यूपी चुनाव: रविवार को लखनऊ तय करेगा कई हाई प्रोफाइल उम्मीदवारों की किस्मत, सांसद और मंत्री तक रह चुके नेता हैं मैदान में

यूपी चुनाव: रविवार को लखनऊ तय करेगा कई हाई प्रोफाइल उम्मीदवारों की किस्मत, सांसद और मंत्री तक रह चुके नेता हैं मैदान मेंविधानसभा चुनाव: लखनऊ से मतदान केंद्रों के लिए रवाना होते मतदान कर्मी।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण का चुनाव रविवार होगा। इस चरण में लखनऊ जिले की 9 विधानसभा सीटों पर भी वोट डाले जाएंगे। इन सीटों पर कई सांसद और मंत्री की कुर्सी तक सफर कर कर चुके दिग्गज चुनाव मैदान में हैं तो वहीं पारिवारिक विरासत को संभालने के लिए पहली बार कई युवा भी किस्मत आजमा रहे हैं। दल-बदल करके विधायक बनने का ख्वाब संजोए नेता के भाग्य का फैसला भी इसी चरण में होना है।

दो मंत्रियों को सीट बचाने की चुनौती

रविवार को होने वाले मतदान में लखनऊ जिले में अखिलेश सरकार के दो मंत्रियों के सामने अपनी सीट बचाने की चुनौती है। अखिलेश सरकार में परिवार कल्याण, मातृ एवं शिशु कल्याण मंत्री रविदास मेहरोत्रा जहां लखनऊ मध्य सीट से सपा के प्रत्याशी हैं तो वहीं व्यवसायिक शिक्षा और कौशल विकास मंत्री अभिषेक मिश्र लखनऊ उत्तरी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। इन दोनों मंत्रियों की घेराबंदी करने के लिए बीजेपी ने दमदार प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारा है। लखनऊ की 9 में 7 सीटों पर निर्वतमान विधायाकों का भी फैसला होना है। इन सीटों के सात प्रत्याशी निर्वमान विधायक हैं।

"आधी आबादी" पर पारिवारिक विरासत की जिम्मेदारी

मुलायम सिंह यादव परिवार की एक नई महिला नेता के भाग्य का फैसला भी इस चरण में होगा। मुलायम सिंह के छोटे बेटे प्रतीक यादव की पत्नी अर्पण यादव कैंट सीट से चुनाव मैदान में हैं। उनके सामने मुलायम परिवार की राजनीतिक प्रतिष्ठा बचाने की चुनौती है, वहीं मलिहाबाद सीट से जयदेवी कौशल बीजेपी से चुनाव मैदान में हैं। महिलाहाबाद के एक बार विधायक और मोहनलालगंज के सांसद कौशल किशोर की पत्नी जयदेवी के सामने पति की राजनीतिक प्रतिष्ठा है। वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती पर विवादित टिप्पणी से चर्चा में आए दयाशंकर की पत्नी और बीजेपी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष स्वाति सिंह के सामने सरोजनी नगर सीट से बीजेपी का खाता खोलने की भी चुनौती है।

दल-बदलुओं पर जनता सुनाएगी फैसला

विधानसभा के इस चरण में लखनऊ जिलों की दो सीटों पर दल-बदलुओं के सामने अपनी सीट बचाने और सीट जीतने का दांव है। उत्तर प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभाल चुकी रीता बहुगुणा जोशी इस बार बीजेपी के टिकट पर कैंट से उम्मीदवार हैं। पिछली बार कांग्रेस के पंजा चुनाव चिन्ह पर जीती रीता के सामने कमल चुनाव से चुनाव जीतना भी इम्तिहान की घड़ी है। वहीं कांग्रेस में रहे डा. नीरजा बोरा इस बार बीजेपी में शामिल होकर लखनऊ उत्तर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं बहुजन समाज पार्टी के ब्राम्हण चेहरा बनकर लोकसभा और राज्यसभा का सफर तय कर चुके बृजेश पाठक इस बार बीजेपी के टिकट पर लखनऊ मध्य से मैदान में हैं। विधायक बनने का उनका ख्वाब पूरा होगा कि नहीं इसपर फैसला भी जनता सुनाएगी।

अखिलेश यादव का आशीर्वाद लेती कैंट सीट से सपा प्रत्याशी अपर्ण यादव।

क्या मुलायम परिवार के एक और युवा नेता को जनता स्वीकार करेगी

समाजवादी पार्टी से इस बार एक और युवा नेता की एंट्री हो रही है। मुलायम सिंह भतीजे और बदायूं से सांसद धर्मेंद्र यादव के भाई अनुराग यादव सपा के टिकट पर सरोजनी नगर से चुनाव मैदान मे हैं। अभी तक सक्रिय राजनीति से दूर रहने वाले इस नेता के किस्मत का फैसला भी रविवार को ईवीएम में बंद होगा। वहीं आईआईएम कोलकाता से डिग्रीधारी ग्रामीण क्रिकेट आयोजन से पहचान बनाने वाले डा अनुराग सिंह भदौरिया भी कांग्रेस के टिकट पर लखनऊ मध्य से मैदान में है जनता उनका आउट करती है या विधानसभा भेजती है इसका भी फैसला होगा।

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