांग्रेस से पूछना चाहता हूं कि जब आपकी सरकार थी तो आपने भी चवन्नी बंद कर दी थी। तब कौन सा कानून था, मुझे बताओ। किससे पूछा था। आप चवन्नी से आगे चल नहीं पा रहे। आपने अपनी बराबरी का काम किया और हमने हमारी बराबरी का काम किया।''

जाली नोट के खत्मे को नोटबंदी जरूरी था

उन्होंने कहा कि सीमा पार से हमारे दुश्मन नकली नोट छापकर हमारे देश में भेज रहे हैं, दुश्मनों की इस चाल को खत्म करने के लिए ही नोटबंदी का फैसला किया। इस फैसले का विरोध करने वाले नेताओं से ‘‘मैं सवाल पूछना चाहता हूं कि आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई के लिए जाली नोट का खात्मा होना चाहिए या नहीं। पांच सौ और हजार के नोट पर अगर हमला ना बोलता तो क्या ये जाली नोट खत्म होते।''

आम जनता से 2.50 लाख रुपए के बारे में कुछ नहीं पूछेगा आयकर विभाग

प्रधानमंत्री ने कहा, हमारे पास धन की कमी नहीं है लेकिन यह वहां पड़ा है जहां इसे नहीं होना चाहिए। विमुद्रीकरण पर प्रधानमंत्री ने कहा भ्रष्टाचार तब ही जाएगा जब लोग असुविधा का सामना करने के लिए तैयार हों। प्रधानमंत्री ने कहा, मैं भरोसा दिलाता हूं कि मेहनत से कमाया रुपए को कोई छेड़ेगा। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग आम जनता से नहीं पूछेगा कि 2.50 लाख रुपए कहां से आया है।

मोदी ने कहा कि जिन महिलाओं ने कड़ी मेहनत कर पाई-पाई जोडकर धन जमा किया है, उस पर एक भी सरकारी अधिकारी आंख नहीं लगा पाएगा। ‘‘आप ढाई लाख रुपए बैंक में जाकर जमा कीजिए। आयकर रिकार्ड में ऐसी मां और बहन को कोई पूछेगा भी नहीं कि ढाई लाख रुपए कहां से आया। लेकिन जिसके पास ढाई करोड़ रुपए हैं, वो सोचें।''

कूडे के ढेर में नोट फेंककर भाग रहे लोग

उन्होंने सवाल किया कि बिस्तर के नीचे जो करोड़ों रुपए जमा करते हैं, क्या उन्हें छोड़ दिया जाए। ‘‘इन दिनों आपने देखा होगा कि रात को गाड़ियां निकलती हैं, लोग देखते हैं कि कहीं सीसीटीवी कैमरा तो नहीं लगा है, चोरी छिपे मुंह पर कपड़ा बांधकर कूडे के ढेर में नोट फेंककर भाग जाते हैं, जो नोट फेंकने आ रहे हैं, अगर हाथ लग गये तो उन्हें हिसाब देना होगा।''

वह गरीबों का धन लुटने नहीं देंगे। पहले लोग गंगाजी में दूध, शहद, सिक्के आदि डालकर नमन करते थे लेकिन आजकल नोट डाल रहे हैं, गंगा में पांच सौ और हजार के नोट बह रहे हैं। ‘‘साथियों, गंगा में नोट बहाकर भी आपका पाप धुलने वाला नहीं है।
मोदी प्रधानमंत्री

उन्होंने कहा, ‘‘जिनके खजाने भरे हैं, वे बड़े ताकतवार होते हैं, इतने ताकतवर कि सरकारों को खरीद लें। वे ऊपर नीचे करने की ताकत रखते हैं, भविष्य को तबाह करने की ताकत रखते हैं. लेकिन मुझे बताइए देशवासियों, क्या मुझे ऐसे लोगों से डरना चाहिए। क्या ईमानदारी का रास्ता छोड़ दूं। मुझे आपका (जनता का) आशीर्वाद है इसलिए मैंने ये लड़ाई मोल ली है।''

इससे पूर्व बनारस से सांसद प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी सोमवार सुबह गाजीपुर पहुंचे। प्रधानमंत्री ने कई योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

प्रधानमंत्री के पहुंचने से पहले ही मैदान भर गया। चारों ओर मोदी व मनोज सिन्हा के कटआउट लगाए गए हैं और 'भारत माता की जय', 'हिंदुस्तान जिंदाबाद', 'मोदी जिंदाबाद' के नारों से पूरा माहौल गूंज रहा है।

मोदी परिवर्तन रैली के दौरान 1,766 करोड़ की लागत से बनी गाजीपुर और मऊ को जोड़ने वाले ताड़ी घाट रेलवे पुल का शिलान्यास करेंगे। इसकी मांग कई दशकों से उठ रही थी।

मोदी गाजीपुर से कोलकाता के बीच एक सीधी ट्रेन को भी रही झंडी दिखाएंगे। रैली के दौरान वह 517 करोड़ रुपए से नवनिर्मित कागरे केंद्र का लोकार्पण भी करेंगे। साथ ही घर बचत बीमा योजना के तहत दो ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया जाएगा और सुकन्या समृद्घि योजना के पांच लाभार्थियों को पासबुक वितरित किए जाएंगे।

भाजपा की परिवर्तन यात्रा

उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ही उप्र का सियासी माहौल गर्म हो चुका है। कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बाद भाजपा की परिवर्तन यात्रा पांच नवंबर से शुरू हो चुकी है।

दरअसल भाजपा की काशी प्रांत की इकाई ने सोनभद्र के रॉबर्टसगंज से आठ नवंबर को चलने वाले परिवर्तन रथ के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। यह यात्रा रॉबर्टसगंज, बनारस और चंदौली होते हुए 13 नवंबर रात को गाजीपुर पहुंची है।



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