पहले लेनी होगी अनुमति, बाद में उतरेगा हेलीकॉप्टर

पहले लेनी होगी अनुमति, बाद में उतरेगा हेलीकॉप्टरवीआईपी की जानकारी एक सप्ताह पहले दें

अजय मिश्रा

कन्नौज। अधिकारी की बिना अनुमति के किसी भी प्रत्याशी का प्रचार करने आ रहे शीर्ष नेता या स्टार प्रचारक का हेलीकॉप्टर नहीं उतरेगा। इसके अलावा जनसभा का स्थान भी बताना होगा कि कहां पर संबंधित नेता आएंगे। नियमों का पालन न करने वाले प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव आदर्श आचार संहिता के तहत केस दर्ज कराया जाएगा। रविवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिले की तीनों विधानसभा क्षेत्रों के प्रत्याशियों और उनके अभिकर्ताओं की बैठक हुई। इसमें पुलिस और व्यय प्रेक्षक के अलावा संबंधित विधानसभा क्षेत्र के प्रेक्षकों ने जानकारी दी।

बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. अशोक चंद्र ने कहा कि मतदाता को किसी भी प्रकार का प्रलोभन नहीं दिया जाएगा। बिना अनुमति के प्रचार वाहन पकड़ा गया तो सीज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हर बूथ पर सतर्कता बरती जाएगी। कैमरे लगेंगे। माइक्रो आब्जर्वर तैनात होंगे। फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी होगी। वहीं, उपजिला निर्वाचन अधिकारी संतोश कुमार वैश्य ने बताया कि अगर कोई स्टार प्रचारक आता है तो उसका खर्च संबंधित प्रत्याशी के खर्च में जोड़ा जाएगा।

वीआईपी की जानकारी एक सप्ताह पहले दें

एसपी दिनेश कुमार ने कहा कि वीआईपी या स्टार प्रचार का विजिट लग रहा है तो उसकी जानकारी एक सप्ताह पूर्व होनी चाहिए। जिससे संबंधित व्यक्ति के लिए सुरक्षा के इंतजाम किए जा सकें। साथ ही मंच पर जितने लोग रहेंगे, उनकी सूची पहले से दी जाए। उससे अधिक लोग मंच पर नहीं जाने दिए जाएंगे। एसपी ने कहा कि इसमें एसपीजी, जेड प्लस और एनएसजी सुरक्षा प्राप्त नेता आदि आएंगे। पुलिस और प्रषासन के हिसाब से अगर जनसभा की बैरीकेडिंग नहीं की जाती है तो सभा का आयोजक व्यक्तिगत रूप से सुरक्षा का जिम्मेदार होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर इसमें सक्षम नहीं हैं तो पीडब्ल्यूडी के लोग बैरीकेडिंग आदि करा देंगे, लेकिन इसका खर्च प्रत्याषी या पार्टी को वहन करना पडे़गा।

रैली के बाद नहीं मिलेगी रोड शो की अनुमति

उपजिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि जनसभा के तुरंत बाद रोड शो की अनुमति नहीं दी जाएगी। जो भी जनसभाएं, रोड शो और रैली होंगी, उसमें एमसीसी यानि आदर्श आचार संहिता का पालन होना चाहिए।

आपराधिक इतिहास वाले लोगों को एजेंट न बनाएं

जिला प्रशासन के अफसरों ने बैठक के दौरान साफ किया कि आपराधिक इतिहास वाले लोगों को राजनीतिक दल के लोग एजेंट न बनाएं। साथ ही बूथ पर मतदाता सूची, मोबाइल और बार-बार आना-जाना प्रतिबंधित रहेगा।

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