मायावती का अखिलेश पर कटाक्ष, पत्थर की बात तो कोई ‘बबुआ’ ही कर सकता है

मायावती का अखिलेश पर कटाक्ष, पत्थर की बात तो कोई ‘बबुआ’ ही कर सकता हैप्रेसवार्ता को संबाेधित करतीं मायावती।

लखनऊ (भाषा)। चुनावी रैलियों में ‘पत्थर वाली सरकार' कहकर कटाक्ष करने वाले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने आज कहा कि ये बात तो कोई ‘बबुआ' ही कर सकता है कि पत्थर का बैठा हाथी बैठा है और जो हाथी खड़ा है, खड़ा ही है। मायावती ने अपनी चिर परिचित शैली में कहा, ‘‘रक्षा मंत्री रहते मुलायम सिंह यादव जैसे हर बात पर ‘चाइना-चाइना' करते थे, उसी तरह उनका बबुआ (अखिलेश) भी घूम फिरकर पत्थर वाली सरकार की बात करता है। ये बात सभी समझते हैं कि पत्थर का हाथी जिस मुद्रा में लगा देंगे, वैसे ही रहेगा, तभी तो मैं उसे बबुआ कहती हूं। ये बात तो कोई बबुआ ही कर सकता है।''

बसपा सुप्रीमो यहीं नहीं रुकीं, अखिलेश पर फिर तंज कसा, ‘‘अरे बाबा, ये तो एक छोटा बच्चा भी बता देगा। वो (अखिलेश) तो कई बच्चों का बाप है, फिर भी ऐसी बात करता है। बबुआ इसीलिए कहती हूं, क्योंकि ये बात तो बबुआ ही कर सकता है।'' उन्होंने कहा कि जनता सपा सरकार के माफियाराज, गुंडाराज, अराजकता और जंगलराज के बारे में पूछना चाह रही थी लेकिन उसे बताने की बजाय अखिलेश पत्थर की राजनीति करते रहे, फिर भी सपा के बबुआ का धन्यवाद। चाहे पत्थर का हाथी ही क्यूं ना कहता रहा हो लेकिन पूरे उत्तर प्रदेश में हमारी पार्टी का सपा के बबुआ ने फ्री में प्रचार कर दिया। मायावती ने आरोप भी मढ़ा, ‘‘मुझे बताया गया कि नये घर में उसने (अखिलेश) कई करोड़ का पत्थर विदेश का लगाया है। हमने तो इंडिया का पत्थर, उत्तर प्रदेश का पत्थर लगाया है और वो भी जनहित के कार्य पर। उसने तो अपने हित, अपने बंगले के लिए विदेश का पत्थर लगाया।

मायावती ने कहा कि भाजपा ने प्रदेश विधानसभा चुनाव में बूचडखानों को चुनावी मुद्दा बनाकर चुनाव को धार्मिक रंग देने की कोशिश की। सच्चाई यह है कि भाजपा शासित राज्यों, महाराष्ट्र हरियाणा और मध्यप्रदेश में ऐसे कत्लखाने ना सिर्फ चल रहे हैं, बल्कि उन्हें चलाने वालों में भाजपा के लोग भी शामिल हैं। अगर उसे इतनी ही फिक्र है तो कत्लखाने बंद करने के लिये उसने अब तक कोई राष्ट्रीय कानून क्यों नहीं बनाया। उन्होंने कहा कि मोदी कहते हैं कि वह गरीब विरोधी नहीं हैं, लेकिन उनकी सरकार का चाल चरित्र और चेहरा धन्नासेठों का ही हितकारी रहा है। मोदी यह भी कहते हैं कि इन्होंने खुद गरीबी का कष्ट सहन किया है।

यदि वास्तव में ऐसा ही है तो उन्होंने नोटबंदी का अपरिपक्व फैसला लेकर देश के करोड़ों लोगों को बेरोजगार और कंगाल क्यों बना दिया। बसपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में सपा सरकार के पांच साल के कार्यकाल में काम कम और अपराध ज्यादा बोलता है। जनता इन चुनाव में उसे इसकी भी सजा देगी। सपा के लोगों ने भाजपा का झूठा खाया हुआ है। सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के परिवार में शादी समारोह में उन्होंने प्रधानमंत्री और उनके लोगों को सैफई बुलाया। सपा और भाजपा आपस में मिले हुए हैं।

मायावती ने दावा किया कि प्रदेश में बसपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी। भाजपा और सपा-कांग्रेस गठबंधन इस चुनाव में केवल दूसरे-तीसरे नंबर की लड़ाई लड़ रहे हैं। भाजपा को मालूम है कि बसपा ही प्रदेश की सत्ता में आ रही है, इसलिए उसने चुनाव के बीच में ही पूरे देश में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत बढाने से परहेज नहीं किया।

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