निर्विरोध ब्लॉक प्रमुख बने थे इन्द्रेश, उपचुनाव हारे

निर्विरोध ब्लॉक प्रमुख बने थे इन्द्रेश, उपचुनाव हारेअजय वर्मा को जीत का प्रमाण पत्र देते डीएम और एसपी। साथ में एसडीएम और अन्य अधिकारी।

मोहम्मद परवेज, स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट

तिर्वा (कन्नौज)। उमर्दा ब्लॉक प्रमुख के उपचुनाव में भाजपा समर्थित प्रत्याशी ने सपा समर्थित प्रत्याशी को 59 मतों से करारी शिकस्त दी। सभी 145 बीडीसी ने अपने-अपने वोट डाले । चार मत अवैध पाए गए।

जिला मुख्यालय से 16 किमी दूर उमर्दा ब्लॉक मुख्यालय पर प्रमुख पद के उपचुनाव के लिए मतदान प्रक्रिया रविवार को पूर्वाह्न 11 बजे शुरू हुई। मतगणना अपराह्न तीन बजे एसपी हरीश चन्दर, एएसपी केशव चन्द्र गोस्वामी, एसडीएम शालिनी प्रभाकर, सीओ मोनिका यादव, एडीईओ बिनीत कटियार और एआरओ डॉ. राजेश कुमार की मौजूदगी में शुरू हुई।

जिलाधिकारी जगदीश प्रसाद ने बताया, "उमर्दा ब्लॉक प्रमुख के उपचुनाव में दो प्रत्याशी थे। 100 मत अजय कुमार को मिले। इंद्रेश यादव को 41 और चार मत अवैध पाए गए। इस तरह अजय कुमार 59 मतो से विजय घोषित हुए।"

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डीएम आगे बताते हैं, "एक वोटर ने किसी को भी मतदान नही किया। दूसरे बीडीसी ने द्वितीय वरीयता का मत इंद्रेश को दिया। प्रथम वरीयता का मत न होने की वजह से तीसरा मत भी अवैध घोषित किया गया। चौथे मत पत्र पर जो गिनती लिखी थी, वो अस्पष्ट थी। इस वजह से इसको भी अवैध घोषित किया गया।"

प्रमुख पद पर उपचुनाव जीतने के बाद अजय कुमार वर्मा ने बताया, " इससे पहले उनकी पत्नी रंजना वर्मा दो बार उमर्दा ब्लॉक प्रमुख पद पर चुनाव जीत चुकी हैं। बाद में उनका निधन हो गया था। मैं पहली बार चुनाव जीता हूं। पूर्व में सीट आरक्षित होने की वजह से एक बार लौंग श्री कठेरिया को प्रमुख पद पर चुनाव जितवाया था।"

गसीमपुर के 55 वर्षीय बीडीसी महेश चन्द्र कहते हैं, "अगर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पद पर रहते हुए अजय वर्मा का दर्द समझा होता तो आज ये नौबत नहीं आती। यह पद सत्ता का होता है।"

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सपा सरकार में इंद्रेश यादव निर्विरोध प्रमुख बने थे। इनके खिलाफ पर्चा भरने वाले अजय कुमार वर्मा ने तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आश्वासन पर उम्मीदवारी वापस ले ली थी। बाद में अजय ने सपा पर आरोप लगाया था कि उनको कही भी समायोजित नहीं किया गया। मेरी राजनीति खत्म करने का प्रयास किया गया। बीते महीनों ब्लॉक प्रमुख इंद्रेश यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास हो गया था। डीएम ने कार्यवाहक प्रमुख की जिम्मेदारी अजय को दे दी थी। इससे इंद्रेश को अपने पद से हटना पड़ा था। उपचुनाव में इंद्रेश प्रमुख पद के प्रत्याशी बने लेकिन इनको हार का मुँह देखना पड़ा।

एक-एक वोट डीएम ने गिना

डीएम जगदीश प्रसाद मतदान और मतगणना दोनों समय ही मौजूद रहे। डीएम ने अपने अपने हाथों से एक-एक वोट गिना। वैध और अवैध मत देखे। एक-एक मत गिनती के समय मौजूद प्रत्याशियों को दिखाया। बाद में पूछने पर सभी ने गिनती में संतुष्टि दिखाई। हालाँकि गिनती में एडीईओ और एआरओ भी लगे रहे।

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