रिवर फ्रंट के बाद शासन ने एलडीए से मांगा तीन हजार करोड़ का हिसाब

रिवर फ्रंट के बाद शासन ने एलडीए से मांगा तीन हजार करोड़ का हिसाबलखनऊ विकास प्राधिकरण।

लखनऊ। एक ओर रिवर फ्रंट में करीब 1427 करोड़ की न्यायिक जांच शुरू की गई है तो दूसरी ओर एलडीए से शासन ने पिछली सरकार में संचालित की गई बड़ी परियोजनाओं की रिपोर्ट तलब की है। जिसमें जेपी सेंटर, चक गजरिया सिटी, इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम और हुसैनाबाद हेरिटेज जोन की भौतिक जांच कर के रिपोर्ट तलब की है।

इन परियोजनाओं पर प्राधिकरण ने करीब 3000 करोड़ रुपये का खर्च किया है। विवादों और घोटालों के आरोपों में घिरे उपाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार सिंह ने इन सारे मामलों में खुद को पाक-साफ बताया है। मगर शासन ने रिपोर्ट तलब होने की खबरों से नाराज वीसी ने पीआरओ भावना सिंह से उनका काम वापस ले लिया। दोपहर में तो इस मसले पर उपाध्यक्ष इस कदर भड़क गए थे कि उन्होंने पूरे पीआरओ विभाग को ही सस्पेंड करने का मौखिक आदेश कर दिया था। मगर शाम को निलंबन की कार्रवाई नहीं की। केवल पीआरओ का काम व्यवस्था अधिकारी अशोक पाल के हवाले कर दिया गया है।

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शासन द्वारा राज्य सरकार की अति महत्वपूर्ण परियोजनाओं (जनेश्वर मिश्र पार्क, सीजी सिटी परियोजना, जेपीएनआईसी तथा पुराने लखनऊ का सौन्दर्यीकरण कार्य) के सम्बन्ध में आवास विभाग ने उपाध्यक्ष को इन योजनाओं की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति पर तत्काल एक निरीक्षण आख्या प्रेषित करने के आदेश दिए। उक्त आदेशों में शासन द्वारा अपेक्षा की गयी है कि उपाध्यक्ष, लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा समस्त परियोजनाओं का स्थल निरीक्षण करके उनकी वित्तीय एवं भौतिक की जांच करके अपनी आख्या तीन दिनों में शासन को उपलब्ध करायी जाय। साथ ही यदि किसी प्रकार की अनियमितता संज्ञान में आती है तो उसका भी उल्लेख किया जाये।

प्राधिकरण की पत्रावलियों का कराया जा रहा डिजिटिलाइजेशन

लखनऊ विकास प्राधिकरण के सचिव अरुण कुमार ने बताया कि प्राधिकरण द्वारा नजूल, ट्रस्ट, रेंट व व्यावसायिक सम्पत्तियों की वर्षों पुरानी पत्रवालियां जो जीर्ण-क्षीर्ण अवस्था में हो चुकी हैं, उन्हें डिजिटाइज/स्कैनिंग करने हेतु नेशनल इंफोर्मेटिक्स सेन्टर सर्विसेज, नई दिल्ली (भारत सरकार का उपक्रम) को दिया गया है। इस कार्य को किए जाने के लिए नेशनल इंफोर्मेटिक्स सेन्टर (निक्सी) द्वारा उक्त कार्य मे.राइटर विजनेस सर्विसेज प्रा.लि., गुड़गांव के माध्यम से कराया जा रहा है। उपरोक्त के क्रम में राइटर बिजनेस सर्विसेज द्वारा लखनऊ विकास प्राधिकरण के कार्यालय में (लालबाग/गोमतीनगर) अपने स्कैनर द्वारा कर रही है। राइटर विजनेस सर्विसेज प्रालि. रिकार्ड मैनेजमेण्ट का भी कार्य करती है।

उक्त कम्पनी कई सरकारी विभागों की पत्रावलियां को डिजिटाइज तथा प्रोफेशनल तरीके से रिकार्ड मैनेज करने का कार्य कर रही है। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने कम्पनी के इतिहास व कार्यों को देखते हुए ही राइटर विजनेस सर्विसेज प्रा.लि. को डिजिटइाज/स्कैनिंग हेतु अधिकृत किया गया है। उक्त कार्य इस अभिप्राय से भी आवश्यक था कि प्राधिकरण में नजूल, ट्रस्ट, रेण्ट व व्यवसायिक सम्पत्तियों की जीर्ण-क्षीर्ण अवस्था में अव्यवस्थित पत्रावलियों को सुरक्षित/संरक्षित किया जाना जनहित में आवश्यक था। उक्त कार्य लालबाग स्थित प्राधिकरण परिसर में राइटर विजनेस सर्विसेज द्वारा किया जा रहा है।

अशोक पाल सिंह को प्राधिकरण में जन सम्पर्क अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार

प्राधिकरण में जन सम्पर्क अधिकारी का अतिरिक्त कार्यभार देखने हेतु पदस्थ श्रीमती भावना सिंह के स्थान पर श्री अशोक पाल सिंह (व्यवस्थाधिकारी-प्रशा.) को जन सम्पर्क अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। श्रीमती भावना सिंह को स्मारक समिति के कार्यों के साथ ही जनेश्वर मिश्र पार्क एवं लोहिया पार्क में जन सम्पर्क के कार्यों का दायित्व पूर्व में दिया जा चुका है।

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