प्रसव के बाद अस्पताल से वोट डालने बूथ पहुंची महिला, अधिकारियों ने घर पहुंचकर खिलाई मिठाई

प्रसव के बाद अस्पताल से वोट डालने  बूथ पहुंची महिला, अधिकारियों ने घर पहुंचकर खिलाई मिठाईमालती देवी को फल और मिठाई देने खुद पहुंची थीं एसडीएम प्रियंका सिंह।

अमेठी। चुनाव आयोग, जिला प्रशासन की तमाम कोशिशों के बाद भी यूपी में करोड़ों लोग घरों से निकलकर वोट डालने नहीं पहुंचे हैं। पांच चरणों में करीब 4 करोड़ लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं किया है। ऐसे लोगों के लिए अमेठी जिले की मालती देवी एक उदाहरण हैं जो प्रसव के कुछ देर बाद ही अस्पताल से सीधे मतदान केंद्र वोट डालने पहुंची थीं। मालती ने असहनीय दर्द के बीच अपना कर्तव्य निभाया तो जिला प्रशासन ने भी उन्हें सम्मानित कर हौसला बढ़ाया है।

विधानसभा चुनाव के पांचवें चरण में अमेठी में मतदान के दौरान अमेठी जिले के गौरीगंज तहसील के बहोरिकपुर मतदान केंद्र पर लोग उस वक्त हैरान रह गए जब उन्हें पता चला कि एक महिला सीधे अस्पताल से वोट डालने आई हैं। बूथ पर तैनात कर्मचारियों ने पूरी सुविधा के साथ मालती देवी का वोट डलवाया और उन्हें धन्यवाद दिया। मामले की जानकारी होने पर एसडीएम गौरीगंज प्रियंका सिंह ने घर पहुंच कर मालती को सम्मानित किया।

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मालती को सोमवार को सुबह करीब 10 बजे नार्मल डिलीवरी से बेटी हुई थी, कुछ घंटे बाद वो डॉक्टर से अनुमति लेकर मतदान केंद्र पहुंची। वो बोली अगर सब लोग ऐसे ही किसी न किसी काम में फंसे रह गए तो चुनाव का क्या होगा।
प्रियंका सिंह, एसडीएम, गौरीगंज, अमेठी

मालती देवी बेटी के जन्म के कुछ घंटे बाद ही पहुंची थीं वोट डालने। फोटो- साभार- जिला प्रशासन

प्रियंका सिंह ने गांव कनेक्शन को बताया, “मालती देवी को सोमवार को सुबह करीब 10 बजे नार्मल डिलीवरी से बेटी हुई थी, कुछ घंटे बाद उन्होंने अपने डॉक्टर से मतदान की अनुमति लेकर मतदान केंद्र पहुंची। मालती का कहना था कि अगर सब लोग ऐसे ही किसी न किसी काम में फंसे रह गए तो चुनाव का क्या होगा। वैसे भी महिलाओं के बारे में कहा जाता है वो घर से कम निकलती हैं, इसलिए मैं वोट जरुर डालूंगी।”

“इस बारे में प्रशासन को ख़बर हुई तो जिलाधिकारी साहब ने कहा कि ऐसे मतदाताओं को सम्मानित कर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, जिसके बाद मैं मालती के घर गई थी और बेटी को कपड़े और मालती को फल देकर सम्मानित किया।” एसडीएम ने आगे जोड़ा। मालती के पति धर्मेंद्र तिवारी और उनके परिवार के दूसरे लोगों ने भी मालती का साथ देकर उनका हौसला बढ़ाया।

विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बाद अमेठी में जिलाधिकारी बनाए गए डॉ. योगेश कुमार ने फोन पर बताया, “जिला प्रशासन ने मतदाताओं को जागरुक करने के लिए काफी प्रयास किए थे, स्कूल कॉलेजों से लेकर हर उस संभव जगह तक अधिकारी और कर्मचारी पहुंचे थे, जहां से मतदाताओं में जोश भरा जा सकता था। मालती जैसी महिलाएं सिर्फ अमेठी नहीं पूरे देश के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं।”

मालती जैसी महिलाएं सिर्फ अमेठी नहीं पूरे देश के लिए नजीर हैं, जिला प्रशासन ने इसीलिए उन्हें सम्मानित किया।
डॉ. योगेश कुमार, डीएम, अमेठी, यूपी

मालती जैसी महिलाओं को आगे आना भी जरुरी है क्योंकि यूपी में विधानसभा चुनाव में पांच चरण हो चुके हैं और अब तक करीब 4 करोड़ मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं किया है। प्रथम चरण में करीब 65 फीसदी मतदान हुआ था। दूसरे चरण में ये 63, फिर 62 और 61 फीसदी का सफर करते हुए मतदान का प्रतिशत पांचवें चरण में 58.36 तक जा पहुंचा है। ये लगातार नीचे गिर रहा है। जबकि कहीं मौसम की कोई खराबी सामने आ रही है और न ही किसी तरह की अन्य कोई परेशानी है। अमेठी में भी 2012 की अपेक्षा मतदाताओं ने उदासीनता दिखाई है। हालांकि चुनाव आयोग को उम्मीद है आने वाले दो चरणों में पूर्वांचल के मतदाता पूरे जोश में मतदान करेंगे।

मालती देवी के पति ने भी दिया उनका साथ, पूरी तरह स्वस्थ हैं जच्चा और बच्चा।

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