‘ऑस्ट्रेलिया में पढ़े अखिलेश खेती-किसानी नहीं जानते’

‘ऑस्ट्रेलिया में पढ़े अखिलेश खेती-किसानी नहीं जानते’बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी। 

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी ने यूपी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में लघु और सीमान्त किसानों के एक लाख तक की कर्जमाफी को ऐतिहासिक बताया। प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि भाजपा सरकार ने चुनाव पूर्व लिए संकल्प का हूबहू पालन कर उच्चतम राजनीतिक मूल्यों की स्थापना की है।

त्रिपाठी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के इस निर्णय की आलोचना किए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अखिलेश यादव खेती-किसानी से परे रहे हैं। उन्हें राजनीति विरासत में मिली है। ऑस्ट्रेलिया से शिक्षित अखिलेश उन किसानों की खुशी से वाकिफ नहीं जिन्हें कर्जमाफी से बड़ी राहत मिली है।

राकेश त्रिपाठी ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि अखिलेश यादव ने ना तो किसानों के दुख-दर्द को कभी समझा और ना ही उन्हें इस निर्णय से हुई खुशी का अंदाजा है। समाजवादी पार्टी केवल राजनीतिक विरोध के कारण ही इस बड़े व प्रभावी निर्णय का विरोध कर रही है। इस विरोध से सपा किसानों में अपना बचा-खुचा स्थान भी खो बैठेगी।

उनका कहना है कि पिछले पन्द्रह वर्षों से प्रदेश का किसान प्राकृतिक आपदाओं, सरकारी कुप्रबंधन से मुफलिसी की कगार पर पहुंच चुका था। कर्ज के बोझ से दबे किसानों के खिलाफ अखिलेश यादव ने चीनी मिल मालिकों से सांठगांठ करके उनके ब्याज को हड़पने तक का कुकृत्य किया था। अब जबकि योगी सरकार ने किसानों की आर्थिक समृद्धि की शुरुआत अपनी पहली कैबिनेट बैठक से ही कर दी है तो अखिलेश द्वारा इसका विरोध समझ से परे है। अखिलेश यादव विपक्ष की भूमिका में है, विरोध उनका अधिकार है, लेकिन यह नहीं समझ से परे है कि अखिलेश जी सरकार का विरोध कर रहे है या किसानो का ?

‘राहुल ने की तारीफ, अखिलेश ने कहा धोखा’


त्रिपाठी ने कहा कि एक तरफ तो गठबंधन की सहयोगी कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने इस निर्णय की तारीफ की है वहीं अखिलेश यादव ने इसे धोखा कहा। गठबंधन में परस्पर विरोधाभासी बयानों के क्या निहितार्थ है ? त्रिपाठी ने कहा कि राहुल गांधी को कर्ज माफी पंसद आई लेकिन अखिलेश को सहयोगी दल की बात भी पस‍ंद नहीं आई। अखिलेश यादव ने गठबंधन जारी रखने की बात की थी लेकिन इस बड़े फैसले पर भी गठबंधन की गांठे खुलती दिख रही हैं।

अब किसानों को मिलेगी राहत

प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदने के बड़े लक्ष्य से उत्तर प्रदेश के गेहूं किसानों को न केवल बिचौलियों से राहत मिलेगी बल्कि आर्थिक समृद्धि भी बढ़ेगी। आलू किसानों के लिए भी सरकार की ठोस पहल किसानों के प्रति संवेदनशीलता को दिखाती है। प्रदेश की योगी सरकार केन्द्र की मोदी सरकार के पदचिन्हों पर चलकर गाँव-गरीब किसान के लिए समर्पित रहेगी। पहली कैबिनेट के फैसलों से इसकी साफ झलक दिखाई पड़ी है।

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top