181 और रेस्क्यू वैन 100 दिन में हमारी सबसे अनूठी पहल : रीता बहुगुणा जोशी

181 और रेस्क्यू वैन 100 दिन में हमारी सबसे अनूठी पहल : रीता बहुगुणा जोशीवीमेन हेल्प लाइन 181 का उद्घाटन करतीं रीता बहुगुणा जोशी।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की महिलाओं और युवतियों के लिए अच्छी ख़बर है। महिलाओं और किशोरियों की मदद करने के लिए महिला एवं बाल विकास कल्याण विभाग ने वीमेन हेल्प लाइन 181 का जहां विस्तार हो गया है वहीं आशा ज्योति केंद्र को 11 से बढ़ाकर 64 और जिलों में किया जा रहा है।

लखनऊ में 181 कॉल सेंटर के विस्तार को हरीझंडी दिखाते हुए कैबिनेट मंत्री महिला एंव बाल विकास विभाग रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि ये 100 दिन में महिलाओँ के लिए हमारी सबसे अनूठी पहल है।" वीमेन हेल्प लाइन 181 को छह सीटर से बढ़ाकर 30 सीटर कर दिया गया है जबकि आशा ज्योंति केंद्रों का विस्तार कल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों होगा। अभी तक 11 जिलों में संचालित आशा ज्योंति केंद्र 64 और जिलों में संचालित किए जाएँगे।

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वीमेन हेल्प लाइन 181 में काम कर रही हरदोई जिले के कछौना ब्लॉक के तेरवा दहिगवाँ गांव की रहने वाली ज्योति शिखा सिंह (22 वर्ष) अपना अनुभव साझा करते हुए बताती हैं, “गांव में पुरुषों का महिलाओं को पीटना बहुत ही सामान्य माना जाता है, दहेज के लिए मारपीट, गली-चौराहों पर लड़कियों के साथ छेड़छाड़ होती रहती है, इस हेल्प लाइन पर अब महिलाएं और किशोरियां घर बैठे एक फोन करके अपनी समस्या का समाधान करा सकती हैं, यहां काम करने के बाद सैकड़ों काल्स रोज सुनती हूँ।” वो आगे बताती हैं, “महिलाएं पूरा विश्वास करके अपनी समस्या हमे बताती हैं, जब इस हेल्प लाइन के द्वारा हम उनकी मदद करते हैं तो आत्मसंतुष्टि मिलती है, अब ये संख्या बढ़ जायेगी तो इनकी जिन्दगी और आसान हो जायेगी।”

देश में महिलाओं को उनका हक दिलाने का काम रही संस्था नेशनल कमीशन फॉर वीमेन के आंकड़ों के अनुसार भारत में घरेलू हिंसा के मामले सबसे अधिक उत्तर प्रदेश में हैं। वर्ष 2015-16 में अकेले उत्तरप्रदेश में महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा के मामलों की संख्या 6,110 थी, जबकि दिल्ली में 1,179, हरियाणा में504, राजस्थान में 447 और बिहार में 256 मामले दर्ज हैं।

महिला एवम बाल विकास कल्याण के सलाहकार अभिषेक दीक्षित का कहना है, “महिलाओं और किशोरियों की मुश्किलों को आसान करने के लिए इस योजना विस्तार किया जा रहा है, 64 रेस्क्यू वैन हर जिले में तीन फील्ड काउंसलर रहेंगे इसकी जिम्मेदारी जिले के जिला प्रोबेशन अधिकारी को सौपीं गयी है, कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए ‘मुखबिर योजना’ का भी शुभारम्भ 24 जून को मुख्यमंत्री द्वारा किया जायेगा।” वो आगे बताते हैं, “आशा ज्योति केंद्र 11 जिलों में अभी तक संचालित किये जा रहे हैं, छह और जिले झांसी, मिर्जापुर, बांदा, पीलीभीति, शाहजहांपुर, मुज्जफरनगर में आशा ज्योति केंद्र फंक्शनल हो गये हैं, बाकी जिलों में आफिस डीपीओ की देखरेख में रहेगा।”

इस योजना के विस्तार के बाद सैकड़ों महिलाओं और किशोरियों को चयनित किया गया है जिन्हें विभिन्न पदों की जिम्मेदारी दी गयी है। हरदोई जिले की फैसिलेटर पद की न्युक्ति पा चुकी श्रद्धा रस्तोगी का कहना है, “अभी लखनऊ में ट्रेनिंग दी जा रही है, बहुत नयी चीजें सीखने को मिल रही है, आशा ज्योति केंद्र से जुड़ने के बाद गांव के लोगों की मदद कर पाना अब आसान होगा, गांव में छेड़छाड़, मारपीट की समस्या अकसर देखने को मिलती है इन्हें रोक पायें ये हमारी कोशिश रहेगी।”

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वुमेन हेल्प लाइन 181 के प्रोजेक्ट मैनेजर आशीष वर्मा का कहना है, “वुमेन हेल्प लाइन 181 को 30 सीटर करने से ज्यादा से ज्यादा लोगों की मदद एक साथ हो पायेगी, अभी तक आशा ज्योति केंद्र 11 जिलों में ही संचालित हो रहा था जिसकी वजह से रेस्क्यू वैन का हर जिले में पहुंचना सम्भव नहीं था, अब हर जिले में एक रेस्क्यू वैन तीन फील्ड कॉउस्लर रहेंगे जिससे हर जिले की समस्या का उसी जिले में समाधान होगा।” वो आगे बताते हैं, “हर जिले में इसकी पूरी जिम्मेदारी डीपीओ को दी जायेगी, डीपीओ के निर्देशानुसार इसका पूरा संचालन होगा।”

हरदोई जिले के जिला प्रोबेशन अधिकारी जयदीप सिंह का कहना है, “रेस्क्यू वैन और महिला स्टाप आने से हमारी मुश्किलें आसान हो जायेगी,क्योंकि महिला स्टाप की कमी थी रेस्क्यू वैन रहेगी तो दूर-दराज गांव में आसानी से पहुंचकर उनकी मदद की जा सकती है।” लखनऊ में बने आशा ज्योति केंद्र की सामाजिक कार्यकर्ता अर्चना सिंह बताती हैं, “सभी कॉउस्लर की ट्रेनिग चल रही है, अब महिलाओं को परेशान होने की जरूरत नहीं है उनके ही जिले में उनकी समस्या का समाधान होगा।”

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प्रदेश के 64 जनपदों के लिए ‘181 महिला हेल्पलाइन रेस्क्यू वैन’ तथा कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए ‘मुखबिर योजना’ का मुख्यमंत्री 24 जून को प्रात: 10:30 बजे 5 कालीदास मार्ग पर शुभारम्भ करेंगे।

181 कॉल सेंटर के विस्तार को हरी झंडी दिखाते हुए कैबिनेट मंत्री महिला एंव बाल विकास विभाग रीता बहुगुणा जोशी ने कहा, “ये हमारी 100 दिनों की सबसे अनूठी पहल होगी, वर्तमान में प्रदेश सरकार महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए बेहद गम्भीर है, अब 181 की 30 सीटर कर कर दी गयी हैं 90 लोग रहेंगे, ये 24 घंटे चलने वाली सेवा है, प्रदेशभर से 181 पर जो कॉल आयेंगी उसे सम्बंधित जिले में मौजूद रेस्क्यू वैन को सूचित कर फील्ड काउंसलर उनकी मदद के लिए तत्पर रहेंगे, हर रेस्क्यू वैन में दो काउंसलर और एक महिला पुलिसकर्मी मौजूद रहेगी।” वो आगे बताती हैं, “आठ मार्च 2016 को 181 की शुरुवात हुई थी इसमे जून 2017 तक कुल 30,993 महिलाओं की मदद की गयी, महिलाएं 181 पर नि:संकोच फोन करें उनकी हर संभव मदद की जायेगी।”

इस मौके पर प्रदेश की महिला बाल एवम परिवार कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वाति सिंह ने कहा, “दूर-दराज क्षेत्रों की महिलाओं को किसी भी तरह की कोई असुविधा न हो इसके लिए 181 हेल्पलाइन और रेस्क्यू वैन इनके लिए मददगार साबित होगी, महिलाओं के साथ मारपीट, घरेलू हिंसा, एसिड अटैक, छेड़छाड़, बालात्कार और दहेज उत्पीड़न जैसे मामले पर खास ध्यान दिया जाएगा, महिलाओं को सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है।”

वहीं जीवेके ईएमआरआई के निदेशक के कृष्णम राजू व यूपी स्टेट के प्रमुख जितेन्द्र वालिया ने सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह व बुके देके स्वागत किया। के कृष्णम ने अपने सम्बोधन में कहा कि मार्च 2016 से मई 2017 तक 181 हेल्पलाइन पर अबतक 46392 प्रभावी कॉल्स आयीं, जिसमे 3174 केस आशा ज्योति केंद्र और डीपीओ को ट्रांसफर किये गये, 6347 पुलिस स्टेशन को ट्रांसफर हुए और 15191 केस 181 की टीम और आशा ज्योति केंद्र की की टीम ने सुलझाये। इस कार्यक्रम में महिला एवम बाल विकास कल्याण की प्रमुख सचिव रेणुका कुमार, सचिव संतोष यादव, निदेशक रामकेवल, यूनीसेफ सलाहकार मनीष सिंह,अभिषेक दीक्षित सहित कई वर्षित अधिकारी मौजूद रहे।

ये सुविधाएं भी हैं

  • आकस्मिक चिकित्सा सेवा
  • 1098 चाइल्ड लाइन सेवा का संचालन
  • 1090 महिला हेल्पलाइन
  • 100 पुलिस सहायता
  • 102, 108 चिकित्सा हेल्पलाइन
  • पीड़ित महिलाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण देकर बनाया जा रहा है आत्मनिर्भर
  • निशुल्क हेल्पलाइन नंबर रेक्स्यू वैन- 181

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