सपा से बगावत कर पीएल पुनिया के बेटे के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले रामगोपाल रावत पार्टी से निष्काषित

सपा से बगावत कर पीएल पुनिया के बेटे के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले रामगोपाल रावत पार्टी से निष्काषितराम गोपाल रावत, पूर्व सपा नेता, 

बाराबंकी। कांग्रेसी नेता पीएल पुनिया के बेटे तनुज पुनिया के खिलाफ जैदपुर विधानसभा से सपा एमएलए रामगोपाल रावत को बगावत करनी महंगी पड़ी। गठबंधन के बाद कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ बगावत करने के बाद सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के अखिलेश यादव के आदेश पर 6 वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिए गए हैं।

नामांकन करने के बाद पर्चा वापिस ना लेने और अनुशासनहीनता के चलते राम गोपाल रावत को छह साल के लिए निष्कासित किया गया है।
डॉ. कुलदीप सिंह, सपा जिलाध्यक्ष, बाराबंकी

कांग्रेस और सपा में गठबंधन के बाद जिले की जैदपुर विधानसभा में पिछले कुछ दिनों से सपा उम्मीदवार राम गोपाल रावत और कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा सांसद पीएल पुनिया के बेटे तनुज पुनिया के खिलाफ खुलकर बगावत सामने आने लगी थी। बाराबंकी जिले की इस विधानसभा चुनाव में दोनों पार्टी के उम्मीदवार एक ही विधानसभा पर आमने-सामने ताल ठोक रहे थे। जहां एक तरफ पीएल पुनिया अपने बेटे अनुज पुनिया के लिए लोगों से लगातार वोट मांग रहे हैं, वही अखिलेश सरकार में इस विधानसभा से विधायक रामगोपाल रावत भी चुनावी मैदान से पीछे लौटने को तैयार नहीं थे।

बाराबंकी की जैदपुर विधानसभा सीट इस समय गठबंधन पार्टियों की नाक का सवाल बन गयी थी। गठबंधन की शर्तों के मुताबिक यह सीट काँग्रेस खाते में था, मगर यहाँ से वर्तमान विधायक ने पार्टी सिम्बल से अपना नामांकन दाखिल कर गठबंधन की परेशानी बढ़ा दी थी। इतना ही नहीं, सपा मुख्यालय से आया राष्ट्रीय अध्यक्ष का आदेश भी सपा प्रत्याशी रामगोपाल रावत के लिए कुछ ख़ास मायने नहीं रख रहा था। नाम वापसी लेने के आदेश को दरकिनार करते हुए विधायक ने किसी तरह का कोई आदेश न मिलने का दावा करते हुए अपने लिए जनता से वोट माँग रहे थे। चर्चाएं उस वक्त तेज हो गयी थी, जब यहाँ से वर्तमान विधायक राम गोपाल रावत ने 30 जनवरी को अपना नामांकन पत्र बतौर सपा प्रत्याशी के रूप में दाखिल किया था।


Share it
Top