‘आजम खान’ ने की एसएसपी से अभद्रता, गिरफ्तारी के बाद हुए रिहा 

‘आजम खान’ ने की एसएसपी से अभद्रता, गिरफ्तारी के बाद हुए रिहा एसएसपी मंजिल सैनी ने आजम खान नाम के युवक ने की थी अभद्रता

लखनऊ। कुछ दिनों पहले मुस्लिमों की तरफ से अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में लखनऊ के कई इलाकों में होर्डिंग और बैनर लगवाने वाले आजम खान नाम के एक शख्स द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से अभद्रता की खबर आ रही है।

एसएसपी ऑफिस में आजम के हुंडदंग के बाद एसएसपी मंजिल सैनी ने तुरंत उन्हें गिरफ्तार करवा दिया, हालांकि उस पर कोई केस दर्ज़ नहीं किया गया है।आरोपी को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है।


सत्ता की हनक दिखाकर पुलिस पर दबाव बनाना और सुरक्षा लेना सपा सरकार में आम बात थी, पर सूबे का निजाम बदलने के बाद ऐसा माना जा रहा था कि अब शायद ऐसा न हो सोमवार को एसएसपी ऑफिस पर एक शख्स द्वारा एसएसपी से अभद्रता बढ़ने पर अपने ऑफिस से निकल रही एसएसपी मंजिल सैनी को वापस कमरे में लौटना पड़ा, इसके बाद भी युवक अभद्रता को देखते हुए वजीरगंज पुलिस को बुलाकर उसे हिरासत में ले लिया।


सोमवार को एसएसपी ऑफिस में सुबह रोज की तरह सभी लोग अपने अपने काम में व्यस्त थे और खुद एसएसपी भी अपने कमरे में मौजूद थीं तभी एक शख्स वहां पर आया और पीआरओ को अपना कार्ड देकर उसने एसएसपी मंजिल सैनी से मुलाकात करने की बात कही। पीआरओ ने उसे वहीं पर बैठने को कह कर उसका कार्ड एसएसपी के सामने भेज दिया। आलाधिकारियों द्वारा निर्देश मिलने के लिए अपने ऑफिस से निकलने जा रहीं एसएसपी मंजिल सैनी को उस शख्स ने कमरे के गेट पर ही रोक लिया और खुद को संघ का नेता बताते हुआ सुरक्षा दिए जाने की मांग की। जब एसएसपी ने सुरक्षा देने से इंकार कर दिया तो उसने उनसे अभद्रता करनी शुरू कर दी।

लखऩऊ पुलिस का आरोप है उसने एसएसपी को हटवाने तक की धमकी दे डाली। बहस के बाद एसएसपी कमरे में लौट आईं लेकिन मामला बढ़ने पर उन्होंने इंस्पेक्टर वजीरगंज को बुलाकर उसे हिरासत में लेने का आदेश दिया।
पुलिस के मुताबिक आजम खान विकास नगर में रहता है और वो खुद को राम मंदिर निर्माण में मुस्लिम मोर्चा का सेवक बताता है। उसने पिछले दिनों योगी सरकार की बनने के बाद शहर में कई जगह बैनर पोस्टर लगवाए थे। आजम खान ने पिछले दिनों आरोप लगाया था कि कपूरथला में जब नमाज पढ़ने गया था और निकलने पर किसी ने उसके मुंह पर कालिख पोत दी थी, इसलिए वो सुरक्षा चाहता है। पुलिस उसे शाम तक थाने पर बैठाए रही और शाम को उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।

दरोगा ने फोटो करा दी डिलीट


जब पुलिस इस दबंग युवक को एसएसपी कार्यालय से लेकर निकली तो वहां पर पहले से मौजूद एक पत्रकार ने अपने मोबाईल फोन से उसकी फोटो खींच ली जब रिवर बैंक चौकी इंचार्ज चन्द्रभान ने यह देखा तो उस पत्रकार से फोन छीनकर फोटो डिलीट कर दी। जब पत्रकार इसका कारण पूछा तो दरोगा बिना कुछ बोले चला गया।

मुकदमा लिखने से डरती रही पुलिस


एसएसपी से अभद्रता के बाद उनके कार्यालय से पकड़े गये युवक को पुलिस पकड़ कर वजीरगंज थाने तो ले आयी पर मुकदमा नहीं लिख गया। जब एसओ वजीरगंज से इस बाबत पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वे आखिर किस धारा में मुकदमा लिख दें और अगर इस तरह के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करना इन्हें हीरो बनाना है।

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