यूपी: सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगा महागठबंधन

यूपी: सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगा महागठबंधनप्रेस वार्ता के दौरान महागठबंधन का किया एलान।

लखनऊ। आगामी उत्तर प्रदेश चुनाव में बीजेपी, सपा और बसपा के खिलाफ महागठबंधन कर सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगा। इस महागठबंधन में राष्ट्रीय लोकदल, जनता दल युनाइटेड और बीएस-4 पार्टियां हैं। आगे चलकर इसमें प्रदेश की और भी पार्टियों को शामिल किया जाएगा। यह घोषणा सोमवार को राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश कार्यालय में एक संयुक्त प्रेसवार्ता में रालोद प्रमुख अजीत सिंह ने की। इस अवसर पर जेडीयू के वरिष्ठ नेता शरद यादव, केसी त्यागी, राष्ट्रीय लोकदल के युवा नेता जयंत चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष डा. मसूद उपस्थित रहे। साथ ही बीएस-4 के अध्यक्ष आरके चौधरी की जगह उनके प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

लेकिन ऐन वक्त पर बदल गए मुलायम सिंह

इस अवसर पर मुलायम सिंह पर हमला बोलते हुए शरद यादव ने कहा कि डेढ़ साल पहले उन्होंने पुराने लोकदल और जनता दल से निकली सभी छह पार्टियों को एक साथ लाने की कोशिश की थी। वह चाहते थे कि चौधरी चरण सिंह और डा. राममनेाहर लोहिया के सभी अनुयायी एक साथ आएं। लेकिन मुलायम सिंह की वजह से यह मामला परवान नहीं चढ़ पाया। पहले महागठबंधन की बात हुई, जिस पर मुलायम सिंह ने कहा कि सभी दलों को विलय करके नया दल बने, उसके लिए भी सभी लोग तैयार हो गए। लेकिन ऐन मौके पर मुलायम सिंह बदल गए।

हमारा मकसद बीजेपी को हराना

राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष अजीत सिंह ने कहा कि देश भी जब भी सांपद्रायिक शक्तियों के खिलाफ लोहिया और चौधरी चरण सिंह की जमातों को एक साथ लाने की कोशिश हुई मुलायम सिंह ने उस कोशिश को पूरा नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिकता के खिलाफ महागठबंधन मुलायम सिंह नहीं बनने देते। ऐसा वह क्यों करते हैं यह मुलायम सिंह ही बता सकते हैं। अजीत सिंह ने कहा कि हमारा मकसद बीजेपी का हराना है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों पटना जाकर यूपी के छोटे दलों जैसे पीस पार्टी के नेताओं ने मुख्यमंत्री नीतिश कुमार से मुलाकात की थी। भविष्य में ये छोटे दल भी इस गठबंधन में शामिल होंगे।

रजत जयंती समारोह में शामिल हुए थे सभी नेता

मुलायम सिंह को कटघरे में खड़ा करते हुए जेडीयू नेता केसी त्यागी ने सबूत पेश करते हुए कहा कि छह दलों के नेताओं ने मुलायम सिंह को अपना नेता तक मान लिया था। मुलायम सिंह ने शर्त रखी थी कि नए बनने वाले दल का चुनाव चिन्ह साइकिल हो, उसका झंडा लाल और हरा है। सभी नेताओं ने इस पर अपनी सहमति लिखित रूप से दिया था कि नए दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह बने। लेकिन इसके बाद भी सारी सहमतियों के बाद मुलायम सिंह पीछे हट गए। ऐसा वह बार-बार करते हैं। यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर गठबंधन की बात भी मुलायम सिंह ने की। लेकिन फिर अचानक से वह बदल गए। केसी त्यागी की बात को आगे बढ़ाते हुए अजीत सिंह ने कहा कि सपा के रजत जयंती समारोह में सभी नेता इसलिए शामिल हुए थे। लेकिन उसके बाद मुलायम सिंह एक बार पीछे हट गए।

बिना सोचे-समझे नोटबंदी का किया गया फैसला

नोटबंदी को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशना साधते हुए शरद यादव और अजीत चौधरी ने कहा कि सरकार ने बिना सोचे-समझे और बिना तैयारी के 500 और 1000 की नोटबंदी का फैसला किया। इससे देश के किसान और मजूदर सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। शरद यादव ने कहा कि कालेधन के खिलाफ वह लोग हैं। सबसे पहले वह लोग ही इस मामले को उठाया। लेकिन मोदी ने नोटबंदी को जिस तरह से नोटबंदी की है, उसके देश में हाहाकार मचा है। उन्होंने कहा कि मोदी ने काला धन विदेश से लाने की बात की और देश में ही तूफान ला दिया। आज सारा देश लाइन में खड़ा है। रबी की बवुाई का समय है और किसानों को बीज और खाद खरीदने के लिए पैसे नहीं है। अजीत सिंह ने कहा कि किसान अपनी उपज मंडी लेकर जा रहा है, लेकिन कोई खरीददार नहीं है। मजदूरों को काम का पैसा नहीं मिल रहा है।

आम रेल तो संभल नहीं रही और बात बुलेट ट्रेन की करते हैं

कानुपर रेल हादसे में मारे गए लोगों को अपनी श्रदांजलि देते हुए जेडीयू और लोकदल के नेताओं ने इस दुघर्टना की जांच की मांग करते हुए मोदी सरकार को घेरा। शरद यादव ने कहा कि मोदी देश को बुलेट ट्रेन का सपना दिखाते हैं, लेकिन आम रेल ही वह नहीं संभाल पा रहे हैं। रेलवे में सुरक्षा और सुधार के लिए जो काम करना चाहिए, उनकी सरकार उसपर कोई ध्यान ही नहीं दे रही है। इसी का नतीजा है कि रेल हादसे इस सरकार के कार्यकाल में हो रहे हैं।

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