मुजफ्फरनगर शांत, BJP का एजेंडा है विकास: बालियान 

मुजफ्फरनगर शांत, BJP का एजेंडा है विकास: बालियान कृषि राज्य मंत्री संजीव बालियान

मुजफ्फरनगर (भाषा)। मुजफ्फरनगर दंगो के करीब ढाई साल बाद, वर्ष 2016 में जब तत्कालीन समाजवादी पार्टी के विधायक चितरंजन स्वरुप की मौत के बाद यहां उपचुनाव कराये गये थे, तब नेता के बेटे के पक्ष में सहानुभूति की लहर से BJP ने आसानी से यह सीट जीत ली थी।

उस समय अनेक विश्लेषकों ने कहा था कि भगवा पार्टी अपने अभियान के जरिये सांप्रदायिक गलतियों का फायदा उठाने में सक्षम रही। यह अभियान भाजपा के दंगा आरोपी नेताओं के नेतृत्व में चलाया गया था। BJP ने दंगो के बाद फरवरी 2016 में हुये इस उपचुनाव के प्रचार के लिए पहली बार स्थानीय सांसद और मोदी सरकार के कृषि राज्य मंत्री संजीव बालियान, सांसद हुकुम सिंह और विधायक सुरेश राणा को नियुक्त किया था। इन सभी नेताओं का नाम वर्ष 2013 के दंगों के आरोपियों में शामिल था। उन दंगों में कम से कम 60 लोगों की मौत हो गयी थी, जबकि हजारों लोग विस्थापित हो गये थे। हालांकि अब आने वाले चुनाव में पार्टी बहुप्रचारित विकास की गाथा को अपनाती हुयी लग रही है।

बालियान ने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश, जहां दंगों के कारण 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान भारी तनाव था, फिलहाल शांत है और अब चुनाव में विकास के प्रमुख मुद्दा बनने से इस बार यहां शांतिपूर्ण चुनाव होंगे।

बालियान ने बताया कि यहां के लोगों ने किस प्रकार से मुश्किलों का सामना करने के बावजूद राष्ट्रहित में नोटबंदी का समर्थन किया। BJP नेता ने भ्रष्टाचार और खनन माफिया संबंधी आरोपों को लेकर राज्य की अखिलेश यादव सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पार्टी की रणनीति के तहत राज्य में मुख्यमंत्री की घोषणा नहीं की गयी है।

बालियान ने कहा, ‘‘संप्रग सरकार में, कहा जाता था कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ईमानदार हैं, लेकिन उनकी सरकार भ्रष्ट है। अब अखिलेश यादव भी यही कह रहे हैं, कि मैं ईमानदार हूं ओर मैंने भ्रष्टाचार के आरोपी मंत्री को निकाल दिया, लेकिन केवल 15 दिनों के बाद उन्होंने उसे फिर से बहाल कर दिया।''

उन्होंने कहा, ‘‘अब इसके लिए कौन जिम्मेदार है? यदि राज्य सरकार में भ्रष्टाचार है, तो यह मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी है।'' उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली BSP सरकार के कार्यकाल की तरह खनन माफिया इस सरकार के कार्यकाल में भी सक्रिय है। उन्होंने कहा, ‘‘यदि भ्रष्टाचार नहीं है, तो माफिया अभी भी खनन कैसे कर रहे हैं?'' बालियान ने राज्य सरकार पर किसानों का चीनी मिलों पर बकाया 2,000 करोड़ रुपये माफ करने के भी आरोप लगाये।

बालियान ने अपने विपक्षी समाजवादी पार्टी पर हमला करते हुये कहा, ‘‘यह किसानों का पैसा था और सरकार को इसे माफ करने का कोई अधिकार नहीं था। यदि भ्रष्टाचार नहीं है, तो चीनी मिलों का बकाया माफ करने का क्या कारण था।''

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