प्राधिकार पत्र के बिना चल रहे थे 19 सरकारी अस्पताल,जांच में आया सामने 

प्राधिकार पत्र के बिना चल  रहे थे 19 सरकारी अस्पताल,जांच में आया सामने 19 सरकारी अस्पतालों को जारी किए गए प्राधिकार पत्रों का नवीनीकरण ही नहीं कराया गया था।

नवीन द्विवेदी, स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

उन्नाव। बायो मेडिकल वेस्ट पर हाईकोर्ट की सख्ती ने प्रदूषण विभाग और स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता की पोल खोल दी है। 19 सरकारी अस्पतालों को जारी किए गए प्राधिकार पत्रों का वर्षों से नवीनीकरण ही नहीं कराया गया था। अनुश्रवण समिति ने जब अस्पतालों का निरीक्षण किया, तब जाकर पोल खुली। सरकारी अस्पतालों में प्राधिकार पत्र का नवीनीकरण कराने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

सरकारी अस्पताल से निकलने वाले बायो मेडिकल वेस्ट का संकलन सही तरीके से हो रहा है या नहीं इसकी देखरेख की जिम्मेदारी प्रदूषण विभाग की होती है। मेडिकल वेस्ट के संकलन की प्रक्रिया सही होने पर ही प्रदूषण विभाग अस्पताल को प्राधिकार पत्र जारी करता है।

प्राधिकार पत्र का हर वर्ष नवीनीकरण भी कराना होता है। नवीनीकरण कराने में अगर कोई अस्पताल लापरवाही बरतता है तो इसकी जिम्मेदारी प्रदूषण विभाग की होती है कि वह सीएमओ को इससे अवगत कराए, जिससे उस पर कार्रवाई की जा सके। हालांकि जिले में ऐसा कुछ भी नहीं हो रहा था।

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बायो मेडिकल वेस्ट पर जब हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई तब जिले में अनुश्रवण समिति का गठन हुआ। समिति ने जब अस्पतालों का निरीक्षण किया तब पता चला कि अस्पताल बिना प्राधिकार पत्र के ही चल रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पताल को जारी किए गए प्राधिकार पत्रों का नवीनीकरण ही नहीं कराया गया था। मामला जानकारी में आते ही सीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने सभी सरकारी अस्पतालों के एमओआईसी को प्राधिकार पत्र का नवीनीकरण कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

जमकर लापरवाही बरत रहा है प्रदूषण विभाग

निजी अस्पताल से लेकर सरकारी अस्पताल को प्रदूषण विभाग की ओर से प्राधिकार पत्र जारी किए जाते हैं। समय-समय पर अस्पतालों का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी भी प्रदूषण विभाग की होती है, लेकिन यह विभाग अपनी जिम्मेदारियों को भूल बैठा है। जिले में 19 सरकारी अस्पताल के साथ ही 42 निजी अस्पताल भी हैं जहां प्राधिकार पत्रों का नवीनीकरण नहीं हुआ।

निजी अस्पतालों को दी नोटिस

डिप्टी सीएमओ डॉ. एके त्रिपाठी ने औरास व हसनगंज के निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया। यहां 10 अस्पतालों में प्राधिकार पत्र न मिलने पर उन्हें नोटिस जारी की गई।

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