कल आगरा एक्सप्रेस-वे पर अभ्यास करेंगे 16 लड़ाकू विमान, इमरजेंसी में होगा इस्तेमाल

कल आगरा एक्सप्रेस-वे पर अभ्यास करेंगे 16 लड़ाकू विमान, इमरजेंसी में होगा इस्तेमालदूसरी बार है जब लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर फाइटर प्लेन लैंड करेंगे। - फाइल फोटो

लखनऊ। प्रदेश की राजधानी लखनऊ को आगरा से जोडऩे वाले लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार को उन्नाव के बांगरमऊ के पास बनी 3.3 किमी एयर स्ट्रिप पर भारतीय वायुसेना के फाइटर प्लेन के साथ मालवाहक विमान टच डाउन करेंगे। इस दौरान मालवाहक विमान हरक्यूलिस यहां लैंड भी करेगा। वायु सेना के इस अभ्यास के लिए एक्सप्रेस-वे पर सोमवार से आगरा और लखनऊ से ही यातायात रोक दिया जाएगा। यह प्रतिबंध मंगलवार दोपहर दो बजे कार्यक्रम समाप्ति तक जारी रहेगा। डिफेंस से जुड़े डिफेंस ऑफिसर की मानें तो यह क्षेत्र चीन (डोकलाम बॉर्डर) और पाकिस्तान (राजस्थान से लगे बॉर्डर) की मिसाइल रेंज से बाहर है। इमरजेंसी में फाइटर जेट यहां से आसानी से उड़ान भर सकेंगे।

रक्षा मंत्रालय (सेंट्रल कमांड) की जनसंपर्क अधिकारी गार्गी मलिक सिन्हा ने बताया, "भारतीय वायुसेना की टीम आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे उन्नाव जिले के निकट एयर स्ट्रिप पर उतरने और उड़ान भरने का अभ्यास करेगी। इस अभ्यास में भारतीय वायुसेना के 20 विमान हिस्सा लेंगे, जिसमें लड़ाकू और परिवहन विमान शामिल होंगे। इनमें मिराज 2000, जगुआर, सुखोई 30 और एएन-32 परिवहन विमान शामिल होंगे। इसके उतरने और उड़ान भरने का मुख्य अभ्यास 24 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से होगा।"

आगरा एक्सप्रेस-वे का उद्‌घाटन पिछले साल 21 नवंबर को तीन सुखोई-30 और तीन मिराज-2000 लड़ाकू विमानों के टच डाउन के साथ हुआ था। अब एक बार फिर वायु सेना इसी जगह बड़ा अभ्यास करने जा रही है। पहले यहां 20 विमानों के टचडाउन की तैयारी थी, लेकिन बाद इनकी संख्या घटाकर 17 कर दी गई। ये विमान चार अलग-अलग एयरफोर्स स्टेशनों से उड़ान भरेंगे। फिलहाल वायु सेना ने इन स्टेशनों की जानकारी नहीं दी है, हालांकि स्टेशनों के बीच तालमेल बिठाने के लिए बांगरमऊ के पास ही अस्थायी कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है और पूरा कार्यक्रम बीकेटी एयरफोर्स स्टेशन के अधिकारियों की निगरानी में होगा।

धुली गई पूरी एयर स्ट्रिप

लड़ाकू विमानों के टचडाउन की तैयारी के लिए पूरी एयर स्ट्रिप धुली गई है। यूपीडा के सहायक अभियंता विशाल पांडेय के मुताबिक, चार-पांच दिन से एयर स्ट्रिप के आस-पास मिट्टी पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। इसके अलावा कार्यक्रम के दौरान जरूरी वाहनों की आवाजाही के लिए एयर स्ट्रिप के दोनो ओर बैरीकेटिंग कर दूसरी सड़क भी बनाई जा रही है।

हजारों लोगों के बैठने का इंतजाम

एयर स्ट्रिप से कुछ दूर टेंट लगाकर लोगों के बैठने की भी व्यवस्था की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, कितने लोग आएंगे, इसकी संख्या निर्धारित नहीं है। इसके बावजूद करीब 1500 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है।

तैनात होंगे गरुड़ कमांडो

वायु सेना के अभ्यास के दौरान गरुड़ कमांडोज पूरी एयर स्ट्रिप की निगरानी करेंगे। इन कमांडोज को मंगलवार सुबह ही एयर स्ट्रिप पर उतार दिया जाएगा।

ये है कार्यक्रम

  • सुबह 10 बजे मालवाहक हरक्यूलिस सी-130 एक्सप्रेस-वे पर उतरेगा। इसमें से गरुण कमांडो उतरेंगे और एयर स्ट्रिप का घेराव करेंगे।
  • गरुण कमांडोज से सिग्नल मिलने के बाद तीन जगुआर उतरेंगे और फिर यहीं से उड़ाने भरेंगे।
  • जगुआर के बाद तीन मिराज-2000 एक साथ उतरेंगे, इनके उड़ान भरते ही तीन और मिराज यहां उतरेंगे।
  • मिराज के उड़ने के बाद तीन सुखोई-30 एयर स्ट्रिप पर टच डाउन करेंगे। इनके जाने के बाद फिर से तीन सुखोई-30 एयर स्ट्रिप छूकर उड़ान भरेंगे।
  • आखिर में मालवाहक हरक्यूलिस सी-130 फिर से आएगा और गरुड़ कमांडोज को लेकर रवाना होगा।

इमरजेंसी में होगा इस्तेमाल

  • लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे कुल 302 किमी का है। इसमें 6 लेन बने हुए हैं। एक्सप्रेस वे पर जिस एरिया में एयर स्ट्र‍िप बनाया गया है, वह उन्नाव जिले के बांगरमऊ क्षेत्र में आता है। इस
    एयर स्ट्रिप की लंबाई 3.3 किलोमीटर है।
  • डिफेंस से जुड़े डिफेंस ऑफिसर की मानें तो यह क्षेत्र चीन (डोकलाम बॉर्डर) और पाकिस्तान
    (राजस्थान से लगे बॉर्डर) की मिसाइल रेंज से बाहर है। इमरजेंसी में फाइटर जेट यहां से
    आसानी से उड़ान भर सकेंगे।

क्यों बनाई जा रही एक्सप्रेस-वे पर एयर स्ट्रिप

  • जंग के दौरान सबसे पहले हवाई हमले एयरबेस और एयरपोर्ट पर ही किए जाते हैं, ताकि फाइटर प्लेन उड़ान न भर सकें।
  • ऐसे में, एक्सप्रेस-वे पर बनी एयर स्ट्रिप ही फाइटर प्लेन के लैंड करने और टेक ऑफ करने के काम आती है।
  • इसी बात का ध्यान रखते हुए एयरफोर्स चाहती थी कि देश में स्ट्रैटजिकल इम्पॉर्टेंस वाले हाईवे पर एयर स्ट्रिप बनाई जाएं।

यूपी में एयर स्ट्रिप वाले तीन एक्सप्रेस-वे होंगे

नोएडा से आगरा के बीच बना यमुना एक्सप्रेस-वे देश का पहला एक्सप्रेस-वे है, जहां एयरफोर्स ने फाइटर प्लेन जगुआर को उतारा था। इसके बाद इसी तरह की एयर स्ट्रिप लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर बनाई गई।

अब लखनऊ से बलिया तक बनने जा रहे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर भी इसी तरह की एयर स्ट्रिप बनाई जाएगी। इसके बन जाने के बाद यूपी में तीन एक्सप्रेस-वे हो जाएंगे, जहां फाइटर प्लेन उतारने की फैसिलिटी होगी।

यूपी में फाइटर प्लेन के लिए इलाहाबाद एयरबेस मुख्य

यूपी में फाइटर जेट्स के लिए इलाहाबाद एयरबेस मुख्य है। इनके अलावा लखनऊ के बीकेटी एयरबेस पर भी मिग फाइटर प्लेन उतरते रहे हैं, लेकिन यहां ट्रांसपोर्ट प्लेन सी 130 को अभी तक नहीं उतारा गया है। वहीं, बनारस और गोरखपुर एयरपोर्ट पर भी फाइटर प्लेन को उतारा जा सकता है।

यातायात बंद

लखनऊ से आगरा एक्सप्रेस-वे पर जाने वाले वाहन आज सुबह 10 बजे से मंगलवार दोपहर दो बजे तक नहीं जा सकेंगे। बुद्धेश्वर से मोहान और कटी बगिया से मोहान की तरफ वाहन आज सुबह 10 बजे से मंगलवार दोपहर दो बजे तक नहीं आ जा सकेंगे। लखनऊ से आगरा व दिल्ली की ओर जाने वाले वाहन लखनऊ से हरदोई से थाना लोनार से सवायजपुर हरदोई से घटियाघाट गंगापुल होते हुए आगरा व दिल्ली की ओर जाएंगे।

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