कुछ ही घंटों बाद योगी सरकार पेश करेगी पहला बजट, इन मुद्दों पर विपक्ष कर सकता है घेराबंदी

कुछ ही घंटों बाद योगी सरकार पेश करेगी पहला बजट, इन मुद्दों पर विपक्ष कर सकता है घेराबंदीमुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार का मंगलवार को अपना पहला बजट पेश करेगी। ऐसे में विपक्ष के तल्ख़ तेवर ये बतलाने को काफी है कि इस बार विधानसभा सत्र हंगामेदार होगा। विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित की ओर से मंजूर कार्यक्रम के मुताबिक 11 से 28 जुलाई तक चलने वाले इस सत्र में कुल 14 बैठकें होंगी।

छह वर्ष बाद फाइनेंस मिनिस्टर पेश करेंगे बजट

छह वर्ष बाद फाइनेंस मिनिस्टर राजेश अग्रवाल योगी सरकार का पहला बजट पेश करेंगे। इससे पहले सीएम अखिलेश ने 5 साल तक बजट पेश किया था। सपा सरकार में वित्त मंत्रालय अखिलेश के पास ही था। मायावती सरकार में भी वित्त मंत्री ही बजट पेश करता था। अखिलेश यादव ने 21 दिसंबर 2016 को 5 महीनों का अंतरिम बजट पेश किया था। ये 1 लाख 34 हजार 845 करोड़ का था। राजेश अग्रवाल ने कहा कि हमारा बजट सामान्य वर्ष के लिए होगा, जो यूपी को विकास के रास्ते पर आगे ले जाएगा।

12.20 बजे पेश होगा बजट

19 मार्च को बनी योगी सरकार मंगलवार को 3 महीने 22 दिन बाद और सिर्फ 8 महीने के लिए बजट पेश करेगी। ये बजट 12.20 बजे फाइनेंस मिनिस्टर राजेश अग्रवाल बजट पेश करेंगे। ये करीब 4 लाख करोड़ का हो सकता है। इसमें किसानों की कर्ज माफी समेत 8 बड़ी योजनाओं पर नजर रहेगी

विपक्ष योगी सरकार को घेरने की करेगा कोशिश

एक तरफ प्रदेश की जनता की निगाहें योगी सरकार के इस पहले बजट पर टिकी हुई हैं, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दल कानून व्यवस्था सहित विभिन्न मुद्दों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को घेरने की कोशिश करेंगे।

इन मुद्दों पर हो सकती है घेराबंदी

कानून व्यवस्था : सदन में बजट भले ही विपक्ष के लिए उतना खुशनुमा ना हो जितना कि विपक्ष प्रदेश की लॉ एंड आर्डर को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। सपा, बीएसपी, कांग्रेस और अन्य दल राज्य में बढ़ते अपराध को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश करेंगे। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने पहले ही कह दिया है कि उनका मकसद हंगामा खड़ा करना नहीं है, लेकिन राज्य की कानून व्यवस्था पर सरकार की जवाबदेही बनती ही है क्यूंकि यूपी मे अपराध और अपराधी दोनों बढ़ गए है।

महिला उत्पीड़न : समाजवादी पार्टी के नेता विपक्ष राम गोविंद चौधरी ने साफ कर दिया है कि कानून-व्यवस्था, महिला उत्पीड़न के मुद्दे पर वह योगी सरकार को घेरेंगे। साथ ही यूपी में महिलाओं के खिलाफ हो रही अपराध की घटनाओं पर विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश करेगा।

किसान आत्महत्या : योगी सरकार के किसान कर्जमाफी दांव के बावजूद, बीजेपी शासित राज्यों में लगातार किसान आन्दोलन और आत्महत्या, सरकार के सामने मुश्किलें पैदा कर सकती है। कांग्रेस के नेता अजय प्रताप के मुताबिक, 'आगरा से कुशीनगर तक, किसानों ने ऋण बोझ के कारण आत्महत्या की, लेकिन राज्य सरकार इस समस्या का अनुकूल समाधान निकालने में असफल रही है।

जीएसटी : कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जीएसटी के हालिया मुद्दे पर भी योगी सरकार की घेराबंदी करने की कोशिश कर सकती है। व्यापारियों में जीएसटी को लेकर फैले असंतोष को सदन के पटल पर उठा सकती है। कांग्रेस और सपा दोनों ही दल जीएसटी लागू करने के तरीके को लेकर सवाल उठाती आई हैं। कांग्रेस ने तो केंद्र सरकार की ओर से आयोजित जीएसटी लॉन्च कार्यक्रम का भी बहिष्कार किया था।

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