उत्तर प्रदेश

सहारनपुर हिंसा और कानून व्यवस्था को लेकर प्रदर्शन

लखनऊ। राजधानी में बुधवार को छात्र और महिला संगठनों ने सहारनपुर में हुई जातीय हिंसा, महिलाओ के साथ हो रहे आपराधिक घटनाओं और सूबे की ख़राब कानून-व्यवस्था के विरोध में हजरतगंज स्थित अम्बेडकर प्रतिमा के समक्ष नारेबाज़ी लगाते हुए, विधानसभा तक सड़क जाम कर पैदल मार्च निकाला। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बीच में ही बैरिकेटिंग लगा कर उन्हें बीच में ही रोक लिया।

रोके जाने से नाराज प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प शुरू हो गई। वहीं प्रदर्शन कर रही तीन छात्राओं ने विधनसभा में घुसने की भी कोशिश की, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया। कई घंटों तक चले इस बवाल को शांत करने के लिए पुलिस सभी प्रदर्शनकारियों को हजरतगंज कोतवाली ले आई, वहां से उन्हें गिरफ्तार कर रिजर्व पुलिस लाइन भेज दिया गया। उधर इस प्रदर्शन के चलते विधानसभा मार्ग पर यातायात कई घंटों तक पूरी तरह से बाधित हो गया।

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प्रदर्शनकारियों ने बताया कि, योगी शासन में सहारनपुर में हिंसा हुई, उसमें हमारे दलित भाइयों के साथ न्याय किया जाए, उन्हें उचित मुआवजा दें और दोषियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। अगर एक हफ्ते में मांगे नहीं मानी गईं तो हम लोग विधानसभा पर ताला डाल देंगे और योगी जी को भी विधानसभा में नहीं घुसने दिया जाएगा। वहीं सीओ हजरतगंज अवनिश मिश्रा के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों के उग्र रूप को देख पुलिस सभी को थाने ले आई, जहां से उन्हें गिरफ्तार तक पुलिस लाइन भेज दिया गया।

सपा एमएलसी से हुई नोकझोंक

प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी की सूचना पाकर मौके पर समाजवादी पार्टी के एमएलसी सुनील कुमार साजन हजरतगंज कोतवाली इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की अघ्यक्ष रिचा सिंह के साथ पहुंच गये। पुलिस के मुताबिक, सुनील और रिचा प्रदर्शनकारियों को अपनी कार में ले जाने का जबरन दबाव बना रहे थे, इसे लेकर दोनों पक्षों में काफी देर तक तीखी नोंकझोक हुई। हालांकि पुलिस ने कोतवाली से पुलिस बल के साथ सभी को पुलिस लाइन भेज दिया।

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