यूपी में भी कम नहीं आय से अधिक मिलकियत का तूफान

यूपी में भी कम नहीं आय से अधिक मिलकियत का तूफानमायावती और मुलायम सिंह 

लखनऊ। तमिलनाडु की राजनीति में आय से अधिक संपत्ति के मामले में जिस तरह का भूचाल आया है, वह समय समय पर यूपी की सियासत में भी कंपन लाता रहा है। बसपा सुप्रीमो मायावती ताज कॉरिडोर से जुड़े एक मामले में अब भी फंसी हुई हैं। अब उनकी पार्टी और भाई भी ईडी, आयकर की जद में आ गए हैं। लंबे समय तक आय से अधिक संपत्ति के मामले में फंसे रहने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। मगर समय समय पर ये सियासी आरोप लगते रहे हैं कि ऐसे प्रकरणों में केंद्र सरकार सीबीआई का सहारा लेकर प्रदेश के नेताओं को अपने हिसाब से चलाती रहती है। फंसने वाले नेता खुद को केंद्र सरकारों की राजनीति का शिकार बताती रही हैं। जिससे राजनीति और आय से अधिक संपत्ति जांच के मामले साथ साथ चलते रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं बसपा अध्यक्ष मायावती आय से अधिक संपत्ति मामले में एक-बार फिर मुसीबतों से घिरती रही हैं। हाल ही में उच्चतम न्यायालय ने मायावती के आय से अधिक संपत्ति मामले पर सुनवाई करने को तैयार हो गया है। बता दें की, मायावती के खिलाफ दायर एक याचिका में याचिकाकर्ता ने नई एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। मायावती के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में याचिका स्वीकार करते हुए शीर्ष न्यायालय ने कहा था कि मामले को लेकर तत्काल कोई निर्णय नहीं दिया जा सकता लेकिन न्यायालय इस पर सुनवाई करने को तैयार है। बसपा सुप्रीमों के नाम आय से अधिक संपत्ति मामले में केस दर्ज है, लेकिन सीबीआई उसके खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं कर रही है। मामले की सुनवाई के दौरान केन्द्र सरकार के अटार्नी जनरल ने मुकुल रोहतगी ने कहा था कि मायावती को आयकर विभाग ने पहले ही क्लीन चिट दी थी। मामले को लेकर केन्द्र के पास ऐसी कोई साक्ष्य नहीं है, तो फिर मायावती को दूसरी एफआईआर दर्ज की जाए। बीएसपी प्रमुख मायावती पर ताज कॉरिडोर मामले से संबंधित आय से अधिक संपत्ति का मामला चल रहा है। जबकि सीबीआई ने इसका कड़ा विरोध किया था। इसके बाद में पिछले महीने मायावती आय से अधिक संपत्ति मामले में एक-बार फिर मुसीबतों से घिर गई थीं। जब उनकी पार्टी और उनके भाई के अकाउंट में पिछले महीने की जांच में करोड़ों रुपये के लेनदेन सामने आए थे। ये लेनदेन नोटबंदी के बाद हुआ था। जिसमें ईडी और आयकर ने जांच की थी। जबकि सीबीआई भी इस मामले में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी में है। मायावती ने इस मामले में कहा था कि केंद्र सरकार यूपी चुनाव में हार देख कर घबरा गई है। इसलिए उनको सीबीआई के जरिये दबाव में लेने की कोशिश में जुटी हुई है

मुलायम को मिली थी सुप्रीम कोर्ट से राहत

मुलायम सिंह यादव भी आय से अधिक संपत्ति के मामले में बुरी तरह से फंसे रहे थे। समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव तथा उनके परिवार को देश की सर्वोच्च अदालत ने बड़ी राहत दी थी। अपने परिवार के संग्राम में फंसे मुलायम सिंह यादव तथा परिवार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट ने आखिरकार करीब तीन महीने पहले खारिज कर दिया था। सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव और परिवार को आय से अधिक संपत्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली थी। सुप्रीम कोर्ट ने विश्वनाथ चतुर्वेदी की अर्जी को खारिज कर दिया था। इस अर्जी में मुलायम सिंह यादव तथा उनके परिवार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले की सीबीआई से जांच कराने के साथ ही मामले का नियमित केस दर्ज करने के निर्देश देने की मांग की गई थी।

सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव और उनके परिवार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का केस करने वाले विश्वनाथ चतुर्वेदी की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की थी।

विश्वनाथ चतुर्वेदी ने सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव, यूपी सीएम अखिलेश यादव, कन्नौज से लोकसभा सांसद डिंपल यादव और मुलायम के दूसरे बेटे प्रतीक यादव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का आरोप लगाया था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने डिंपल यादव और प्रतीक यादव को इससे अलग कर दिया था, क्योंकि उस वक्त डिंपल सार्वजनिक पद पर नहीं थीं

इनके अलावा भी कई बड़े सियासी नाम

  • एनआरएचएम घोटाले में बसपा के पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा ऐसे ही प्रकरण में जेल में रहे।
  • सपा के खनन मंत्री रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ इस मामले में लोकायुक्त जांच हुई।
  • नोएडा अथारिटी के यादव सिंह सीबीआई से गिरफ्तारी के बाद जेल में हैं। इस मामले में सपा और बसपा दोनों शक के दायरे में रहे।

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