‘बुन्देलखण्ड पैकेज’ के तहत उत्तर प्रदेश कृषि विभाग को मिले 38 करोड‍़ रुपए 

Ashwani NigamAshwani Nigam   30 April 2017 6:35 PM GMT

‘बुन्देलखण्ड पैकेज’ के तहत उत्तर प्रदेश कृषि विभाग को मिले 38 करोड‍़ रुपए बुन्देलखंड के विकास के लिए कई योजनाएं बनाई जा रहीं हैं।

लखनऊ। पिछले तीन साल से सूखे की मार झेल रहे बुंदेलखंड के दिन संवरने वाले हैं। इस बार जहां औसत मानसून की बारिश के अनुमान से किसानों को उम्मीद है कि यहां पर खेती अच्छी होगी, वहीं बुंदेलखंड पैकेज में भारत सरकार से उत्तर प्रदेश कृषि विभाग को 38 करोड‍़ रुपए मिल गए हैं, इसमें से 40 प्रतिशत राशि किसानों को सब्सिडी पर दी जाएगी। यह जानकारी उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के प्रमुख सचिव रजनीश गुप्ता ने दी।

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बुन्देलखंड में सूखा और पानी की कमी से खेती-किसानी चौपट हो जाएगी। पथरीली जमीन और बरसात न होने से यहां पर खेती अच्छे से नहीं हो पा रही है। बुन्देलखंड के ललितपुर जिले के रमेसड़ा गांव के ग्राम प्रधान रघुवीर राजपूत ने बताया, “बुन्देलखंड की स्थिति दयनीय है। पानी की कमी से यहां पर खेती नहीं हो पा रही है जिससे लोगों का यहां से लगातार पलयान हो रहा है। सरकार ने अगर बुन्देलखंड पैकेज में यहां के किसानों की दशा सुधारने की योजना बनाई है तो इससे फायदा होगा।”

उत्तर प्रदेश में अपनी बदहाली को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा में बुन्देलखंड ही रहता है। कुछ साल पहले बुंदेलखंड को लेकर एक सर्वे किया गया था जिसके मुताबिक यहां के 53 प्रतिशत परिवारों ने दाल नहीं खाई, 60 प्रतिशत ने दूध नहीं पिया और हर पांचवा परिवार कम से कम एक दिन भूखा सोया। यहां की इस स्थिति को लेकर उस समय की उत्तर प्रदेश सरकार की बहुत आलोचना हुई थी। बुंदेलखंड की स्थति को सुधारने के लिए बुन्देलखंड पैकेज की मांग भी की गई थी। इस पैकेज में कृषि के लिए अलग से राशि देने की मांग उठी थी। जिसके बाद भारत सरकार ने बुन्देलखंड पैकेज में कृषि के लिए अगर से राशि जारी कर दी है।

योगी सरकार भी बुन्देलखंड के विकास के लिए कई योजनाएं बना रही है। बुंदेलखंड की स्थित को सुधारने और वहां पर पानी की समस्या को दूर करने और कृषि को बढ़ावा देने के लिए पिछले हफ्ते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुन्देलखंड का दौरा भी किया था।

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