सामूहिक बलात्कार की शिकार महिला पर एक बार फिर एसिड अटैक

सामूहिक बलात्कार की शिकार महिला पर एक बार फिर एसिड अटैकएसिड अटैक पीड़िता

लखनऊ। राजधानी में बीती शनिवार रात गोमतीनगर के एक रेस्टोरेंट में सामूहिक बलात्कार की शिकार 45 वर्षीय महिला ने अपने ऊपर एसिड अटैक होने की सूचना पुलिस को दी। महिला के ऊपर इससे पहले भी चलती ट्रेन में एसिड अटैक हो चुका है। दोबारा से महिला के ऊपर एसिड अटैक की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे ट्रांमा सेंटर में भर्ती कराया, जहां उसका उपचार चल रहा है। जबकि मामला संदिग्ध होने के चलते पुलिस हॉस्टल में मौके पर मौजूद गार्ड और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है।

अलीगंज के नवीन गल्ला मंडी के पास एसिड अटैक पीड़िता हॉस्टल में अपनी दूसरी साथियों के साथ थी कि तभी शाम सात बजे उसके चीखने की आवाज आई, जब तक गार्ड वहां पहुंचता महिला जमीन पर पड़ी थी। शोर सुनकर महिला की अन्य साथी भी हॉस्टल के कम्पाउंड में पहुंच गए। पीड़िता ने उन्हें बताया कि, एक अज्ञात शख्स उसके ऊपर एसिड डाल कर भाग गया। पीड़िता की हालत देख हॉस्टल के कर्मचारियों ने घटना की सूचना पुलिस को दी।

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मौके पर पहुंची पुलिस आनन-फानन में उसे केजीएमयू स्थित ट्रांमा सेंटर ले गयी, जहां डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू कर दिया। वहीं पीड़िता को भर्ती कराने के बाद पुलिस दोबारा से हॉस्टल में गई, जहां लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज अपने कब्जे में लेकर हॉस्टल गेट पर मौजूद गार्ड से पूछताछ की। गार्ड ने पूछताछ में बताया कि, वह दोपहर से हॉस्टल गेट पर ड्युटी कर रहा है, लेकिन उसकी नजर के सामने कोई अनजान शख्स हॉस्टल में प्रवेश नहीं किया है, जबकि सीसीटीवी फुटेज में भी पुलिस को कुछ खास सबूत नहीं मिले हैं, जिससे आरोपी तक पहुंचा जा सके।

सीओ अलीगंज विवेक त्रिपाठी की मानें तो पूरे मामले की जांच चल रही है और पीड़िता से एसिड फेंकने वाले का हुलिया जानने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन पीड़िता ने कहा है कि, अंधेरा होने के चलते वह कुछ देख नहीं पाई। उधर ट्रांमा के डॉक्टरों ने बताया कि, उसके चेहरे और गले पर जले का निशान है और करीब 12% एसिड अटैक दिख रहा है। उसकी हालत अभी खतरे से बाहर है। हालांकि अभी इस मामले में कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है और पुलिस तहरीर का इंतजार कर रही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

ज्ञात हो कि, इससे पहले गत 23 मार्च को इसी महिला को ट्रेन में दो लोगों ने कथित रुप से जबरन तेजाब पिला दिया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अस्पताल जाकर उसका हाल लिया था और आरोपियों को गिरफ्तार करने के आदेश देने के साथ-साथ महिला को एक लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान किया था।

ट्रेन में तेजाब पिलाने वाले हुए दोषमुक्त

बीते 23 मार्च 2017 को पीड़ित महिला ने आरोप लगाया था कि जब वह इलाहाबाद लखनऊ गंगा गोमती एक्सप्रेस से चारबाग स्टेशन पहुंची थी और रेलवे पुलिस से तेजाब पिलाये जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। उसने यह शिकायत लिखकर दी थी, क्योंकि वह कथित रुप से तेजाब पिलाये जाने की वजह से बोल नहीं पा रही थी। महिला का आरोप था कि ट्रेन में दो लोगों ने उसे जबरन तेजाब पिलाया था।

उसका कहना था कि दो लोगों ने वर्ष 2009 में रायबरेली के ऊंचाहार स्थित उसके घर में संपत्ति के विवाद को लेकर उससे सामूहिक बलात्कार किया था, जिसके चलते दोनों को जेल जाना पड़ा था और इसका बदला लेने के लिए ही कथित रूप से चलती ट्रेन में तेजाब पिलाया गया था। जबकि इस मामले में डीजीपी कार्यालय से जांच कराने पर आरोपियों के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले थे, जिसके चलते उन्हें दोषमुक्त करना पड़ा था। वहीं महिला ने वर्ष 2012 में भी खुद पर चाकू से हमला किये जाने की शिकायत की थी और 2013 में भी उसे तेजाब से जलाने की कथित कोशिश की गई थी।

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किसी भी तेजाब कांड में कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं

ट्रांमा में भर्ती महिला के साथ इससे पहले भी कथित रूप से तेजाब कांड में पुलिस को जांच के दौरान कोई भी प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिलता है। बीती रात भी अलीगंज के हॉस्टल में भी महिला ने खुद पर तेजाब डालने का आरोप लगाया, लेकिन वहां भी कोई प्रत्यक्षदर्शी मौजूद नहीं था, जिसके चलते पुलिस को जांच में दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है।

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