पार्टी से निकालने के बाद मुलायम ने ये कदम उठाया तो जाएगी अखिलेश की कुर्सी ?

पार्टी से निकालने के बाद मुलायम ने ये कदम उठाया तो जाएगी अखिलेश की कुर्सी ?अखिलेश यादव, मुख्यमंत्री, यूपी

लखनऊ। अरुणाचल प्रदेश में 11 महीने में चार मुख्यमंत्री बदले चा जुके हैं। कुछ महीने पहले चुने गए सीएम पेमा खांडू को पार्टी से निलंबन के बाद हटा दिया गया है। अब वहां नए सीएम चुना गया है। देश के सबसे बड़े राज्य यूपी में सिसायी संकट है। मुलायम ने अनुशासनहीनता के आरोप में बेटे और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पार्टी से निकाल दिया है। फिलहाल अखिलेश यादव मुख्यमंत्री हैं, उनकी कुर्सी को कोई खतरा नहीं है। आपको बताते हैं मुख्यमंत्री की नियुक्ति का संविधान में क्या प्रावधान हैं ?

कैसे होती है मुख्यमंत्री की नियुक्ति

  1. गवर्नर द्वारा मुख्यमंत्री की नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद 163 के तहत होती है।
  2. राज्यपाल, मुख्यमंत्री को तो आम चुनाव के बाद नियुक्त करता है या जब मौजूदा सीएम इस्तीफा दे चुका हो या बर्खास्तगी के बाद पद खाली हो गया हो।
  3. इसके अलावा विधानसभा चुनाव में किसी दल को बहुमत मिलने पर उस दल द्वारा चुने गए नेता को नियुक्त करना राज्यपाल की संवैधानिक बाध्यता होती है।
  4. यदि सीएम किसी कारणवश इस्तीफा दे तो उस दल के नए निर्वाचित नेता को सीएम बनाया जाता है।
  5. अगर चुनाव में किसी पक्ष को बहुमत न मिले या उसकी बर्खास्तगी की स्थिति में गवर्नर अपने विवेक से सीएम नियुक्त कर सकता है। हालांकि नियुक्त मुख्यमंत्री को छह माह में विधानसभा में बहुमत साबित करना होगा।

क्या होती है योग्यता ?

  1. मुख्यमंत्री का राज्य विधानसभा या विधानपरिषद में सदस्य होना चाहिए।
  2. सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के तहत कोई भी सजायाफ्ता मुख्यमंत्री पद के लिए अयोग्य माना जाएगा।
  3. बहुमत समाप्त हो जाने के बाद मुख्यमंत्री को त्यागपत्र दे देना चाहिए। अगर वह पद नहीं छोड़ता तो राज्यपाल उसे बर्खास्त कर सकता है।

मुख्यमंत्री को इन बिन्दुओं पर बर्खास्त किया जा सकता है

  1. अगर राज्यपाल सीएम को विधानसभा का अधिवेशन बुलाने और बहुमत साबित करने के लिए निर्देशित करता है और अगर सीएम निर्धारित समय के अंदर अधिवेशन नहीं बुला पाते तो राज्यपाल मुख्यमंत्री को बर्खास्त कर सकता है।
  2. राज्यपाल अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति को यह रिपोर्ट दे कि राज्य का शासन संविधान के आधार पर नहीं चल पा रहा या राष्ट्रपति को किसी अन्य स्रोत से पता चले कि राज्य का शासन संविधान के अनुरूप काम नहीं कर रहा तो राष्ट्रपति सीएम को बर्खास्त कर राज्य के शासन की बागडोर राज्यपाल को दे सकता है
  3. अगर मुख्यमंत्री के खिलाफ राज्य विधानसभा में प्रस्ताव लाया जाए और वह पारित हो जाए लेकिन सीएम इस्तीफा देने से इनकार करे तब राज्यपाल मुख्यमंत्री को बर्खास्त कर सकता है।

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