सपा में फूट: रात और कोहरे के साथ बढ़ते गये जोश-जवानी के नारे

सपा में फूट: रात और कोहरे के साथ बढ़ते गये जोश-जवानी के नारेकालीदास मार्ग पर जमकर हंगामा करते अखिलेश समर्थक।

लखनऊ। बस टीवी पर जैसे ही ये चला कि अखिलेश यादव को समाजवादी पार्टी से निकाल दिया गया है, इसके बाद कड़ी सुरक्षा वाले कालीदास मार्ग पर जमावड़ा बढ़ता गया। रात में कोहरा और ठंड दोनों बढ़ रहे थे, मगर इसके साथ बढ़ते जा रहे थे जोश और जवानी के नारे। जोश जवानी दोनों अखिलेश भइया तेरे नाम के नारे बढ़ते गये और धीरे-धीरे भीड़ भी। आसपास के जिलों से भी समर्थक जुटने लगे।

जोश में समर्थकों ने खोया होश

जोश में चार समथर्कों ने होश खो दिया और खुद को आग लगाने की कोशिश की। इनमें तीन कामयाब नहीं हुए मगर दूसरे प्रयास में एक समर्थक राहुल सिंह के कपड़ों में आग लग गई। कई समर्थकों ने जबरदस्त ठंड में अपने कमीज तक उतार दीं। उसको तत्काल पुलिस ने अस्पताल भेजा। लगभग दो घंटे तक यहां जबरदस्त हंगामा होता रहा। इस दौरान डीजीपी जावीद अहमद और प्रमुख सचिव गृह के साथ प्रदेश की बदलते सियासी परिवेश में प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी चर्चा की। शाम करीब 7:00 बजे ये घोषणा होने के कुछ देर बाद ही पांच कालीदास मार्ग के सामने हंगामा शुरू हो गया। यहां पुलिस ने बेरीकेडिंग कर के समर्थकों को रोकने का भरसक प्रयास किया। मगर भावुक युवा मानने को राजी नहीं हुए।

चार ने की आत्मदाह की कोशिश

यहां सबसे पहले राहुल सिंह नाम के युवक ने आत्मदाह की कोशिश की। उसने खुद पर केरोसीन उड़ेला। मगर पुलिस ने उसको दबोच लिया। राहुल सिंह समाजवादी छात्र सभा का पूर्व नगर उपाध्यक्ष रहा है। इसके बाद में रोहित सिंह और वैभव ने भी खुद पर केरोसीन डाला। उनको भी पुलिस ने दबोचा। आखिर में एक युवक बेरीकेडिंग पर चढ़ कर खुद पर जलती दियासलाई लगाने लगा। जिसको पुलिस ने पकड़ा। मगर इसी बीच राहुल सिंह ने दोबारा खुद को आग लगा ली। उसके कपड़े जलने लगे तो पुलिस ने उसे पकड़ कर एंबुलेंस से सिविल अस्पताल भेज दिया। वह बर्न वार्ड में भर्ती किया गया है।

हंगामे के दौरान एक महिला कार्यकर्ता हुई बेहोश।

विधायकों और नेताओं में से ज्यादातर को नहीं मिला प्रवेश

कुछ खास नेताओं को छोड़ कर मुख्यमंत्री आवास में अधिकांश विधायकों और नेताओं को प्रवेश नहीं मिला। विधायक जाहिद बेग सहित अनेक नेता बाहर ही खड़े रहे। जबकि डीजीपी जावीद अहमद और प्रमुख सचिव गृह के साथ में अखिलेश ने जरूर वार्ता की।

फाड़े गए शिवपाल यादव के पोस्टर

नाराज कार्यकर्ताओं ने शिवपाल यादव के पोस्टरों को फाड़ा। उनका आरोप था कि शिवपाल यादव ने अपनी चलाने के लिए अखिलेश यादव को उनके पिता से दूर कर दिया है। कानपुर से आए राजकुमार ने बताया कि अखिलेश की मां नहीं थीं और उनके पिता ने भी उनका साथ नहीं दिया, मगर प्रदेश का युवा जरूर उनके साथ रहे।

बमुश्किल सरकारी आवास से निकल सके अखिलेश

बमुश्किल अखिलेश यादव सरकारी आवास से निकल कर अपने विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास जा सके। एक बार निकालने की कोशिश की गई तो कार्यकर्ताओं ने गेट के आगे जमावड़ा लगा दिया। मगर इसके बाद में माइक से कार्यकर्ताओं को समझाया गया। मगर कार्यकर्ता तब भी नहीं माने। उसके बाद कमांडो की सुरक्षा में बड़ी मुश्किल से अखिलेश यादव को यहां से निकाला जा सका।

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