आरटीई से अभी भी नहीं हुए स्कूलों में दाखिले

Meenal TingalMeenal Tingal   22 April 2017 4:11 PM GMT

आरटीई से अभी भी नहीं हुए स्कूलों में दाखिलेप्राइमरी स्कूलों में एक अप्रैल से शैक्षिक सत्र शुरू हो चुका है और बच्चों की पढ़ाई जारी है।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। प्राइमरी स्कूलों में एक अप्रैल से शैक्षिक सत्र शुरू हो चुका है और बच्चों की पढ़ाई जारी है। दूसरी ओर राइट टू एजुकेशन (आरटीई) के तहत इन्हीं स्कूलों में एडमिशन के इच्छुक बच्चों का दाखिला तक स्कूलों में नहीं हो सका है।

दाखिले की प्रक्रिया के तहत लॉटरी की प्रक्रिया फिलहाल बीते बुधवार को संचालित हो चुकी है, लेकिन अभी स्कूलों को दाखिले देने के लिए आदेश नहीं दिये गये हैं। आदेश के बाद कौन से स्कूल कब तक बच्चों को दाखिला देंगे या नहीं, इस पर सवाल बने हुए हैं। इस प्रक्रिया में भी अभी काफी दिन लगने की संभावना है।

देश-दुनिया से जुड़ी सभी बड़ी खबरों के लिए यहां क्लिक करके इंस्टॉल करें गाँव कनेक्शन एप

बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण मणि त्रिपाठी कहते हैं, “इस वर्ष पहले चरण में राजधानी में दाखिलों के लिए 3235 बच्चों के दाखिले के आवेदन आये हैं। इनमें से 2670 बच्चों के नाम बीते बुधवार को निकाली गयी लॉटरी के तहत चयनित किये गये हैं। ऐसे में 565 आवेदन खारिज किये गये हैं। दो-तीन दिन में बच्चों के दाखिले स्कूलों में किये जाने के लिए स्कूल प्रशासन आदेश जारी करेगा। अगली प्रक्रिया मई और उसके बाद दाखिलों की अंतिम प्रक्रिया जुलाई में पूरी होगी।” वर्ष 2012 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 3 दिसम्बर 2012 को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा यह शासनादेश जारी किया गया था कि निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें निर्धन वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित रखी जायेंगी।

इन सीटों पर बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा दी जायेगी। लेकिन शासनादेश के बावजूद स्कूलों में बच्चों को दाखिला देने में स्कूल आनाकानी करते रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहे समाजसेवी शरद पटेल कहते हैं, “इस बार लखनऊ से पहले चरण के लिए 3235 आवेदन किये गये थे। इसमें से 565 आवेदनों को खारिज कर दिया गया है। मैं बीएसए से इस बात की जानकारी लूंगा कि इन आवेदनों को क्यों खारिज किया गया है? अभी तो केवल लिस्ट जारी हुई है, असली काम तो स्कूलों में दाखिला दिलवाना है, जिसमें कितना समय लगेगा कहा नहीं जा सकता।” अभ्युदय फाउंडेशन की प्रमुख व आरटीई एक्टिवस्टि समीना बानो के अनुसार, “ऐसे स्कूलों पर नजर रखी जायेगी और वहां दाखिलों के लिए हर संभव प्रयास किया जायेगा।”

पहली बार किया गया ऑनलाइन

पूरे प्रदेश की बात करें तो पूरे उत्तर प्रदेश से दाखिलों के पहले चरण के लिए 8831 आवेदनों को चयनित किया गया है। दाखिलों की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाये जाने के लिए इस वर्ष पहली बार ऑनलाइन किया गया है। जिसके तहत यह जानकारी प्राप्त की गयी कि इस बार किन-किन जिलों में दाखिले के लिए कितने आवेदन आये, कितनों पर अमल किया गया और कितने खारिज किये गये।

ताजा अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां, ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top