लोकसभा चुनाव में भी कायम रहेगा सपा-कांग्रेस का गठबंधन: गुलाम नबी आजाद        

लोकसभा चुनाव में भी कायम रहेगा सपा-कांग्रेस का गठबंधन: गुलाम नबी आजाद        कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद

मथुरा (भाषा)। कांग्रेस महासचिव एवं उत्तर प्रदेश के प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने आज यहां दावा किया कि कांग्रेस सपा का गठबंधन दो साल बाद आने वाले लोकसभा चुनावों में भी न केवल कायम रहेगा, बल्कि दोनों पार्टिंयां मिलकर सरकार भी बनाएंगी।

आजाद ने चुनावी सभा में कहा, ‘‘समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मिलकर उत्तर प्रदेश के किसानों, मजदूरों, नौजवानों और अकलियत के लिए जो सपने देखे हैं, हम उन्हें केवल सपना नहीं रहने देंगे। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी मिलकर उन ख्वाबों को पूरा करेंगे। मुझे पूरा विश्वास है कि मिली-जुली सरकार भी बनाएंगे, जिसके मुख्यमंत्री अखिलेश यादव होंगे।''

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव की जोड़ी न सिर्फ एक चुनाव, बल्कि आगे भी साथ रहेगी। आगे आने वाला लोकसभा चुनाव में भी साथ लड़ेगी। तब केंद्र में भी सरकार बनाएगी। इसलिए आने वाला जो चुनाव है वह न सिर्फ इस राज्य के लिए है, बल्कि देश विकास के लिए है। तब विकास का दौर होगा, प्रगति का दौर होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘तब ऐसे वातावरण का निर्माण होगा जिसमें किसी में किसी के प्रति कोई खौफ न रहे। हिन्दू-मुस्लिम सभी एक साथ मिलकर साथ रहें। यही हमारी तहजीब है, जो आज से नहीं अकबर के जमाने से भी पहले से चली आ रही है।'' उन्होंने उत्तर प्रदेश चुनाव की तुलना अमेरिका के राष्ट्रपति के चुनाव से करते हुए कहा, ‘‘यह कोई साधारण प्रदेश नहीं है। यहां से भारत की राजनीति की दशा और दिशा उसी प्रकार तय होती है जैसे अमेरिका का राष्ट्रपति चुने जाने से सारी दुनिया का भविष्य तय हो जाता है। तभी तो सारी दुनिया अमेरिकी चुनाव पर नजर गडाए रहती है।''

आजाद ने कहा, ‘‘ध्यान रखें यहां (उप्र) का निर्णय ही केंद्र पर भी प्रभाव डालेगा। हम भी सभी सीटों पर चुनाव लडने वाले थे। लेकिन बहुत से अकलमंदों ने समझाया कि इससे सपा व कांग्रेस को तो फर्क पडेगा ही, प्रदेश की स्थिति पर भी पडेगा। इसलिए गठबंधन का निर्णय लिया।'' उन्होंने नोटबंदी को लाखों को बेरोजगारी का कारण बताते हुए प्रधानमंत्री को सबसे बडा धोखेबाज बताया और कहा, ‘‘हर साल 2 करोड़ रोजगार का वादा किया था यानि 5 साल में 10 करोड़ रोजगार। लेकिन ढाई साल में 5 करोड़ के बजाय केवल डेढ़ लाख को रोजगार दे पाए। युवाओं से कितना बडा झूठ बोला, उन्हें धोखा दिया।''

उन्होंने कहा, ‘‘कश्मीर से कन्याकुमारी तक और सिक्किम से गुजरात तक जहां भी किसान-मजदूर रोजी-रोटी के लिए पैसा कमाने बाहर जाते हैं, उनकी बीवियों को पैसा भेजे जाने के बाद भी मिल नहीं पाया। वे बैंक और एटीएम की लाइनों में ही भागती रहीं।'' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी को कतार में लगा दिया। दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में काम करने वाले मजदूरों को अपने राज्य लौटना पड़ा। अगर उत्तर प्रदेश में भी ऐसी सरकार बन गई तो केंद्र से भी बुरे हालात यहां बन जायेंगे।

उन्होंने मायावती पर आरोप लगाया, ‘‘वे कैसा सामाजिक न्याय करती हैं. जहां वे होती हैं वहां या तो सब नेता खडे रहते हैं अथवा जमीन पर बैठे रहते हैं, जबकि वे अकेले सोफे पर विराजमान हुए रहती हैं। यह कैसा लोकतंत्र है। ऐसे नेताओं से बचना चाहिए जो सभी के साथ न्याय न कर सके।''

कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी ने राष्ट्रीय लोकदल से गठबंधन नहीं होने का कारण बताते हुए कहा कि रालोद महासचिव कुछ ज्यादा ही जल्दी में थे और उन्होंने सीटों के बंटवारे के लिए बैठक का समय तय करने के बाद भी उससे पहले ही टिकटों की घोषणा शुरु कर दी।

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