राज्यमंत्री पवन पांडेय समाजवादी पार्टी से छह वर्ष के लिए निष्कासित 

राज्यमंत्री पवन पांडेय समाजवादी पार्टी से छह वर्ष के लिए निष्कासित अखिलेश के करीबी मंत्री तेज नारायण पांडे उर्फ़ पवन पांडे ।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री पवन पांडेय को अनुशासनहीनता के आरोप में छह वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया।

सपा के प्रांतीय अध्यक्ष शिवपाल यादव ने यहां संवाददाताओं को बताया कि वन राज्य मंत्री तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय को अनुशासनहीनता के आरोप में छह साल के लिए पार्टी से निकाल दिया गया है। उन्होंने बताया पांडे ने गत 24 तारीख को सपा की महत्वपूर्ण बैठक के दौरान विधान परिषद सदस्य आशु मलिक से मारपीट की थी।

शिवपाल ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को एक पत्र लिखकर राज्य मंत्री पांडे के खिलाफ कार्यवाही करने की गुजारिश की है। शिवपाल ने बताया समाजवादी पार्टी और परिवार में सब कुछ ठीक है और कहीं कोई मतभेद नहीं है।

मालूम हो कि वन राज्य मंत्री पवन पांडे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के करीबी मंत्री माने जाते हैं. विधान परिषद सदस्य आशु मलिक ने पांडे पर गत 24 अक्टूबर को सपा के मंत्रियों विधायकों तथा अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक के दौरान मचे हंगामे के बाद उनसे मारपीट करने का आरोप लगाते हुए इस सिलसिले में पुलिस में तहरीर भी दी थी। मुख्यमंत्री ने कल पांडे से मुलाकात कर के उनसे घटना के बारे में जानकारी ली थी।

तेज नारायण पांडे उर्फ़ पवन पांडे ।

इस बीच, पांडेय ने खुद पर लगे आरोपों को गलत करार देते हुए इसे साजिश का हिस्सा बताया है।

सपा से निष्कासित होने के बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि कागज पर लिखकर उन्हें सपा से भले निकाल दिया गया हो लेकिन उनके दिल में सपा, उसके मुखिया मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश हमेशा रहेंगे। उन्हें निष्कासन का जरा भी गम नहीं है।

पांडेय ने कहा कि उन पर किसी साजिश के तहत झूठे आरोप लगाए गए हैं। विधान परिषद सदस्य आशु मलिक ने थाने में तहरीर में घटना मुख्यमंत्री आवास के बाहर होना बताया है। उस जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं. उस दिन पूरा मीडिया मुख्यमंत्री आवास के बाहर जमा था। पांडेय के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज की जांच हो तो सचाई सामने आ जाएगी।

इस कार्रवाई के बाद पवन पांडे को अब अपना मंत्री पद छोड़ना होगा।

गौरतलब है कि लगातार अखिलेश समर्थकों को पार्टी से निकाला जा रहा है। पहले यूथ विंग के अध्यक्षों को फिर एमएलसी उदयवीर सिंह को पार्टी से निकाला गया। सोमवार को रामगोपाल यादव को छह साल के लिए पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। अब मंत्री पवन पांडे पर गाज गिरी है।

पवन पांडे समाजवादी पार्टी के युवा नेता हैं। उन्होंने 2012 विधान सभा चुनावों में अयोध्‍या विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र पांच बार के बीजेपी विधायक लल्लू सिंह को हराकर समाजवादी पार्टी को जीत दिलाई थी। 1991 के बाद पहली बार समाजवादी पार्टी यहां जीत सकी थी. इसी का इनाम अखिलेश यादव ने उन्हें मंत्री बनाकर दिया था।


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