‘गलत है तो आवाज उठाओ, हार मान ली तो सपना खत्म’

Ajay MishraAjay Mishra   2 Dec 2017 7:29 PM GMT

‘गलत है तो आवाज उठाओ, हार मान ली तो सपना खत्म’गाँव कनेक्शन

कन्नौज। ‘गांव कनेक्शन’ समाचार पत्र ने अपनी पांचवीं साल गिरह छात्राओं के बीच मनाई। दो पीसीएस ने जहां अपने अनुभव साझा किए तो ग्रामीण क्षेत्रों की युवतियों को आगे बढ़ने के लिए चुप्पी तोड़ने को भी कहा। आपकी सखी आषा ज्याति केंद्र ने विभाग के बारे में बताया।

जिला मुख्यालय कन्नौज कन्नौज से करीब 16 किमी दूर बसे तिर्वा के एसपी महिला महाविद्यालय में ‘गांव कनेक्शन’ की ओर से पांचवीं वर्शगांठ पर एक दिवसीय स्वयं उत्सव मनाया गया।

कार्यक्रम के अतिथि एसडीएम तिर्वा डाॅ. अरूण कुमार सिंह ने कहा, ‘‘गांव कनेक्शन पेपर ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी हुई समस्याओं को उठाता है। कृशि, बिजली, पानी, खाद, कीटनाषक, पंचायतीराज, ग्रामीण षिक्षा और कोटेदारों से संबंधित समस्याएं उठाता है। कई लोग अपनी समस्याएं अधिकारियों और हम लोगों के समक्ष नहीं रख पाते हैं। उन समस्याओं को उठाने का कार्य ‘गांव कनेक्शन’ अच्छे से कर रहा है।’’ एसडीएम ने आगे कहा, ‘‘गांव कनेक्शन की टीम बहुत ही साधुवाद की पात्र हैं। आजादी की लड़ाई हो या कोई बड़ी घटना विजय पाने में पत्रकारों का भी हाथ रहा है।’’

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पत्रकारिता के बारे में चर्चा करते हुए उन्होंने आगे कहा कि खोजी पत्रकारिता भी होती है। उसमें मूल चीजें हैं उसके तथ्यों को सामने लाना। लेकिन अच्छे व्यक्ति के पास जिम्मेदारी होनी चाहिए। गलत हाथ में कलम होने से दुश्परिणाम सामने आते हैं।

एसडीएम ने यह भी कहा कि ‘‘गांव कनेक्शन की ईमानदारी, निश्ठा और समर्पण का दूसरा तोड़ नहीं है। पत्रकार केवल सूचना ही नहीं देते हैं। मार्गदर्षन भी करते हैं। रास्ता भी दिखाते हैं। यह लोग मषाल की तरह से हैं जो मार्गदर्षन करते हैं न कि भीड़ के पीछे चलने वाले लोग हैं।’’

कार्यक्रम की अतिथि एसडीएम कन्नौज षालिनी प्रभाकर ने छात्राओं से कहा, ‘‘बहुत समस्याएं आती होंगी, मैंने भी फेस किया है। ट्यूषन जाती हैं या स्कूल जाती हैं तो लड़के घूरते हैं। कुछ लोगों के सामने ऐसा होता है। फोन उपलब्ध हैं यह समस्या है तो आषा ज्योति केंद्र की टीम को बता दीजिए। समस्या का समाधान होगा।’’

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उन्होने छात्राओं को आगे बढ़ने के टिप्स देते हुए कहा, ‘‘षादी के बाद उद्देष्य ठप हो जाता है। लक्ष्य को हमेषा आगे बढ़ते रहिए। अपनी पहचान खुद बनाइए। आप लोगोंके यहां पैरेंट्स डिसीजन लेते होंगे कि पढाई कहां से और कहां तक तथा किस वर्ग से करनी है।’’ एसडीएम कन्नौज ने आगे यह भी कहा कि ‘‘सषक्तीकरण का मतलब निर्णय लेने में क्षमता से है। यह भरोसा आप परिजनों को दिलाएं। निर्णय खुद लीजिए। षादी से पहले भी घरेलू हिंसा आती है। मेंटली कमेंट भी घरेलू हिंसा में आते हैं। अपनी आवाज स्वयं उठाइए। आप सही हो तो सही हो कोई गलत नहीं कर सकता। सबसे पहले डर हटाइए। हर दिन का टारगेट फिक्स कीजिए। टीचर बनना है तो मां-बाप को भरोसा दिलाइए।’’

अपने बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि ‘‘जिसके मां-बाप कहें कि मेरी बेटी की वजह से सिर ऊंचा हो गया है तो मेरे लिए इससे बेहतर कुछ नहीं है। ऐसा काम आप लोग भी कीजिए। आपके मां-बाप भी कहें।

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एसडीएम ने कहा कि गलत है तो आवाज उठाओ, हार मान ली तो सपना खत्म। सभी को चुप्पी तोड़ना है। लक्ष्य के लिए सिर्फ फाइट कीजिए। मन बना लीजिए कि करना है तो कर लोगे। समय लगेगा अपने लिए फाइट करो।

एजेके की टीम बोली, चुप्पी तोड़िए

गांव कनेक्शन की पांचवीं साल गिरह पर आपकी सखी आषा ज्योति केंद्र की टीम भी षामिल हुई। सीआईसी सामाजिक कार्यकर्ता किरन सागर ने छात्राओं से कहा कि ‘‘आप लोग अपनी चुप्पी तोड़िए। टोल फ्री नंबर 181 पर फोन करिए। वूमेन पाॅवर हेल्पलाइन 1090 पर भी फोन कर अपनी समस्या बताई जा सकती है। नाम-पता गोपनीय रखा जाएगा।’’ एजेके से आईं 181 की काउंसलर देवांष प्रिया ने कहा, ‘‘विभाग की योजनाओं के बारे में बताया। कहा कि एक ही छत के नीचे पीढ़ित महिलाओं को सभी सुविधाएं मिलती हैं।’’

इन छात्राओं ने पूछे सवाल

बीएससी प्रथम वर्श गणित की छात्रा षिवांगी कुषवाहा ने एसडीएम सदर कन्नौज षालिनी प्रभाकर से पूछा कि ‘‘आप एसडीएम कैसे बनीं। इसके लिए क्या करना पड़ा।’’

एसडीएम ने छात्रा के सवाल का जवाब देते हुए कहा, ‘‘मैं जहां पढ़ती थीं, वहां एक डीएम आई थीं रितु महेष्वरी। पहले मैं साइंटिस्ट थी। मुझे यूएसए षिफ्ट होना था। लेकिन परिवार की कुछ दिक्कतों की वजह से यूएसए नहीं जा पाई। इस वजह से मैंने यह जाॅब चुनी। इस जाॅब में सषक्तीकरण के अलावा निर्णय लेने की क्षमता ज्यादा होती है।’’

उन्होंने आगे कहा कि ‘‘वहां आत्मसंतुश्टि नहीं थी। जो यहां कार्य करते हुए है। जब मेरे सामने कोई आता है कि मेरी यह समस्या है और आंसू पोछने का मौका मिलता है उससे काफी संतुश्टि मिलती है। वर्श 2014 में पहला इंटरव्यू था जिसमें मैं सिलेक्ट हुई। यहां मेरी सेकेंड पोस्टिंग है।’’

बीएससी द्वितीय वर्श की छात्रा षुभि ने पूछा कि पीसीएस की तैयारी कैसे करें। किस विशय पर फोकस करें। इस पर एसडीएम ने कहा कि जो मुख्य विशय है उस पर ध्यान दें। जनरल स्टडी में फोकस कर ग्रुप बनाइए। न्यूज पेपर भी पढ़ें। मेरी फेसबुक आईडी से भी हेल्प ली जा सकती है।

इससे पहले गांव कनेक्शन के संवाददाता/जिला संयोजक अजय मिश्र, मोहम्मद जावेद, मोहम्मद परवेज, षुभम मिश्र, विवेक राजपूत और अभिशेक मिश्र ने अतिथियों का स्वागत किया। महाविद्यालय के प्रबंधक रामदास यादव, प्रधानाचार्य अनुज यादव का भी सहयोग रहा।

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