आरएसएस ने यूपी सीएम के नाम को दी हरी झंडी, आज खुलेगी बंद मुट्ठी

आरएसएस ने यूपी सीएम के नाम को दी हरी झंडी, आज खुलेगी बंद मुट्ठीमोहन भागवत

लखनऊ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कद्दावर पदाधिकारी भइया जी जोशी के जरिये यूपी के भावी सीएम के नाम को संघ प्रमुख मोहन भागवत से हरी झंडी दिलवाई जा चुकी है। अब शनिवार की शाम छह बजे तक इस नाम से पर्दा हट जाएगा। विधायकों की बैठक महज एक औपचारिकता है। सीएम को चुनने के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों की टीम इस नाम को लेकर बीजेपी विधायकों के सामने रखेगी और सर्वसम्मति से उस पर मुहर लग जाएगी। कई दिनों के बाद एक ताजा नाम जो कि यूपी का मुख्यमंत्री बनने का प्रबंल दावेदार है, सामने आ गया है। उनके अलावा पूरे दिन रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा के नाम पर भी चरचाओं का बाजार गर्म रहा। मगर मनोज खुद को दावेदार होने से इन्कार करते रहे। बाकी सारे नाम भी लिये जाते रहे।

इन नामों में देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह का नाम लेने वाले सबसे ज्यादा लोग ले रहे थे। मगर वे अब रेस से बाहर हो गए हैं। उनके साथ में अब मथुरा से श्रीकृष्ण शर्मा लखनऊ के महापौर डॉ दिनेश शर्मा का नाम अब सबसे अधिक लिया जा रहा है। राजनाथ सिंह जहां यूपी सीएम के तौर पर आजमाए जा चुके हैं और उनके पास अच्छा अनुभव है। मगर केंद्र में दूसरे नंबर पर होने की वजह से राजनाथ सिंह की संभावनाएं कम हो गई हैं। लखनऊ के महापौर डॉ दिनेश शर्मा और मथुरा के विधायक श्रीकांत शर्मा की नरेंद्र मोदी और अमित शाह से नजदीकी भी काम आ सकती है। मगर भाजपा के बड़े नेताओं तक का कहना है कि यूपी का सीएम कौन बनेगा इसकी कोई जानकारी किसी के भी पास नहीं है। सबकुछ नरेंद्र मोदी और अमित शाह ही तय करेंगे। जिसमें कोई अप्रत्याशित नाम भी सामने आ सकता है।

प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर राजनाथ सिंह का नाम इस कदर चल रहा है कि, लोगों ने यहां तक कह दिया कि राजनाथ के निजी स्टाफ ने 5 कालीदास मार्ग जाकर निरीक्षण भी कर लिया है। मगर भाजपा के सूत्र बताते हैं कि राजनाथ सिंह खुद ही यूपी का मुख्यमंत्री बनने के लिए बहुत इच्छुक नहीं हैं। जबकि केंद्र सरकार को भी लगता है कि उनकी आवश्यकता राष्ट्रीय स्तर पर अधिक है।

दोनों शर्मा प्रबल दावेदार

लखनऊ के मेयर डॉ दिनेश शर्मा और मथुरा के विधायक श्रीकांत शर्मा भी इस लाइन में हैं। श्रीकांत शर्मा राष्ट्रीय सचिव थे और प्रवक्ता भी। मगर उनको उप्र की राजनीति में लाने के पीछे निश्चित तौर पर बड़ी वजह है। वे नरेंद्र मोदी और अमित शाह की गुडबुक में हैं। युवा और तेजतर्रार भी हैं। ऐसे में उनको भी एक बड़ा दावेदार माना जा रहा है। उनके अलावा लखनऊ के मेयर दिनेश शर्मा गुजरात के प्रभारी रहे हैं। गुजरात में पटेलों के पाटीदार आंदोलन में उनकी भूमिका भाजपा के लिए खासी अच्छी रही थी। इसके अलावा उनके आमंत्रण पर नरेंद्र मोदी दशहरे के मौके पर लखनऊ आए थे। जिससे उनकी नजदीकी का भी अंदाजा लगाया जा रहा है।

कुछ अन्य नाम

स्वतंत्रदेव सिंह, भाजपा के प्रदेश में बड़े नेता

मनोज सिन्हा रेलराज्य मंत्री

केशव प्रसाद मौर्य, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष

रामलाल भाजपा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री

सिध्दार्थनाथ सिंह, विधायक, इलाहाबाद पश्चिम

रामनाथ कोविंद, राज्यपाल बिहार

सुरेश खन्ना, शाहजहांपुर से सात बार के विधायक

सतीश महाना, कानपुर में कई बार से भाजपा विधायक

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