बेटी का शव लिए रोते हुए पिता ने कहा, ‘साहब मेरी बेटी बच सकती थी...’

बेटी का शव लिए रोते हुए पिता ने कहा,  ‘साहब मेरी बेटी बच सकती थी...’20 दिन बाद मिला लापता बोटी का शव।

लखनऊ। ‘साहब मेरी बेटी बच सकती थी, अगर पुलिस वक्त रहते उसे खोज लेती, लेकिन जब थाने जाता था तो एक ही जवाब मिलता था, पता कर लो किसी लड़के के साथ तो नहीं चली गई, घर जाओ खुद पर खुद घर जल्दी लौट आएगी।’ पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बिलखते पिता ने कहा।

पुलिस के इस अमानवीय रवैये से एक पिता को उसकी बेटी तो नहीं मिली, पर बीस दिनों बाद बुधवार की सुबह घर के पास एक झोपड़े में उसका शव जरूर मिला, जिस पर चोट के कई निशान और बांया पैर पूरी तरह टूटा था। एक पिता की इस व्यथा को सुन पोस्टमार्टम हाउस पर खड़े हर किसी की आंखें भर आई। पीड़ित पिता अपनी नाबालिग बेटी के शव को गोद में रखकर सिर्फ पुलिसवालों को मायूसी से देख रहा था कि शायद पुलिस अगर वक्त रहते उसकी बेटी को खोज लेती तो शायद वह सही सलामत मिल जाती।

मृत बेटी के पिता।

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हुसैनगंज के उदयगंज स्थित अलंकार सिनेमा के पास अजय कुमार (सब परिवर्तन नाम) अपनी दो बेटी आरती और शिवानी के साथ रहते हैं। अजय ने बताया कि उसकी छोटी बेटी आरती एक मई की शाम घर से अचानक लापता हो गई थी जिसे आस-पास के घरों में खोजने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं मिली।

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इसके बाद मोहल्ले वालों की मदद से हुसैनगंज थाने पहुंचा, जहां एक सिपाही ने कार्रवाई नहीं की और मामला भी यह कहकर टरका बताया कि, बेटी का पता कर लो किसी लड़के के साथ तो नहीं चली गई, जब न पता लग पाये उसके बाद आकर मुकदमा दर्ज करा देना। इसके बाद ही उसे खोजने का प्रयास किया जाएगा। पिता की मानें, तो दस दिन बाद 11 मई को उन्होंने बेटी के न मिलने पर थाने पर मुकदमा दर्ज हुआ लेकिन बुधवार सुबह मोहल्ले के कुछ युवकों ने आकर बताया कि, आपकी लड़की पास के ही एक झोपड़ी में अधमरी हालत में पड़ी है। यह सूचना पाकर तत्काल पुलिस को पूरी बात बताई और पीड़ित परिवार घटनास्थल पर पहुंच गया।

बुधवार को लखनऊ के ऐशबाग में मिला शव

वहीं पुलिस इस मामले में कुछ और बोल रही है। सीओ हजरतगंज ने बताया , “रामलीला मैदान के पास रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी एक महीने पहले घर से बिना बताये किसी के साथ चली गई थी।” घरवाले उसकी तलाश करते रहे, लेकिन वह नहीं मिली जब बुधवार को बाजारखाला थानाक्षेत्र के ऐशबाग से युवती का शव बरामद हुआ तो हडकंप मच गया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पहचान की तो पूरा मामला सामने आ गया।

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पुलिस बोली प्रेगनेंट थी युवती, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने कहा- पैर टूटा था

स्थानीय लोगों ने रेप के बाद हत्या कर शव फेंके जाने की आशंका जताई है लेकिन पुलिस का कहना है कि युवती गर्भवती हो गई थी। इसके चलते उसने गर्भपात की दवाएं खा लीं। हालत बिगड़ने पर उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां हालत बिगड़ते देख उसे डॉक्टरों ने ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। ट्रामा में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। फिलहाल पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह साफ हो पाएगी। वहीं एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि, इस केस में अगर किसी भी तरह से पुलिस की लापरवाही पाई गई, तो लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे केस की जांच का जिम्मा सीओ हजरतगंज को दे दिया है।

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