बच्चे, महिलाएं, बुज़ुर्ग सभी ने एक-दूसरे का हाथ पकड़ ऐतिहासिक मानव श्रृंखला बनाकर की मतदान की अपील

बच्चे, महिलाएं, बुज़ुर्ग सभी ने एक-दूसरे का हाथ पकड़ ऐतिहासिक मानव श्रृंखला बनाकर की मतदान की अपीलबच्चों, बुजुर्गों व महिलाओं ने 375 किमी मानव श्रृंखला बनाकर लोगों से वोट डालने की अपील की

गोंडा। दोपहर 12 बजे जैसे ही सायरन बजा, गोंडा के करीब चार लाख लोगों ने एक दूसरे का हाथ पकड़ कर एक इतिहास रच दिया।

गोंडा में अधिक से अधिक मतदान करने का संकल्प लेने के लिए सड़कों पर उतरे सभी धर्मों के बच्चों, बुजुर्गों व महिलाओं ने 375 किमी मानव श्रृंखला बनाकर लोगों से वोट डालने की अपील की। जो प्रदेश की सबसे बड़ी मानव श्रृंखला बनी।

हमने ग्राम प्रधानों को पत्र लिख कर इस जनजागरुकता अभियान में शामिल होने को कहा। इसका काफी असर हुआ। प्रधानों के जुड़ने से जनता ज्यादा जुड़ती है। प्रधान लोगों को लेकर आए। शहरों के साथ-साथ कुल 2000 गाँव और मजरों के लोग इसमें शामिल हुए।
आशुतोष निरंजन, जिलाधिकारी, गोंडा

वो आगे कहते हैं, “गाँवों में वोटिंग ज्यादा होती है, जो इस बार और अधिक रहने की उम्मीद है। गांवों में में अभी भी सरकारों से लोगों की उम्मीदें रहती हैं।” स्कूलों में मिड-डे मील सुबह 8 बजे ही बनवा दिया गया, ताकि बच्चे खा पीकर इस श्रृंखला में शामिल हों।

जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन समेत जिले के सभी अधिकारियों ने शहर के बड़ा गाँव चौराहे पर एक जलसे में शामिल होकर श्रृंखला का हिस्सा बने।

मानव श्रृंखला का 225 किमी लम्बा आयताकार घेरा बनाया गया। इसके अलावा गोंडा-बलरामपुर मार्ग तथा बहराइच-फैजाबाद मार्ग पर भी 75-75 किमी लम्बी मानव श्रृंखला बनाई गई।

इस मतदाताओं को वोट करने की अपील करने के लिए उमड़ी भी से उत्साहित आशुतोष निरंजन कहते हैं, “पिछली बार गोंडा में 55 प्रतिशत मतदान हुआ था, उम्मीद है कि इस बार वोटिंग प्रतिशत बढ़ेगा। प्रशासन ने लोगों का माइंडसेट तोड़ने का काम किया है।” उन्होंने आगे बताया कि महसूस कराया कि वोट कितना अमूल्य है। सच में गोंडा बदल रहा है।

मानव श्रृंखला की सुरक्षा के लिए चार पुलिस क्षेत्राधिकारी, 18 थाना प्रभारी, 41 डॉयल 100 वाहन तथा दो कम्पनी पीएसी की तैनाती की गई हैं। श्रृंखला वाले क्षेत्र को 62 सेक्टर तथा 11 जोन में विभक्त किया गया। साथ ही प्रत्येक किलोमीटर पर एक किलोमीटर प्रभारी तैनात किया गया था।

एक किमी दूरी को भी 10 टुकड़ों में विभक्त करके ग्राम पंचायत स्तरीय सरकारी कर्मचारियों यथा सफाई कर्मी, आशा बहू, चैकीदार, रोजगार सेवक, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, सहायिका, शिक्षक आदि को जिम्मेदारी दी गई थी। इससे जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने मानव श्रृंखला के रास्ते में पड़ने वाली ग्राम पंचायतों के प्रधानों को व्यक्तिगत रूप से पत्र लिखकर इसे सफल बनाने की अपील की थी।

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