राजनीति में रूचि नहीं थी, परिस्थिति वश राजनीति में आईः स्वाति सिंह

राजनीति में रूचि नहीं थी, परिस्थिति वश राजनीति में आईः स्वाति सिंहभाजपा के उत्तर प्रदेश यूपी महिला इकाई की अध्यक्ष स्वाति सिंह।

लखनऊ। भाजपा के उत्तर प्रदेश यूपी महिला इकाई की अध्यक्ष स्वाति सिंह राजधानी के सरोजनी नगर विधानसभा क्षेत्र से मैदान में हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती को लेकर अभद्र टिप्पणी करने वाले भाजपा नेता दयाशंकर सिंह की पत्नी स्वाति सिंह भले ही परिस्थिति बस राजनीति में हैं, लेकिन वह एक पेशेवर नेता की तरह बातचीत कर रही हैं।

सरोजनी नगर से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के चचेरे भाई अनुराग यादव उम्मीदवार हैं। वही अखिलेश सरकार में मंत्री रहे शारदा प्रताप शुक्ला ने रालोद से मैदान में हैं। शारदा प्रताप शुक्ला पहले यहीं से विधायक थे। बसपा से शिवशंकर सिंह मैदान में हैं।

क्षेत्र में घर-घर जाकर वोट मांग रहे स्वाति सिंह के साथी लोगों से कहते हैं कि आप सिर्फ विधायक नहीं बना रहे है, आप प्रदेश की एक मंत्री बना रहे है। इस विधानसभा क्षेत्र से भाजपा कभी नहीं जीत पाई है। स्वाति सिंह से गाँव कनेक्शन के रिपोर्टर बसंत कुमार की खास बातचीत बातचीत...

आपकी राजनीति में पहले से रूचि थी या मयावती-दयाशंकर विवाद के बाद रूचि जगी?

मेरी राजनीति में पहले कोई रूचि नहीं थी, लेकिन मयावती-दयाशंकर विवाद के बाद परिस्थिति बस राजनीति में आई हूँ। मैं महिलाओं के सम्मान के लिए राजनीति में हूँ। बसपा के लोगों ने मेरा काफी अपमान किया है।

आपके पति दयाशंकर सिंह ने भी मायावती के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया था। वही भाजपा से ही जुड़े कई नेता महिला विरोधी बयान देते रहते हैं। इसपर क्या कहना है?

मेरे पति दयाशंकर ने मायावती के खिलाफ जो आरोप लगाया वो बिलकुल सही था। आज जो लोग बसपा छोड़ रहे हैं, वो खुद ही बताते हैं कि बहन जी उनसे टिकट के करोड़ो रुपए मांगती हैं। मेरे पति ने बहन जी पर सही आरोप लगाया था, लेकिन उनके शब्दों का चयन गलत था। मैं महिलाओं के खिलाफ अभद्र भाषा के खिलाफ हूँ। वही पार्टी के जो दूसरे नेता हैं, वो उनका व्यक्तिगत कमेन्ट हो सकता है।

आपकी लड़ाई किस पार्टी से हैं?

हमारी लड़ाई किसी भी पार्टी से नहीं है। भाजपा प्रदेश में अकेले बहुमत में सरकार बनाने जा रही है। भाजपा के मजबूत होने के कारण कांग्रेस और सपा ने गठबंधन किया है। अखिलेश यादव को अगर अपने काम पर भरोसा था तो आखिर कांग्रेस के साथ गठबंधन की क्या ज़रूरत थी। सपा सरकार ने अपने पांच साल में प्रदेश में कानून का मजाक उड़ाया है। महिलाओं के लिए कुछ भी खास नहीं हुआ है।

अगर आपकी सरकार बनती है तो आप महिलाओं के लिए क्या करेगी?

केंद्र में हमारी सरकार है। आप देख सकते हैं कि नरेंद्र मोदी जी महिलाओं के लिए क्या कर रहे हैं। उज्ज्वला योजना के तहत लोगों को गैंस सिलिंडर मिला तो महिलाओं की कम होती संख्या के लिए बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ अभियान चला रहे है। हम केंद्र सरकार के कामों को ही प्रदेश में ठीक तरह से लागू करेंगे. प्रदेश में कानून का राज कायम करेंगे।

आप किस मुद्दे के साथ मैदान में है?

मैं प्रदेश की बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा और जनता की मुलभुत सुविधाएँ देना है जिससे प्रदेश की जनता को अब तक महरूम रखा गया है।

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