“किसानों के मुद्दों को अपने घोषणापत्र में शामिल करे कांग्रेस”

“किसानों के मुद्दों को अपने घोषणापत्र में शामिल करे कांग्रेस”किसान मंच की बैठक में शामिल लोग और संयोजक शेखर दीक्षित।

लखनऊ। किसानों की आत्महत्याएं, समर्थन मूल्य और गन्ना किसानों के मूल्य भुगतान जैसे मुद्दों को कांग्रेस अपने घोषणापत्र में जरूर शामिल करे। हाल ही में कांग्रेस में विलय हुए किसान मंच ने विलय होने के कई महीने बाद अचानक अपनी बैठक का आयोजन किया। जिसमें सर्वसम्मत से ये प्रस्ताव पास कर के कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व को भेजा गया। बैठक में मंच के सभी पदाधिकारियो ने हिस्सा लिया और यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से किया गया कि किसानमंच ने विगत 11 नवम्बर को कांग्रेस पार्टी को समर्थन दिया था। मगर समाजवादी पार्टी व कांग्रेस के बीच हुए गठबंधन में कहीं किसानो की बात पुनः दबा न दी जाए इसलिए उपाध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखा गया है। उनकी खाट सभा और 27 साल किसान बेहाल के प्रति राहुल गांधी की संजीदगी को देखते हुए किसानमंच ने कांग्रेस पार्टी में सम्मिलित होने का निर्णय किया था। किसानमंच के सारे कार्यकर्ता किसान हितो को लेकर संर्घष करने के लिए वचनबद्ध है। हमारी मांग है कि सरकार सत्ता में आएगी तो किसानो के प्रति किए गए वादे कांग्रेस पार्टी निभाएज जायें। चाहें गन्ना किसानो के भुगतान का मामला हो या फिर समर्थन मूल्य। किसानो की आत्महत्याओ का मामला हो हम लोग चाहते है कि किसानो की विभिन्न समस्याओ को कांग्रेस पार्टी अपने घोषणा पत्र में वरीयता दें। मंच के संयोजक शेखर दीक्षित ने कहा कि कोई भी देश बिना ग्रामीण विकास किसान मजदूरो की समृद्धि के विकसित नहीं हो सकता और न ही खुशहाल हो सकता है।

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