पद मिलते ही दिमाग खराब हो गया आपका: मुलायम सिंह यादव

पद मिलते ही दिमाग खराब हो गया आपका: मुलायम सिंह यादवप्रतीकात्मक फोटो। साभार: गूगल इमेज

लखनऊ। समाजवादी पार्टी में मचे सियासी घमासान को खत्म करने के लिए सोमवार को मुलायम सिंह यादव ने खुद मोर्चा संभाला और चाचा-भतीजे के बीच बढ़ती दूरियों को खत्म कराने के लिए संयुक्त सम्मेलन का आयोजन किया। समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित हुई इस बैठक में मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश यादव और उनके समर्थकों को खूब खरी-खोटी सुनाई। अपने भाई शिवपाल यादव और पार्टी महासचिव अमर सिंह की तारीफ करते हुए सपा प्रमुख ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर जमकर अपनी भड़ास निकाली।

ये क्या जानें, हमने कितनी लड़ाई हैं

मुलायम सिंह ने अमर सिंह को लेकर अपने संबंधों पर बोलते हुए कहा कि "अमर सिंह मेरे भाई हैं। मैं अमर सिंह और शिवपाल यादव के खिलाफ कुछ नहीं सुन सकता।" अमर सिंह को पार्टी से निकालने की मांग पर कहा कि "तुम्हारी क्या हैसियत है? अमर सिंह को बाहर करने को कह रहे हो? अमर सिंह को गाली देते हो।" सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ ही युवा समर्थकों पर भी बरसते हुए कहा कि "पार्टी आफिस के बाहर ये जो अखिलेश भैया-अखिलेश भैया कर रहे हैं, ये क्या जाने कि हमने कितनी लड़ाई लड़ी है। जो लोग आलोचना नहीं सुन सकते, वो नेता नहीं बन सकता। तुम लोगों का दिमाग खराब हो गया है।"

ऐसा नहीं है कि नौजवान मेरे साथ नहीं हैं

मुलायम सिंह ने कहा कि "मैं अभी थका नहीं हूं। ऐसा नहीं है कि नौजवान मेरे साथ नहीं हैं, अगर मैंने इशारा कर दिया तो जो लोग बाहर नारेबाजी कर रहे हैं उनको खदेड़ दिया जाएगा।" शिवपाल की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि "तुम लोग हवा में घूम रहे हो, जमीन के नेता नहीं हो। शिवपाल जनता के बीच के नेता हैं। न जोन कितने लोगों को हमने पार्टी से जोड़ा है। लेकिन पार्टी में तनातानी से आहत हूं। आज पार्टी में जो चल रहा है, उससे दुखी हूं। अभी मैं कमजोर नहीं हुआ हूं।"

युवाओं को टिकट दिया और आप लोग ऐसा कर रहे हैं

मुलायम सिंह ने अखिलेश यादव से मुखातिब होते हुए कहा कि "मैं 13 साल की उम्र में पहली बार जेल गया। गलियों में लोहिया के पक्ष में नारे लगाए जा रहे हैं। ऐसी लाठी चली कि सांप की तरह पीठ गई। आज जो बाहर उछल रहे हैं एक लाठी मार दें तो पता नहीं चलेगा।" उन्होंने अखिलेश यादव के समर्थन में नारे लगा रहे समर्थकों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि "अखिलेश की चापलूसी करते हो अगर सपा की परिभाषा पूछूं नहीं बता पाओगो। मैंने आपको बुलाया है, जो आलोचना नहीं सुन सकते, वह बाहर जाएं। नारेबाजी अच्छी नहीं है। नोजवानों को मैंने आगे किया है, युवाओं को टिकट दिया और आप लोग ऐसा कर रहे हैं।" मुलायम सिंह के इस संबोधन पर अखिलेश यादव और उनके समर्थकों को कुछ देर के लिए सांप सूंझ गया। मुख्तार अंसारी की पार्टी कौमी एकता दल के सपा में विलय को लेकर भी मुलायम सिंह ने कहा कि "मुख्तार अंसारी का परिवार सम्मानित है। ऐसे में उस पर सवाल नहीं खड़ा किया जा सकता।

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