आजादी से लेकर अभी तक सभी सरकारों का गवाह रह चुका है काज़मी साउंड

आजादी से लेकर अभी तक सभी सरकारों का गवाह रह चुका है काज़मी साउंडयोगी आदित्यनाथ से पहले अखिलेश यादव और मुलायम सिंह के समय भी काज़मी साउंड का इस्तेमाल किया गया था

लखनऊ। कांशीराम स्मृति उपवन में जब महंत योगी आदित्यनाथ और उनकी सरकार के मंत्रियों को शपथ दिलाई जा रही थी तो उस समय शपथ लेने वाले लोग जिस माइक के सामने अपना शपथ पढ़ रहे थे उसपर काज़मी का बोर्ड लगा हुआ था। बहुत कम लोगों को पता है कि यह काज़मी साउंड यूपी की राजनीति में खास जगह रखता है। आजादी के बाद से अभी तक जितनी भी सरकारों ने शपथ लिया है उसमें काज़मी साउंड और माइक का ही इस्तेमाल हुआ है।

इस बारे में जानकारी देते हुए इस साउंड कंपनी के तीसरी पीढ़ी के मालिक फैयाज काज़मी ने बताया, ‘आजादी से पहले उनके दादा आईएच काज़मी अंग्रेजों के यहां नौकरी करते थे। 1924 में अंग्रेजों ने अमेरिका से साउंड सिस्टम मंगवाया था जिसकी देखरेख का जिम्मा उनको मिला था। उस समय उत्तर प्रदेश में जितने भी सरकारी कार्यक्रम होते थे इसी माइक का इस्तेमाल होता था।’

उन्होंने बताया कि चंद्रशेखर आजाद और दूसरे क्रांतिकारियों को यह माइक और साउंड सिस्टम उनकी सभा के लिए चुपके से उनके दादा जी ने दिया था। इसके बाद लोग बिना पैसे के इस सिस्टम का उपयोग करते थे लेकिन फिर इसके मेंटिनेंस चार्ज के लिए लोगों से तीन से लेकर 10 पैसे वसूले जाते थे।

फैयाज काज़मी ने बताया कि जब देश आजाद हो गया तो उनके दादा ने काज़मी साउंड कंपनी की स्थापना की। उस समय शिकागो में बने 18 वाट के एम्पलीफायर मंगवाए गए थे।

आईएच काज़मी कांग्रेस की यूपी में पहली सरकार में मंत्री भी बने। 1952 में पहली बार आहूजा रेडियो जो देश की बड़ी साउंड कंपनी थी से 36 वाट के पांच एम्लीफायर मंगवाए गए। उस समय पूरे उत्तर प्रदेश में किसी के पास ऐसा साउंड सिस्टम और माइक नहीं था।

मूलरूप से रायबरेली जिले के जैस जगह से आने वाली काज़मी फैमिली आजादी के पहले ही लखनऊ आ गई थी। डालीबाग में इसका कार्यालय है। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस से लेकर जनता दल, बीएसपी, सपा और बीएसपी समेत जितनी भी सरकारों को शपथ दिलाई गई उसमें काजमी साउंड के जरिए ही सरकार के मंत्रियों ने शपथ ली।

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