सर्जिकल स्ट्राइक पर सियासी रोटी न सेंके भाजपा: मायावती

सर्जिकल स्ट्राइक पर सियासी रोटी न सेंके भाजपा: मायावतीमायावती (प्रतीकात्मक फोटो)

लखनऊ। सेना द्वारा अपनी जान हथेली पर रखकर पाकिस्तानी आतंकियों को ज़बर्दस्त हताहत करने वाले ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ का सारा श्रेय सेना के पराक्रम को ना देकर आरएसएस को उसका श्रेय देने का रक्षामंत्री मनोहर परिकर का प्रयास अनुचित व सेना का अपमान है। यह बयान बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष, सांसद और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने मंगलवार को एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दिया।

देश के हित में उचित नहीं होगा यह प्रयास

मायावती ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा आमचुनाव के मद्देनज़र ’’सर्जिकल स्ट्राइक’’ के नाम पर राजनीतिक रोटी सेंकने का भाजपा का प्रयास देश के हित में उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि विभिन्न पार्टियों में तोड़-फोड़ करते रहने से यह साबित होता है कि भाजपा कितनी ज्यादा हताश है और उत्तर प्रदेश में उसकी हालत कितनी ज़्यादा दयनीय है।

सेना की भूरि-भूरि प्रशंसा जरूरी

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के नियन्त्रण वाले कश्मीर में भीतर जाकर आतंकियों के खिलाफ अपनी जान हथेली पर रखकर अत्यन्त सफल सर्जिकल स्ट्राइक करने के लिये सेना की भूरि-भूरि प्रशंसा जरूरी है, परन्तु भाजपा व देश के रक्षा मंत्री परिकर व स्वयं प्रधानमंत्री द्वारा इसका श्रेय लेकर राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास करना काफी ग़लत है। मायावती ने कहा कि सेना की इस कार्रवाई का उत्तर प्रदेश व कुछ अन्य राज्यों में शीघ्र ही होने वाले विधानसभा आम चुनाव में भाजपा द्वारा इसका चुनावी लाभ उठाने का प्रयास उतना ही ग़लत व निन्दनीय है, जितना की रक्षा मंत्री द्वारा इस सर्जिकल स्ट्राइक का श्रेय आरएसएस जैसे संगठन को देना।

आरएसएस पर साधा निशाना

उन्होंने कहा कि वैसे भी यह सर्वविदित है कि आरएसएस एक सर्वमान्य संस्था नहीं है, क्योंकि इसका एजेण्डा घृणा व नफरत पर आधारित विभाजन व विघटनकारी है। इतना ही नहीं, अपने आपको सांस्कृतिक संस्था घोषित करने वाले आरएसएस संगठन के लोग हमेशा राजनीतिक उद्देश्य से ही काम करते हैं और चुनावों में भी अपनी खास मानसिकता के तहत एक पार्टी विशेष के लिये ताबड़तोड़ काम करने का प्रयास करते हैं और अब तो इनके लोग खुले तौर पर बीजेपी व उसकी सरकार में शामिल हैं।

मंत्रियों को बात समझने की जरूरत

मायावती ने कहा कि ’सर्जिकल स्ट्राइक’ की कार्रवाई पूरी तरह सैनिक कार्रवाई थी और इसका सारा श्रेय सेना को नहीं देकर इसके नाम पर राजनीतिक रोटी सेंकने का प्रयास अनुचित व देशहित में नहीं है। सेना को उचित सम्मान व उसके पराक्रम पर उसको श्रेय व बधाई देकर उसके हौसले को बुलन्द रखना सभी देशवासियों की खास जिम्मेदारी है, खासकर भाजपा के नेताओं व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार के मंत्रियों को यह बात समझाने की जरूरत है।

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