उत्तर प्रदेश में हर महीने बनाए जाएंगे 8.5 लाख शौचालय

उत्तर प्रदेश में हर महीने बनाए जाएंगे 8.5 लाख शौचालयस्वच्छ भारत अभियान के अंतगर्त अगले डेढ़ साल में डेढ़ करोड़ शौचालयों का निर्माण होगा।

लखनऊ। स्वच्छ भारत अभियान को उत्तर प्रदेश में अमलीजामा पहनाने के लिए डेढ़ करोड़ शौचालयों का निर्माण अगले करीब डेढ़ साल में करवाया जाएगा। जिसके लिए डेढ़ लाख राजमिस्त्री सरकार अस्थाई तौर पर रखेगी। निर्माण श्रमिकों और राजमिस्त्रयों का इसको लेकर श्रम विभाग में पंजीकरण किया जाएगा। ताकि समय पर 2018 तक डेढ़ करोड़ शौचालयों का निर्माण करवाया जाएगा। यानी की अब प्रत्येक माह उप्र में साढ़े आठ लाख शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। जिसके बाद यूपी को खुले में शौचमुक्त किया जाएगा। जिसको लेकर पंचायतीराज विभाग ने तैयारियों का आगाज कर दिया है। आने वाले दिनों में इन शौचालयों का निर्माण गांव गांव में शुरू किया जाएगा।

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अभियान के अन्तर्गत प्रदेश के 30 जनपदों को 31 दिसम्बर, 2017 तक खुले में शौच मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही प्रदेश के बचे हुए 44 जनपदों को भी दो अक्तूबर, 2018 तक खुले में शौच मुक्त किया जाना तय किया गया है। इस योजना के अन्तर्गत लगभग 1.55 करोड़ शौचालयों का निर्माण कराया जाना है। जिसके लिए लगभग 1.50 लाख राजमिस्त्रियों की टीम तैयार की जा रही है।

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इस काम के लिए उन्हें आगामी दो माह में तकनीकी रूप से प्रशिक्षित भी किया जाएगा। वर्तमान में बड़ी संख्या में राजमिस्त्री स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अभियान के अन्तर्गत शौचालयों का निर्माण कर रहे हैं। जिनमें अब नये लोंगों को भी जोड़ा जाएगा। यह जानकारी अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज चंचल कुमार तिवारी ने दी। उन्होंने बताया कि इस सम्बन्ध में आदेश भी जारी कर दिये गये हैं।

अब निर्माण श्रमिकों के पंजीकरण में ही खोजे जाएंगे ये राजमिस्त्री

उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए विभिन्न लाभकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। जिससे ऐसे श्रमिकों तथा उनके आश्रितों को दुर्घटना, मृत्यु, गम्भीर बीमारी आदि की स्थिति में लाभान्वित कराया जा सके। उन्हें अवासीय सुविधा उपलब्ध करायी जा सके तथा ऐसे श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा पर होने वाले व्यय में मदद की जा सके।

“2018 तक राज्य के बचे हुए 74 जिलों को खुले में शौचमुक्त के दायरे में लाया जाना है। जिसको लेकर राज्य सरकार पंजीकृत राजमिस्त्रियों को काम देगी। ये राजमिस्त्री और श्रमिक जिनकी संख्या लगभग डेढ़ लाख होगी, उनका पंजीकरण के बाद प्रशिक्षण होगा। जिसके बाद डेढ़ साल में डेढ करोड़ शौचालय बनाए जाएंगे।”
चंचल कुमार तिवारी, अपर मुख्य सचिव, पंचायतीराज विभाग

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इसको देखते हुए आवश्यक है कि पात्र निर्माण श्रमिकों का शतप्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। श्रमिकों के शतप्रतिशत पंजीयन की कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए नोडल अधिकारी नामित किये गये हैं। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अन्तर्गत निर्माणाधीन शौचालयों में कार्यरत निर्माण श्रमिकों के पंजीयन के लिए मुख्य विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी तथा विकास खण्डों के लिए खण्ड विकास अधिकारी को सहायक नोडल अधिकारी नामित किया गया है। श्रमिकों के पंजीयन की प्रक्रिया निर्धारित की गयी है।

जनपदों में तैनात श्रम विभाग के अधिकारियों को नोडल/सहायक नोडल अधिकारियों से समन्वय स्थापित करते हुए कार्यवाही के निर्देश भी दिए गए हैं। सभी जनपदों के जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी अपने जनपद में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अभियान के अन्तर्गत स्वच्छ शौचालयों के निर्माण हेतु कार्यरत पात्र निर्माण श्रमिकों/राजमिस्त्रियों का शतप्रतिशत, पंजीयन कराये ताकि आवश्यकतानुसार उन्हें अनुमन्य लाभ प्राप्त हो सके।

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